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दीपावली पर पटाखों से पाबंदी हटेगी? सुप्रीम कोर्ट ने सीपीसीबी से मांगा जवाब - supreme court asks cpcb to review diwali firecracker noise limits

दीपावली पर पटाखों से पाबंदी हटेगी? सुप्रीम कोर्ट ने सीपीसीबी से मांगा जवाब सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) से दीपावली पर पटाखों की पाबंदियों, खासकर शोर की सीमा में ढील देने की संभावना तलाशने क…

19 अगस्त 2026 को 09:54 pm बजे
दीपावली पर पटाखों से पाबंदी हटेगी? सुप्रीम कोर्ट ने सीपीसीबी से मांगा जवाब - supreme court asks cpcb to review diwali firecracker noise limits

सौजन्य से:- Jagran

दीपावली पर पटाखों से पाबंदी हटेगी? सुप्रीम कोर्ट ने सीपीसीबी से मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) से दीपावली पर पटाखों की पाबंदियों, खासकर शोर की सीमा में ढील देने की संभावना तलाशने को कहा है।

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) से यह जांचने के लिए कहा कि क्या दीपावली के दौरान पटाखों से जुड़ी पाबंदियों में कुछ हद तक ढील दी जा सकती है या नहीं।

खासतौर पर पटाखों के लिए निर्धारित शोर की सीमा को लेकर संभावना तलाशने के लिए कहा है। जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीबी वराले की पीठ दिल्ली और अन्य उत्तरी राज्यों में वायु प्रदूषण के दौरान पटाखों के इस्तेमाल पर प्रतिबंधों से जुड़े लंबे समय से चल रहे मामले की सुनवाई कर रही थी।

पटाखों पर ढील पर विचार

पीठ ने सीपीसीबी की ओर से पेश वकील से दीपावली से पहले इस मुद्दे पर विचार करने को कहा है। पीठ ने कहा कि वह दीपावली से ठीक पहले इस मुद्दे पर जल्दबाजी में फैसला नहीं करना चाहती।

इससे पहले 22 जुलाई को सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने अतिरिक्त सालिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से सीपीसीबी से यह निर्देश लेने के लिए कहा था कि क्या कुछ विशेष श्रेणी के पटाखों को शोर से जुड़ी पाबंदियों में संभावित ढील के साथ अनुमति दी जा सकती है।

दो हफ्ते बाद होगा फैसला

जब यह मामला बुधवार को सुनवाई के लिए आया तो केंद्र सरकार और सीपीसीबी की ओर से पेश भाटी ने सुनवाई स्थगित करने का अनुरोध किया।

पीठ ने उनका अनुरोध स्वीकार कर लिया, लेकिन यह दोहराया कि सीपीसीबी को त्योहार से पहले संभावित राहत के मुद्दे पर विचार करना चाहिए। यह मामला दो सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया गया।

(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)

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