मौलाना तौकीर रजा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, हाईकोर्ट के बाद जमानत याचिका खारिज हो गई
सुप्रीम कोर्ट ने मौलाना तौकीर रजा की जमानत याचिका खारिज कर दी, जिससे उन्हें हाईकोर्ट के बाद बड़ा झटका लगा। मौलाना तौकीर रजा पर बरेली उपद्रव के दौरान पुलिस पर हमला करने और विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का आरोप है।

सौजन्य से:- Jagran
बरेली उपद्रव मामला: सुप्रीम कोर्ट से मौलाना तौकीर रजा को बड़ा झटका, छिपाई थी ये महत्वपूर्ण बात
मौलाना तौकीर रजा को बरेली उपद्रव मामले में सुप्रीम कोर्ट से भी जमानत नहीं मिली, हाईकोर्ट के बाद शीर्ष अदालत ने भी याचिका खारिज कर दी है। पुलिस पर पेट् ...और पढ़ें
HighLights
- बारादरी के मुकदमे में हाईकोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट गए थे उसके अधिवक्ता
जागरण संवाददाता, बरेली। मौलाना तौकीर रजा को सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिली। बारादरी के मुकदमे में हाई कोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद उसके अधिवक्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी। मंगलवार को वहां से भी उसकी जमानत याचिका को खारिज हो गई।
26 सितंबर को मौलाना तौकीर रजा ने कानपुर के आइ लव मुहम्मद पोस्टर की आड़ में उपद्रव कराया था। हजारों की संख्या में भीड़ को एकत्र किया और पुलिस पर हमला करा दिया। उपद्रवियों ने पुलिस पर न सिर्फ फायरिंग की बल्कि, पेट्रोल और एसिड बम से भी हमला किया था। मामले में पुलिस ने शहर के पांच थानों में 10 मुकदमे दर्ज कराए।
शुरूआत में मौलाना को सभी मुकदमों में नामजद नहीं किया गया, लेकिन विवेचना के दौरान सभी मुकदमों में उसका नाम प्रकाश में आ गया। पुलिस ने उपद्रव के अगले दिन ही 27 सितंबर को मौलाना को गिरफ्तार कर फतेहगढ़ जेल भेज दिया। तब से वह वहीं पर बंद हैं।
इसके अलावा पुलिस ने एक सप्ताह के भीतर मौलाना समेत कुल 101 उपद्रवियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। साथ ही 119 आरोपितों के विरुद्ध कोर्ट में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। इसके अलावा अभी पार्ट चार्जशीट दाखिल होना बाकी है। मौलाना के विरुद्ध बारादरी में लिखे गए मुकदमे में जमानत के लिए उसने स्थानीय कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की मगर यहां से उसे जमानत नहीं मिली।
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इसके बाद उसने हाईकोर्ट में भी याचिका लगाई मगर हाई कोर्ट ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी। इसके बाद उसके अधिवक्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट जमानत याचिका डाली मगर वहां से भी उसे राहत नहीं मिली। मंगलवार को उसकी याचिका खारिज कर दी गई।
किन तथ्यों पर घिरे मौलाना के अधिवक्ता
मौलाना तौकीर रजा ने अपनी पूरी क्रिमिनल हिस्ट्री को कोर्ट के सामने पेश नहीं किया था। तथ्यों को छिपाया गया था। इसी पर एडिशनल साॅलिसिटर जनरल आफ इंडिया एसवी राजू व एओआर एडवोकेट साक्षी कक्कड़ ने बहस की और सही तथ्य कोर्ट के सामने पेश किए।
पता चला कि मौलाना के विरुद्ध अभी तक कुल 24 मुकदमे पंजीकृत हो चुके हैं। इसमें भी कई केस ऐसे हैं जो इसी प्रकार के पूर्व अपराध हैं। वह इस तरह के अपराध कारित करने का अभ्यस्त है। कोर्ट रूम में विवेचक संजय कुमार धीर मौजूद रहे।
चार दिनों की मेहनत के बाद खारिज हो सकी जमानत याचिका
पुलिस के मुताबिक, सीओ सिटी आशुतोष शिवम, सुप्रीम कोर्ट पहुंचे विवेचक संजय कुमार धीर व सहायक त्रिवेंद्र सिंह ने एडवोकेट आन रिकार्ड एओआर साक्षी कक्कड़ के साथ मिलकर चार दिन तक मौलाना तौकीर रज़ा की रिट का बारीकी से अध्ययन कर ड्राफ्टिंग कर जवाब तैयार किया। इसके बाद न्यायालय ने रिट को डिसमिस किया।
फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेगा ट्रायल
पुलिस के मुताबिक, बारादरी के मुकदमे में गवाहों के परीक्षण के लिए अग्रिम तिथि 20 जुलाई लगी है। जबकि, कोतवाली में दर्ज मुकदमे में गवाहों के परीक्षण की तिथि 21 जुलाई लगी है। दोनों ही मामलों में गवाहों के परीक्षण के बाद ट्रायल फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेगा।
चार मुकदमों में अभी तक मौलाना को नहीं मिली जमानत
पुलिस के मुताबिक, मौलाना तौकीर रजा को चार मुकदमों में जमानत नहीं मिली है। बाकी सभी मुकदमों में जमानत मिल चुकी है। इधर, दूसरी ओर मौलाना के करीबी साजिद सकलानी की रिट भी पहले ही खारिज हो चुकी है। उसने सुप्रीम कोर्ट में प्राथमिकी को क्वाष करने के लिए याचिका दाखिल की थी।
मौलाना तौकीर रजा के अधिवक्ताओं ने हाईकोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। जिसे सुप्रीम कोर्ट से भी खारिज कर दिया गया है। आरोपितों पर आरोप तय हो चुके हैं अब ट्रायल की तैयारी है जो कि फास्ट ट्रैक में होगी।
- आशुतोष शिवम, सीओ सिटी।
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