TMC के बैंक खातों पर फ्रीज की कार्रवाई को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती
अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा अपने बैंक खातों को फ्रीज करने की कार्रवाई को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. यह मामला धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत चल रही जांच से जुड़ा हुआ है और अब सुप्रीम कोर्ट में इसकी सुनवाई होगी.

सौजन्य से:- AajTak
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अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बैंक खाते फ्रीज किए जाने का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. पार्टी ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई को चुनौती देते हुए कोलकाता हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की है.
दरअसल, 20 जुलाई को कोलकाता हाई कोर्ट ने ED द्वारा HDFC बैंक में TMC के तीन खातों को फ्रीज करने पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था. अदालत ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत चल रही मनी लॉन्ड्रिंग जांच पर रोक लगाने की मांग भी खारिज कर दी थी.
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मामले की शुरुआत 18 जून को हुई, जब पश्चिम बंगाल के विधायक विश्वनाथ दास ने बिधाननगर साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई. विश्वनाथ दास बागी गुट में शामिल हैं. शिकायत में आरोप लगाया गया था कि अवैध गतिविधियों, प्रभाव के दुरुपयोग और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन से जुटाए गए धन का इस्तेमाल HDFC बैंक के तीन खातों के जरिए किया गया.
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इसके बाद ED ने 23 जून को ECIR दर्ज की और 7 जुलाई को TMC के HDFC बैंक के तीन खातों समेत कुल छह बैंक खातों को फ्रीज कर दिया.
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ED का आरोप है कि धन को दूसरी जगह भेजने की कथित योजना के तहत पार्टी के एक खाते से केयरवेल एविएशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को करीब 133.84 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए. अब इस पूरे मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी.
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