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सऊदी नहीं इन देशों का कानून है सबसे सख्त, छोटी सी गलती पर मिलती है मौत!

सऊदी नहीं इन देशों का कानून है सबसे सख्त, छोटी सी गलती पर मिलती है मौत! Strictest Laws in World: अक्सर यह ऐसा कहा जाता है कि सऊदी अरब का कानून सबसे ज्यादा सख्त है. आइए जानते हैं क्या है इसके पीछे का सच. - उत्तर कोरिया, ई…

22 अगस्त 2026 को 12:54 pm बजे
सऊदी नहीं इन देशों का कानून है सबसे सख्त, छोटी सी गलती पर मिलती है मौत!

सौजन्य से:- ABP News

सऊदी नहीं इन देशों का कानून है सबसे सख्त, छोटी सी गलती पर मिलती है मौत!

Strictest Laws in World: अक्सर यह ऐसा कहा जाता है कि सऊदी अरब का कानून सबसे ज्यादा सख्त है. आइए जानते हैं क्या है इसके पीछे का सच.

- उत्तर कोरिया, ईरान, सिंगापुर, चीन में सख्त कानून हैं।

- उत्तर कोरिया विदेशी मीडिया नियंत्रण पर कड़ी सजा देता है।

- ईरान धर्म, नशीली दवाओं के अपराधों पर मृत्युदंड देता है।

- सिंगापुर ड्रग तस्करी, चीन में मृत्युदंड के मामले अधिक।

Strictest Laws in World: जब सबसे कड़े कानून वाले देशों की बात आती है तो अक्सर सऊदी अरब का नाम सबसे पहले दिमाग में आता है. लेकिन कई दूसरे देशों में बीएससी कानूनी व्यवस्थाएं हैं जो कई तरह के अपराधों के लिए काफी कड़ी सजा देती हैं. उत्तर कोरिया, ईरान, सिंगापुर और चीन उन देशों में शामिल है जहां अक्सर कड़ी सजाएं दी जाती हैं. हालांकि उनके कानून और उन्हें लागू करने के तरीके में काफी ज्यादा अंतर है.

उत्तर कोरिया का कानून

जानकारी तक पहुंच के मामले में उत्तर कोरिया के कानून दुनिया के सबसे कड़े कानून में से एक हैं. सरकार विदेशी मीडिया पर कंट्रोल रखती है और बिना इजाजत वाला विदेशी कंटेंट रखने या फिर उसे फैलाने पर कड़ी सजा हो सकती है.

दक्षिण कोरियाई फिल्म, टेलीविजन प्रोग्राम और के-पोप खास तौर पर संवेदनशील माने जाते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि अधिकारी इन्हें देश की राजनीतिक और सांस्कृतिक व्यवस्था के लिए खतरा मानते हैं. प्रतिबंधित विदेशी मीडिया को फैलाने या फिर देखने के आरोपी लोगों को लंबी जेल की सजा हो सकती है. साथ ही कुछ मामलों में ऐसी खबरें भी आई हैं कि मौत की सजा भी दी गई. सरकार विदेशी प्रसारण और नेतृत्व की आलोचना पर भी कड़ी पाबंदी लगाती है. इन पाबंदियों की वजह से बाहरी जानकारी तक पहुंचना काफी जोखिम भरा हो जाता है.

ईरान में कानून

ईरान में धर्म, नैतिकता और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कड़े कानून हैं. ईशनिंदा, धर्मत्याग गया फिर इस्लामी गणराज्य के लिए खतरा माने जाने वाले कामों के लिए काफी कड़ी सजा दी जा सकती है. इसमें ईरानी कानून के तहत मौत की सजा भी शामिल है.

ड्रग से जुड़े अपराधों के लिए भी मौत की सजा हो सकती है. हालांकि वक्त के साथ मौत की सजा देने के तरीके में बदलाव आया है और यह अपराध की गंभीरता और ड्रग्स की मात्रा पर निर्भर करता है. अधिकारियों ने सरकार विरोधी बड़े प्रदर्शन और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा माने जाने वाले कामों से जुड़े लोगों पर भी मुकदमा चलाया है.

सिंगापुर के कड़े कानून

सिंगापुर अपनी सफाई, कार्य कुशलता और सार्वजनिक व्यवस्था के कानूनों को सख्ती से लागू करने के लिए काफी ज्यादा मशहूर है. ड्रग्स के मामले में उसका रवैया खासतौर से सख्त है. सिंगापुर में ड्रग्स की तस्करी से जुड़े कुछ गंभीर अपराधों के लिए मौत की सजा का प्रावधान है. यह कानूनी जरूरतों और अदालती कार्यवाही के अधीन है. देश के ड्रग्स से जुड़े कानून दुनिया के सबसे कड़े कानून में से एक हैं.

हालांकि सार्वजनिक जगह पर होने वाले हर छोटे-मोटे अपराध के लिए काफी कड़ी सजा नहीं दी जाती. कचरा फैलाना, तोड़फोड़ करना और सार्वजनिक व्यवस्था के कुछ नियमों को तोड़ने पर भारी जुर्माना या फिर दूसरी सजा हो सकती है.

सिंगापुर में च्यूइंगम पर लगी मशहूर पाबंदी के बारे में अक्सर कहा जाता है कि यह पूरी तरह से गैरकानूनी है. लेकिन असलियत इससे थोड़ी अलग है. यहां आम च्यूइंगम की बिक्री और इंपोर्ट पर कड़ी रोक है जबकि मंजूरी प्राप्त चिकित्सीय गम के लिए नियम अलग है.

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चीन में मौत की सजा

चीन में दुनिया के किसी भी दूसरे देश की तुलना में सबसे ज्यादा लोगों को मौत की सजा दी जाती है. हालांकि इसकी सटीक संख्या को सरकारी गोपनीय जानकारी माना जाता है. वहां आम हिंसक अपराधों के अलावा कई दूसरे अपराधों के लिए भी मौत की सजा का प्रावधान है. चीनी कानून के तहत भ्रष्टाचार, ड्रग से जुड़े अपराध, वित्तीय धोखाधड़ी और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कुछ गंभीर अपराधों के लिए मौत की सजा दी जा सकती है.

हालांकि यह कहना गलत होगा कि टैक्स से जुड़ी किसी छोटी-मोटी गलती या फिर सामान्य भ्रष्टाचार के मामले में भी किसी को मौत की सजा दी जा सकती है. मौत की सजा आमतौर पर काफी गंभीर अपराधों के लिए दी जाती है जो कानूनी शर्तों को पूरा करते हैं.

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