सुप्रीम कोर्ट ने TMC के चार बैंक खातों को चलाने की याचिका खारिज की, ममता बनर्जी को मिला बड़ा झटका
सुप्रीम कोर्ट ने ममता बनर्जी की टीएमसी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया, जिसमें रोक लगे चार बैंक खातों को संचालित करने की अनुमति मांगी गई थी। कोर्ट ने कहा कि वह कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप नहीं करेगा और यह मुद्दा अभी निर्वाचन आयोग के निर्णय पर निर्भर है।

सौजन्य से:- ETV Bharat
ममता बनर्जी को सुप्रीम कोर्ट से झटका, TMC की चार बैंक खातों को संचालित करने से जुड़ी याचिका खारिज
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Published : October 1, 2026 at 6:38 PM IST
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को ममता बनर्जी नीत तृणमूल कांग्रेस गुट को बड़ा झटका दिया है. अदालत ने ममता के नेतृत्व वाले टीएमसी की उस याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया, जिसमें लेन-देन पर रोक वाले चार बैंक खातों को संचालित करने की अनुमति देने का अनुरोध किया गया था. जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति पी.बी. वराले की बेंच ने कहा कि वह कलकत्ता उच्च न्यायालय के उस आदेश में हस्तक्षेप करने की इच्छुक नहीं है, जिसमें ऐसी अनुमति देने से इनकार किया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि निर्वाचन आयोग ने चुनाव चिह्न पर रोक लगाई है. इसलिए इन खातों में मौजूद राशि पर अधिकार किसका है, यह बड़ा मुद्दा अभी न्यायिक निर्णय के लिए लंबित है. बेंच ने कहा, "हम मामले के गुण-दोष पर विचार करने से परहेज कर रहे हैं. हम संविधान के अनुच्छेद 136 के तहत अपने अधिकार क्षेत्र का इस्तेमाल करने के इच्छुक नहीं हैं. हम हाई कोर्ट से अनुरोध करते हैं कि वह मामले की सुनवाई में तेजी लाए." इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाई कोर्ट के उस अंतरिम इंतज़ाम में दखल देने से मना कर दिया था, जिसमें पार्टी के रोजाना के खर्चों के लिए उन अकाउंट को चलाने की इजाजत दी गई थी.
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को ममता बनर्जी नीत तृणमूल कांग्रेस गुट को बड़ा झटका दिया है. अदालत ने ममता के नेतृत्व वाले टीएमसी की उस याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया, जिसमें लेन-देन पर रोक वाले चार बैंक खातों को संचालित करने की अनुमति देने का अनुरोध किया गया था. जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति पी.बी. वराले की बेंच ने कहा कि वह कलकत्ता उच्च न्यायालय के उस आदेश में हस्तक्षेप करने की इच्छुक नहीं है, जिसमें ऐसी अनुमति देने से इनकार किया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि निर्वाचन आयोग ने चुनाव चिह्न पर रोक लगाई है. इसलिए इन खातों में मौजूद राशि पर अधिकार किसका है, यह बड़ा मुद्दा अभी न्यायिक निर्णय के लिए लंबित है. बेंच ने कहा, "हम मामले के गुण-दोष पर विचार करने से परहेज कर रहे हैं. हम संविधान के अनुच्छेद 136 के तहत अपने अधिकार क्षेत्र का इस्तेमाल करने के इच्छुक नहीं हैं. हम हाई कोर्ट से अनुरोध करते हैं कि वह मामले की सुनवाई में तेजी लाए." इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाई कोर्ट के उस अंतरिम इंतज़ाम में दखल देने से मना कर दिया था, जिसमें पार्टी के रोजाना के खर्चों के लिए उन अकाउंट को चलाने की इजाजत दी गई थी.
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