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आसाराम को मिली न्यायसंगत निंदा, जमानत पर जमी है शीर्ष अदालत

नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम को सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। अदालत ने जमानत देने से इनकार कर दिया और राजस्थान सरकार को नोटिस जारी किया।

30 जून 2026 को 10:25 am बजे
आसाराम को मिली न्यायसंगत निंदा, जमानत पर जमी है शीर्ष अदालत

सौजन्य से:- Amar Ujala

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Supreme Court: 'गंभीर स्थिति होने पर जमानत पर करेंगे विचार', आसाराम की सुनवाई पर कोर्ट ने क्या-क्या कहा?

Tue, 30 Jun 2026 02:13 PM IST

हिमांशु सिंह चंदेल

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

Published by: हिमांशु सिंह चंदेल

Updated Tue, 30 Jun 2026 02:13 PM IST

सार

Supreme Court On Asaram Plea: नाबालिग से दुष्कर्म मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम को सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल राहत नहीं मिली है। अदालत ने जमानत देने से इनकार करते हुए कहा कि केवल गंभीर स्वास्थ्य स्थिति या जीवन को खतरा होने पर ही राहत पर विचार किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार से दो सप्ताह में जवाब मांगा। इससे पहले राजस्थान हाईकोर्ट भी आसाराम की उम्रकैद की सजा को बरकरार रख चुका है। आइए, जानते हैं अदलात ने और क्या कुछ कहा...

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विस्तार

नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे स्वयंभू धर्मगुरु आसाराम को सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। शीर्ष अदालत ने राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया। हालांकि, अदालत ने राजस्थान सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है और कहा है कि यदि आसाराम की स्वास्थ्य स्थिति गंभीर होती है या जान को खतरा होता है, तभी जमानत पर विचार किया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति शील नागू की पीठ ने मंगलवार को सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि अभी सजा पर रोक नहीं लगाई जा रही है। अदालत ने जेल प्रशासन को निर्देश दिया कि आसाराम को आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। अदालत ने यह भी कहा कि राज्य सरकार का पक्ष सुनने के बाद ही आगे कोई फैसला लिया जाएगा। अदालत ने राजस्थान सरकार से दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है।

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सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति शील नागू की पीठ ने मंगलवार को सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि अभी सजा पर रोक नहीं लगाई जा रही है। अदालत ने जेल प्रशासन को निर्देश दिया कि आसाराम को आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। अदालत ने यह भी कहा कि राज्य सरकार का पक्ष सुनने के बाद ही आगे कोई फैसला लिया जाएगा। अदालत ने राजस्थान सरकार से दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है।

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सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देने से इनकार क्यों किया?

सुनवाई के दौरान आसाराम की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता डी.एस. नायडू ने कहा कि आसाराम की उम्र 80 वर्ष से अधिक है और वह कई बीमारियों से पीड़ित हैं। इस पर अदालत ने कहा कि केवल उम्र या बीमारी के आधार पर फिलहाल जमानत नहीं दी जा सकती। पीठ ने मौखिक रूप से कहा कि यदि भविष्य में ऐसी स्थिति पैदा होती है, जिसमें आसाराम के जीवन को खतरा हो, तभी जमानत पर विचार किया जाएगा। अदालत के इस रुख को आसाराम के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

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