मुकदमे
बुलडोजर एक्शन पर राहत denied, सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से किया इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने बुलडोज़र एक्शन के खिलाफ दायर याचिका की सुनवाई से इनकार कर दिया और कहा कि इस मामले में पहले हाईकोर्ट की जिम्मेदारी होगी। कोर्ट ने अवमानना याचिका को भी हाईकोर्ट के पास भेज दिया।

सौजन्य से:- The Lallantop
बुलडोजर एक्शन पर याचिका, सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, कहा- 'पहले हाईकोर्ट जाएं'
SC shifts contempt plea to HC: सुप्रीम कोर्ट ने 'बुलडोज़र जस्टिस' पर अवमानना याचिका की सुनवाई से इनकार कर दिया है. कोर्ट का कहना है कि इस फैसले को लेकर पहले ही आदेश दिए जा चुके हैं. अब इसके पालन की जिम्मेदारी हाईकोर्ट की है.
Advertisement
Story Summary
वीडियो: सुप्रीम कोर्ट के जजों के सामने शख्स ने पेपर्स फेंके, CJI को 'गाली' दी
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
मुकदमे
E20 पेट्रोल से चलती कार बंद होने पर कोर्ट ने मारुति को दिया बड़ा झटका

मुकदमे
सुप्रीम कोर्ट ने रथ यात्रा उत्सव के बाद एनिमेटेड फिल्म 'महाप्रभु जगन्नाथ' की रिलीज को मंजूरी दे दी

मुकदमे
मतदाता सूची से नाम हटाने पर भी मिलेंगी सरकारी सुविधाएं, सुप्रीम कोर्ट ने दी मोहिबुल्ला मंडल को राहत

मुकदमे
सुप्रीम कोर्ट की बड़ी राहत: वोटर लिस्ट से नाम हटा तो राशन मिलना रुकेगा नही

मुकदमे
किसी भी निर्माण को हटाने के लिए तीन सप्ताह का तीन-स्तरीय नोटिस: किसी निर्माण से संबंधित याचिकाओं को अब उच्च न्यायालयों में होगा

मुकदमे
वर्चुअल तरीके से पेश होंगे खुद केस लड़ने वाले

मुकदमे
बांदा जिले में अदालत का निर्णय: निगरानी याचिका खारिज

मुकदमे
आधुनिक मातृत्व की नई उम्र: मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय का ऐतिहासिक फैसला
ताज़ा ख़बरें
- सुप्रीम कोर्ट की विशेष लोक अदालत : विवादों का शांतिपूर्ण समाधान
- सुप्रीम कोर्ट को सिनेमाघरों में एनीमेशन फिल्म देखनी होगी
- सुप्रीम कोर्ट ने CBSE की तीसरी भाषा नीति पर उठाए सवाल
- मणिपुर उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश पर एलपीजी एजेंसी चलाने का आरोप
- दिल्ली उच्च न्यायालय ने यूजीसी को मौजूदा छात्रों पर नए क्लिनिकल साइकोलॉजी ढांचे को लागू न करने का निर्देश दिया
- दिल्ली सरकार का नई व्यवस्था, समय पर नहीं मिला बर्थ सर्टिफिकेट या बिजली कनेक्शन तो मिलेगा 5000 रुपए मुआवजा
- चाइनीज मांझे पर सख्ती की तैयारी, यूपी सरकार लाएगी अलग कानून
- दहेज हत्या मामले में अदालत का फैसला: पति और ससुराल वाले दोषमुक्त

