सुप्रीम कोर्ट ने ममता बनर्जी के TMC के चार बैंक खातों की याचिका को खारिज कर बड़ी झटका मारा
सुप्रीम कोर्ट ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस गुट की याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया, जिसमें चार फ्रीज किए गए बैंक खातों को चलाने की अनुमति माँगी गई थी। कोर्ट ने कहा कि वह कलकत्ता हाई कोर्ट के अंतरिम आदेश में दखल नहीं देना चाहता और इस वित्तीय अधिकार के प्रश्न को अभी न्यायिक निर्णय के लिए रखता है।

सौजन्य से:- ETV Bharat
ममता बनर्जी को सुप्रीम कोर्ट से झटका, TMC की चार बैंक खातों को संचालित करने से जुड़ी याचिका खारिज
बेंच ने कहा कि वह कलकत्ता हाई कोर्ट के उस आदेश में दखल नहीं देना चाहती, जिसने अर्जी को मानने से इनकार कर दिया था.
Published : October 1, 2026 at 1:39 PM IST
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को ममता बनर्जी नीत तृणमूल कांग्रेस गुट को बड़ा झटका दिया है. अदालत ने ममता के नेतृत्व वाले टीएमसी की उस याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया, जिसमें लेन-देन पर रोक वाले चार बैंक खातों को संचालित करने की अनुमति देने का अनुरोध किया गया था.
जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति पी.बी. वराले की बेंच ने कहा कि वह कलकत्ता उच्च न्यायालय के उस आदेश में हस्तक्षेप करने की इच्छुक नहीं है, जिसमें ऐसी अनुमति देने से इनकार किया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि निर्वाचन आयोग ने चुनाव चिह्न पर रोक लगाई है. इसलिए इन खातों में मौजूद राशि पर अधिकार किसका है, यह बड़ा मुद्दा अभी न्यायिक निर्णय के लिए लंबित है.
बेंच ने कहा, "हम मामले के गुण-दोष पर विचार करने से परहेज कर रहे हैं. हम संविधान के अनुच्छेद 136 के तहत अपने अधिकार क्षेत्र का इस्तेमाल करने के इच्छुक नहीं हैं. हम हाई कोर्ट से अनुरोध करते हैं कि वह मामले की सुनवाई में तेजी लाए." इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाई कोर्ट के उस अंतरिम इंतज़ाम में दखल देने से मना कर दिया था, जिसमें पार्टी के रोजाना के खर्चों के लिए उन अकाउंट को चलाने की इजाजत दी गई थी.
इससे पहले ईडी ने भी मनी-लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में टीएमसी के तीन बैंक अकाउंट फ्रीज कर दिए थे. कलकत्ता हाई कोर्ट ने 27 अगस्त को ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल गुट को करीब 804 करोड़ रुपये वाले चार बैंक खातों को संचालित करने की अंतरिम अनुमति देने से इनकार कर दिया था. इन बैंक खातों में लेन-देन पर रोक लगाई गई है.
कलकत्ता हाई कोर्ट ने कहा था कि ऐसी राहत उसके पहले के उस आदेश को कमजोर कर देगी, जिसके तहत राजनीतिक दल को अपने रोजमर्रा के खर्चों को पूरा करने की अनुमति दी गई थी.
ये भी पढ़ें: ममता बनर्जी को हाई कोर्ट से बड़ी राहत: चुनाव चिह्न फ्रीज होने के बाद भी बैंक अकाउंट इस्तेमाल करने की इजाजत
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
मंत्रालय ने पेट्रोलियम कानून 2026 के अध्यादेश पर प्रतिक्रिया मांगी

बिना सूचना के पीठ परिवर्तन पर सुप्रीम कोर्ट में जजों की तीखी प्रतिक्रिया

राष्ट्रीय सभा की स्थायी समिति ने भूमि‑संबंधी कानून सहित कई विधेयकों पर दो चरणों में राय देंगे

उद्योग एवं व्यापार मंत्रालय ने शहरी विकास कानून के कार्यान्वयन हेतु इकाइयों से प्रचार-प्रसार और निगरानी की जिम्मेदारी मांगी

शहरी विकास कानून से संस्कृति, पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान

डाक सेवा कानून का नया मसौदा: इलेक्ट्रॉनिक पंजीकरण से बाजार‑प्रवेश सुलभ

डिजिटल तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से विधायी प्रक्रिया में नया मोड़

गुजरात उच्च न्यायालय ने निर्णय दिया: पीएम मोदी की शिक्षा निजी जानकारी, सार्वजनिक हित नहीं
ताज़ा ख़बरें
- निवेश कानून में व्यापक सुधार: राष्ट्रीय सभा की स्थायी समिति ने मसौदा पर राय दी
- भारत में मृत्यु के बाद शरीर को फ्रीज करने का कानूनी दायरा? क्रायोनिक्स पर अभी भी स्पष्ट नियम नहीं
- विज्ञान‑प्रौद्योगिकी मंत्रालय 2026 में चार प्रमुख विधायी मसौदे अंतिम रूप देगा, डिजिटल‑डाक क्षेत्र में तेज़ी
- उत्तर प्रदेश में हुक्का बार प्रतिबंधित, साफ़ हवा का अधिकार व्यापार से ऊपर
- एफसीआरए संशोधन बिल: विदेशी फंड संपत्ति प्रबंधन में सुधार या अधिकार‑विचलन
- 2027 में राष्ट्रीय सभा के दो सत्रों में कुल 21 विधि मसौदे पेश
- राष्ट्रीय रक्षा कानून संशोधन को तीसरे सत्र में अनुमोदन हेतु प्रस्तुत
- सुप्रीम कोर्ट ने 2008 अहमदाबाद बमकाण्ड के बरेलवी की फांसी को स्थगित किया

