आजीवन कारावास की सजा: पति की हत्या कर शव को सूटकेस में छिपाने वाली महिला का कुनकुरी अदालत ने किया दोषी
कुनकुरी के द्वितीय अपर सत्र न्यायालय ने पति की हत्या कर उसके शव को सूटकेस में छिपाने वाली महिला को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है. इस केस में अदालत ने आरोपी महिला को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत हत्या का दोषी ठहराया है.

सौजन्य से:- ETV Bharat
पति की हत्या कर सूटकेस में शव छिपाया, अदालत ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा
जशपुर के कुनकुरी में पति की हत्या कर महिला ने शव को सूटकेस में छिपाया था. इस केस में अदालत ने सजा सुनाई है.
By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : July 31, 2026 at 3:29 PM IST
जशपुर: जिले के बहुचर्चित भिंजपुर हत्याकांड में अदालत ने फैसला सुनाया है. कुनकुरी के द्वितीय अपर सत्र न्यायालय ने आरोपी पत्नी मंगरीता बाई को दोषी करार दिया है. अदालत ने आरोपी महिला को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है. न्यायालय ने अपने फैसले में स्पष्ट टिप्पणी करते हुए कहा कि इस तरह के जघन्य हत्या के मामलों में किसी भी प्रकार की नरमी न्याय और समाज, दोनों के हित में स्वीकार्य नहीं है.
साल 2025 की घटना
पूरी घटना दुलदुला थाना क्षेत्र के ग्राम भिंजपुर की है. यहां 7 नवंबर 2025 को पति की हत्या कर उसके शव को ट्रॉली सूटकेस में छिपा देने की सनसनीखेज घटना सामने आई थी. इस घटना ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया था. अभियोजन के अनुसार भिंजपुर निवासी संतोष भगत और उसकी पत्नी मंगरीता बाई के बीच विवाह के बाद से ही अक्सर विवाद होता रहता था.
मसाला पीसने वाले बट्टे से उतारा मौत के घाट
पारिवारिक कलह से परेशान होकर मंगरीता बाई रोजगार की तलाश में मुंबई चली गई थी. लंबे समय बाद वह अपने गांव लौटी, लेकिन 7 नवंबर 2025 की रात पति-पत्नी के बीच आरोपी महिला के एक रिश्तेदार के साथ कथित संबंधों को लेकर फिर विवाद हो गया. विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्से में आकर मंगरीता बाई ने मसाला पीसने वाले बट्टे से संतोष भगत के सिर पर कई वार कर दिए. गंभीर चोट लगने और अत्यधिक रक्तस्राव होने से संतोष की मौके पर ही मौत हो गई.
हत्या के बाद आरोपी ने अपराध छिपाने की पूरी कोशिश की. उसने पति के शव को ट्रॉली सूटकेस में भर दिया, घर के फर्श पर फैले खून को साफ किया और बाहर से घर में ताला लगा दिया. शव को ठिकाने लगाने का प्रयास भी किया, लेकिन सूटकेस भारी होने के कारण वह उसे ले जाने में सफल नहीं हो सकी. इसके बाद अगले दिन घर को बंद कर मुंबई भागने के इरादे से रायगढ़ की ओर निकल गई.
पुलिस ने तुरंत की कार्रवाई
संतोष भगत के काफी देर तक घर से बाहर नहीं निकलने पर परिजनों को संदेह हुआ. पुलिस की मौजूदगी में घर का दरवाजा तोड़ा गया तो भीतर सूटकेस में बंद शव मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई. घटना की गंभीरता को देखते हुए जशपुर पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की. तकनीकी साक्ष्यों एवं तुरंत कार्रवाई के आधार पर मुंबई की ओर जा रही आरोपी मंगरीता बाई को रास्ते से गिरफ्तार कर लिया. विवेचना पूरी कर पुलिस ने न्यायालय में आरोप-पत्र प्रस्तुत किया.
अदालत ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा
मामले की सुनवाई कुनकुरी के द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश बलराम देवांगन की अदालत में हुई. अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलों, प्रस्तुत साक्ष्यों तथा गवाहों के बयान का परीक्षण हुआ. इसके बाद न्यायालय ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत हत्या का दोषी ठहराया. अदालत ने आरोपी महिला को आजीवन सश्रम कारावास एवं 1,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई. बीएनएस की धारा 238 के तहत साक्ष्य मिटाने के अपराध में तीन वर्ष का सश्रम कारावास एवं 500 रुपये अर्थदंड भी लगाया. फैसले में न्यायालय ने कहा कि इस प्रकार के जघन्य अपराधों में उदारता बरतना न्याय व्यवस्था और समाज, दोनों के हितों के प्रतिकूल होगा.
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