सुप्रीम कोर्ट ने 2008 गुजरात के बॉम्ब हमलों के दोषी अहमद बावा की फांसी रोकी
सुप्रीम कोर्ट ने अहमद बावा (अब्दु अबुबकर बरेलवी) के खिलाफ उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देने के बाद उनकी मौत की सजा को रोका। यह केस 2008 अहमदाबाद के 21 सीरियल बॉम्ब विस्फोटों से जुड़ा है, जिसमें 56 लोग मारे गये। उच्च न्यायालय ने 38 अन्य भारतीय मुज़हिदीन के लिए मौत की सजा बरकरार रखी और 11 को आजीवन कारावास दिया।

सौजन्य से:- The Times of India
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NEW DELHI: The Supreme Court on Thursday stayed the execution of the death penalty of Ahmed Bawa alias Abbu Abubakar Barelvi, who was an operative of the terror outfit Indian Mujahideen (IM) and was convicted for the 2008 Ahmedabad serial bomb blasts that left 56 people dead. A bench of Justices Vikram Nath, A G Masih and Sandeep Mehta issued notice to the Gujarat government on Bawa's plea against the Gujarat high court verdict, which upheld his death sentence awarded by the trial court.The HC on July 7 upheld the death sentences of 38 operatives of IM in the 2008 blasts case, citing the large number of casualties. It also upheld life imprisonment given to 11 other convicts, holding that their roles in terror training camps in Gujarat and Kerala and logistical support to the conspiracy had been proved. On July 26, 2008, a series of 21 bomb blasts ripped through different areas of Ahmedabad, killing 56 people and leaving over 200 injured.
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