होममुकदमेजीवन रक्षक दवाओं की कीमतों पर सुप्रीम कोर्ट की नजर, केरल हाई कोर्ट से जल्द फैसला लेने का निर्देश
मुकदमे

जीवन रक्षक दवाओं की कीमतों पर सुप्रीम कोर्ट की नजर, केरल हाई कोर्ट से जल्द फैसला लेने का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने जीवन रक्षक दवाओं की कीमतों पर स्वतः संज्ञान लिया और केरल हाई कोर्ट को मामले का जल्द निपटारा करने का निर्देश दिया। यह मामला केरल की एक महिला से जुड़ा है, जो ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित थी और जिसकी मौत हो गई थी।

17 जुलाई 2026 को 07:14 pm बजे
जीवन रक्षक दवाओं की कीमतों पर सुप्रीम कोर्ट की नजर, केरल हाई कोर्ट से जल्द फैसला लेने का निर्देश

सौजन्य से:- Jagran

जीवन रक्षक दवाओं की कीमतों पर सुप्रीम कोर्ट की नजर, केरल हाई कोर्ट से कहा- जल्द फैसला लें

सुप्रीम कोर्ट ने जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता और अत्यधिक कीमतों से जुड़े एक मामले का स्वतः संज्ञान लिया है। ...और पढ़ें

HighLights

- सुप्रीम कोर्ट ने जीवन रक्षक दवाओं की कीमतों पर स्वतः संज्ञान लिया।

- केरल हाई कोर्ट को मामले का जल्द निपटारा करने का निर्देश।

- स्तन कैंसर पीड़िता की याचिका पर सुनवाई, जिसकी मौत हो गई थी।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता और जीवन के अधिकार से जुड़े मामलों में न्यायिक तत्परता से संबंधित एक मामले का स्वतः संज्ञान लिया।

यह मामला केरल की एक महिला से जुड़ा है, जो ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित थी। उसने इलाज के लिए दवाओं की बहुत अधिक कीमतों को चुनौती देते हुए राज्य हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। हाई कोर्ट में याचिका लंबित रहने के दौरान ही उसकी मौत हो गई थी।

सुप्रीम कोर्ट ने लिया स्वत: संज्ञान

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने मामले पर स्वतः संज्ञान लेते हुए इस बात पर गौर किया कि पेटेंटेड कैंसर दवाओं की अत्यधिक कीमतों से जुड़ा मामला केरल हाई कोर्ट में लंबित है।

शीर्ष अदालत ने इस मामले में नोटिस जारी किया और केरल हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से कहा कि वह अपने यहां लंबित इस मामले का जल्द निपटारा सुनिश्चित करें।

सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत को बताया गया कि हाई कोर्ट में याचिका दायर करने वाली याचिकाकर्ता का निधन हो चुका है।

हाई कोर्ट में यह याचिका मूल रूप से 2022 में एर्नाकुलम की एक मरीज ने दायर की थी। उनकी मृत्यु के बाद हाई कोर्ट ने व्यापक जनहित को देखते हुए स्वतः संज्ञान लेते हुए कार्यवाही जारी रखने का निर्णय लिया और मामले का नया शीर्षक 'जीवन बचाने वाली पेटेंटेड दवाओं की अत्यधिक कीमत' रखा।

(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)

यह भी पढ़ें- भारतीय मिशनों में वीजा सेवाओं की आउटसोर्सिंग पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई कल

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
हिमाचल हाईकोर्ट की कड़ी टिप्पणी: कानून सिर्फ जागरूककर्ता की मदद करता है, मूकदर्शक की नहीं
मुकदमे

हिमाचल हाईकोर्ट की कड़ी टिप्पणी: कानून सिर्फ जागरूककर्ता की मदद करता है, मूकदर्शक की नहीं

चेक बाउंस के मामलों के जल्द निपटान के लिए विशेष लोक अदालत
मुकदमे

चेक बाउंस के मामलों के जल्द निपटान के लिए विशेष लोक अदालत

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के लिए स्वीकारता केंद्र की याचिका कांसुलर सेवाओं की आउटसोर्सिंग मामले में
मुकदमे

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के लिए स्वीकारता केंद्र की याचिका कांसुलर सेवाओं की आउटसोर्सिंग मामले में

इलाहाबाद हाईकोर्ट का अहम फैसला: पुराने भूमि अधिग्रहण कानून के निरस्त होने के बाद जारी हुई अधिसूचना पर कार्रवाई अवैध
मुकदमे

इलाहाबाद हाईकोर्ट का अहम फैसला: पुराने भूमि अधिग्रहण कानून के निरस्त होने के बाद जारी हुई अधिसूचना पर कार्रवाई अवैध

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया: चुनाव आयोग नहीं करेगा नागरिकता का फैसला
मुकदमे

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया: चुनाव आयोग नहीं करेगा नागरिकता का फैसला

सुप्रीम कोर्ट नेता सोमनाथ भारती की याचिका पर सुनवाई करेगा
मुकदमे

सुप्रीम कोर्ट नेता सोमनाथ भारती की याचिका पर सुनवाई करेगा

सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया, वोटर लिस्ट में नाम नहीं होने से नागरिकता खत्म नहीं होती
मुकदमे

सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया, वोटर लिस्ट में नाम नहीं होने से नागरिकता खत्म नहीं होती

फरीदाबाद में 3 दिनों में होगी विशेष लोक अदालत, लंबित मामले होंगे निपटाए
मुकदमे

फरीदाबाद में 3 दिनों में होगी विशेष लोक अदालत, लंबित मामले होंगे निपटाए

ताज़ा ख़बरें