जेपीएससी परीक्षा विवाद: छात्रों ने SC से हस्तक्षेप की गुहारी लगाई, कुत्तों के मामले में खुले रहे कोर्ट से सवाल
रांची में जेपीएससी परीक्षा विवाद को लेकर आक्रोशित छात्र अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे हैं. छात्र ने सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप करने की अपील की है कि वह छात्रों के भविष्य के लिए भी भूमिका निभाएं.

सौजन्य से:- Aaj Tak News
Sign In
Advertisement
X
रांची में जेपीएससी (JPSC) परीक्षा विवाद को लेकर आक्रोशित छात्र अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे हैं. ग्यारहवीं से तेरहवीं जेपीएससी परीक्षा के मामले में एक साल से तारीख पर तारीख मिलने से परेशान छात्रों ने न्याय की गुहार लगाई है. दो बार इंटरव्यू दे चुके और प्रीलिम्स पास कर चुके एक छात्र ने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है. छात्र ने कहा कि संवैधानिक संस्था की स्थिति पर अदालत की खामोशी उन्हें चुभ रही है. वहीं, सरकार से प्रतिनिधिमंडल बातचीत करने पहुंचा है.
एक छात्र ने प्रदर्शनों पर सुप्रीम कोर्ट की भूमिका पर सवाल करते हुए कहा कि मेरा माननीय अदालत से निवेदन है कि आप महामहीम भीष्म और गुरु द्रोण की तरह मूकदर्शक बनना छोड़ दीजिए. एक संवैधानिक संस्था का चीरहरण हो गया है और आपकी खामोशी हमें चुभ रही है, आप अफजल गुरु के लिए रात में तीन बजे सुप्रीम कोर्ट खोल सकते हैं.
'छात्रों के भविष्य के लिए हस्तेक्षप करें'
छात्र ने सवाल करते हुए कहा कि कुत्तों के लिए भी सुप्रीम कोर्ट खुल जाता है तो क्या हमें कुत्ता बनना पड़ेगा? इसीलिए आपसे निवेदन है, छात्रों के भविष्य के लिए भी हस्तक्षेप करें. Suo Motu सिर्फ कुत्तों के लिए तो है नहीं, हमारे लिए भी रखिए. हम भी यहां के बच्चे हैं.
'सुनवाई न होना छात्रों की गलती नहीं'
छात्र ने कहा कि ग्यारहवीं से तेरहवीं जेपीएससी मामले में एक साल से तारीख ही नहीं मिल रही है. छात्र ने मांग की कि अदालत तारीख देकर तीन महीने में सुनवाई पूरी करे, अगर छात्र गलत साबित होते हैं तो उन्हें हटा दिया जाए, लेकिन सुनवाई न होना उनकी गलती नहीं है.
उन्होंने बताया कि प्रदर्शन स्थल पर चार छात्र अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे हुए हैं. छात्रों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन पूरी तरह से गैर-राजनीतिक है. वो किसी भी नेता या मंत्री का नैतिक समर्थन तो लेंगे, लेकिन मंच केवल उन्हीं पीड़ित छात्रों को देंगे, जिन्होंने वास्तव में मेन्स और इंटरव्यू दिया है.
---- समाप्त ----
Latest News in Hindi »
Advertisement
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: अदालती वीडियो का उपयोग अब मीडिया नहीं कर सकेगी

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, वैध एमवीए परमिट होने पर भारत से बाहर भी मिलेगा बीमा कवर

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कुल्लू के डीसी-एसपी बदलते हैं, रेव पार्टी मामले में कार्रवाई

कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए: सुप्रीम कोर्ट में नए जजों की नियुक्ति

सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक पत्रकारिता में एक नई व्यवस्था की स्वीकृति दी

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने अभिषेक बनर्जी की विदेश यात्रा पर लगाई रोक

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, छात्रों पर बल प्रयोग के लिए 'शक्तिशाली राज्य' का नंगा देखावा नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने किया स्पष्टीकरण: मीडिया वीडियो-ऑडियो क्लिप बिना साझा कर सकता है लाइव रिपोर्टिंग
ताज़ा ख़बरें
- हिमाचल हाई कोर्ट: सरकारी विभागों में आउटसोर्सिंग पर नाराजगी
- सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश: बीमा नहीं तो ईंधन नहीं, केंद्र को दिए निर्देश
- सुप्रीम कोर्ट 22 सितंबर को सुनेगा संसद-विधानसभा उपचुनाव का मामला
- आसाराम को 20 दिन की पैरोल मिली, जानें पूरा मामला
- SC बाल पुनर्विचार के लिए तैयार, सुनवाई में बड़ी पीठ की आवश्यकता की संभावना
- भोजशाला विवाद: सुप्रीम कोर्ट में आज की सुनवाई से तय होगी आगे की राह
- हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: चरित्र प्रमाण पत्र के लिए नहीं रुकेंगे आपराधिक मुकदमे
- अदालत के फ़ैसले पर दो मंत्रियों का बयान, योगगुरु और खिलाड़ी की मानें, खिलाड़ी को क्या मिला?

