राजस्थान के 3 अधिकारियों पर कार्रवाई, सरकार ने दिया जवाबदेही का संदेश!
राजस्थान के तीन अधिकारियों - दो आरपीएस और एक जेल अधिकारी - पर कार्रवाई के बाद सरकार ने कहा है कि कानून व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करने के लिए यह फैसला लिया गया है।

सौजन्य से:- ETV Bharat
कानून-व्यवस्था पर सख्त सरकार: दो आरपीएस और एक जेल अधिकारी पर कार्रवाई, जवाबदेही का दिया संदेश
प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सख्ती दिखाई है.
Published : July 14, 2026 at 6:30 PM IST
जयपुर: राजस्थान में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सख्त रुख अपना लिया है. मंगलवार को सीएम भजनलाल ने दो राजस्थान पुलिस सेवा यानी आरपीएस अधिकारियों और जेल सेवा की एक अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई को मंजूरी दी है. सरकार का कहना है कि अनियमितता, कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही और शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए यह निर्णय लिया गया है. राजनीतिक हलकों में इस कार्रवाई को सरकार की "जीरो टॉलरेंस" नीति के संकेत के रूप में देखा जा रहा है.
इन पर गिरी गाज : मुख्यमंत्री कार्यालय से दी गई जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री के अनुमोदन के बाद जयपुर स्थित महिला बंदी सुधार गृह की उपाधीक्षक सरोज विश्नोई को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनका मुख्यालय भरतपुर किया गया है. उनके खिलाफ प्राप्त शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उन्होंने एक महिला बंदी को अपने साथ रखा. उसे कार्यालय के कार्यों में हस्तक्षेप करने दिया, साथ ही कथित रूप से पैसे लेकर बंदियों को नियमों के विपरीत सुविधाएं उपलब्ध कराईं.
इन आरोपों के आधार पर सरकार ने तत्काल कार्रवाई का निर्णय लिया. इसके अलावा, जोधपुर पुलिस आयुक्तालय में पदस्थापित सहायक पुलिस आयुक्त (साइबर क्राइम) देरावर सिंह के विरुद्ध राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1958 के नियम-16 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई को मंजूरी दी गई है. सरकार के अनुसार, डीग जिले के कामां थाने में पुलिस निरीक्षक रहते हुए उन्होंने हत्या जैसे गंभीर मामले की जांच में लापरवाही बरती और आठ आरोपियों में से केवल एक को दोषी मानते हुए अन्य सात को बचाने का प्रयास किया.
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वहीं, आरपीएस अधिकारी लाभुराम विश्नोई के विरुद्ध विभागीय जांच में आरोप प्रमाणित होने के बाद रिपोर्ट का अनुमोदन किया गया है. उन पर सवाईमाधोपुर जिले के चौथ का बरवाड़ा क्षेत्र में बनास नदी में बजरी माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई के दौरान अवैध खनन और परिवहन रोकने संबंधी निर्देशों की अवहेलना करने, संबंधित विभागों से समन्वय नहीं करने और ऐसी स्थिति उत्पन्न करने का आरोप है जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई और पुलिस दल की सुरक्षा भी जोखिम में पड़ी.
संदेश देने की कोशिश : सरकार का कहना है कि इन निर्णयों का उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करना, पारदर्शिता बढ़ाना और अधिकारियों को अपने दायित्वों के प्रति अधिक संवेदनशील बनाना है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पहले भी यह स्पष्ट कर चुके हैं कि कानून-व्यवस्था और सुशासन से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी.
दरअसल, कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष सरकार पर लगातार सवाल उठा रहा है. ऐसे समय में सरकार इन फैसलों के माध्यम से यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि शिकायतों और अनियमितताओं पर कार्रवाई में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी.
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