स्थायी लोक अदालत ने बीमा कंपनी को मृत किसान की पत्नी को 5.20 लाख का मुआवजा देने का आदेश
सुलतानपुर में स्थायी लोक अदालत ने बीमा कंपनी को आदेश दिया कि मार्ग दुर्घटना में अपने पति की मृत्यु से प्रभावित सरोजा देवी को 5,20,000 रुपये की कृषक सम्मान राशि दी जाए। लेखपाल की गलत रिपोर्ट के कारण उनका आवेदन रद्द हो गया था, पर अदालत ने उनके हक में न्याय दिया।

सौजन्य से:- Jagran
किसान की पत्नी को पांच लाख 20 हजार रुपये दे बीमा कंपनी, स्थायी लोक अदालत का आदेश
स्थायी लोक अदालत ने सुलतानपुर में एक बीमा कंपनी को मार्ग दुर्घटना में मृत किसान की पत्नी को 5.20 लाख रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया है।
HighLights
- स्थायी लोक अदालत ने बीमा कंपनी को भुगतान का आदेश दिया।
- मार्ग दुर्घटना में मृत किसान की पत्नी को मिलेगा मुआवजा।
- लेखपाल की गलत रिपोर्ट के बावजूद मिला न्याय।
जागरण संवाददाता, सुलतानपुर। मार्ग दुर्घटना में मृत किसान की पत्नी को कृषक सम्मान राशि देना होगा। स्थायी लोक अदालत ने बीमा कंपनी को एक माह में 5,20,000 हजार रुपये भुगतान करने का आदेश दिया है।
दुबेपुर ब्लाक के भाईं गांव की सरोजा देवी ने स्थायी लोक अदालत में याचिका दायर कर कहा कि उनके पति रामदास की मृत्यु 28 अगस्त 19 को मार्ग दुर्घटना में हुई थी। यह दुर्घटना मुंबई के ठाणे में हुई। वहीं पर पंचायतनामा व पोस्टमार्टम हुआ था।
सरोजा के अनुसार, उनके पति के नाम कृषि योग्य भूमि है, उसी पर खेती करके वे परिवार का पालन करते थे। उन्होंने कृषक सम्मान राशि पाने के लिए आवेदन किया। लेकिन लेखपाल ने गलत तरीके से भूमि दर्शाकर उनका आवेदन निरस्त कर दिया जबकि खेती से ही 42000 वार्षिक आय का प्रमाण पत्र लेखपाल की आख्या पर ही निर्गत हुआ था।
सरोजा ने याचना किया कि आवेदन गलत तरीके से निरस्त किया गया। बहुत जानकारी करने पर तीन साल बाद ही उसे जानकारी हुई। डीएम व कृषक सम्मान राशि के लिए अधिकृत ओरियंटल कंपनी के विरुद्ध याचिका दायर कर मियाद के साथ कृषक सम्मान राशि मुकदमे का खर्च व मानसिक पीड़ा की राशि दिलाई जाए।
बीमा कंपनी ने तर्क दिया कि डीएम कोर्ट में अपील करनी थी। याचिका पोषणीय नहीं है। स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष पूर्व एडीजे राधेश्याम यादव, सदस्यगण मृदुला राय व रमेश चंद्र यादव ने अपने आदेश में लिखा है कि कम आय वाले किसान की आकस्मिक मृत्यु पर सम्मान राशि का लाभ मिलना चाहिए।
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