होमअपराधसुप्रीम कोर्ट ने भरत भूषण तिवारी मामले पर SIT जांच की मांग करने वाली याचिका को खारिज किया।
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सुप्रीम कोर्ट ने भरत भूषण तिवारी मामले पर SIT जांच की मांग करने वाली याचिका को खारिज किया।

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को भरत भूषण तिवारी मामले की सीबीआई जांच करवाने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। उच्चतम न्यायालय ने यह याचिका दायर करने वाले वकील से कहा कि वो हाई कोर्ट जा सकते हैं। भरत भूषण तिवारी की मौत 17 जून 2026 को कथित तौर पर पुलिस द्वारा एक एनकाउंटर में हुई थी।

30 जून 2026 को 10:25 am बजे
सुप्रीम कोर्ट ने भरत भूषण तिवारी मामले पर SIT जांच की मांग करने वाली याचिका को खारिज किया।

सौजन्य से:- Jansatta

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को भरत भूषण तिवारी मामले की सीबीआई जांच करवाने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने यह याचिका दायर करने वाले वकील से कहा कि वो हाई कोर्ट जा सकते हैं।

28 साल के भरत भूषण तिवारी की 17 जून 2026 को कथित तौर पर पुलिस द्वारा एनकाउंटर कर दिया गया था। इस मामले से जुड़ी इस याचिका में एनकाउंंटर में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज करने और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति का गठन करने की मांग की गई थी।

भरत तिवारी मामले की न्यायिक जांच करवा रही बिहार पुलिस

बिहार पुलिस इस मामले की हाई कोर्ट के एक रिटायर्ड जज की देखरेख में न्यायिक जांच करवा रही है। राजद के नेता और बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने भरत तिवारी के साथ पुलिस की मुठभेड़ को फर्जी करार दिया है। तेजस्वी ने मीडिया से बातचीत में कहा, “यह फर्जी मुठभेड़ का स्पष्ट मामला है। चूंकि सम्राट चौधरी बिहार के मुख्यमंत्री और गृह मंत्री दोनों हैं, इसलिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए।”

बिहार पुलिस के एनकाउंटर पर क्यों उठे सवाल?

बिहार पुलिस की कार्रवाई पर एक कथित वीडियो सामने आने के बाद सवाल उठे। इस वीडियो में एक हथियारबंद व्यक्ति पुलिस बल की ओर पिस्तौल ताने हुए दिखाई दे रहा है और पुलिसकर्मियों पर समय पर प्रतिक्रिया न देने के आरोप लगाए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, भोजपुर के बिलौती गांव में एक अभियान के दौरान भरत तिवारी ने पुलिसकर्मियों पर गोलीबारी की। इसके बाद आत्मरक्षा और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जवाबी कार्रवाई की गई। गोली लगने की वजह से घायल हुए भरत तिवारी की पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई।

पुलिस के प्रारंभिक बयान में भरत तिवारी को ‘मानसिक रूप से अस्वस्थ’ बताया गया था। हालांकि भरत तिवारी के परिजनों और अन्य लोगों का कहना है कि वह एक सामाजिक कार्यकर्ता थे और स्थानीय समस्याओं को प्रशासन के समक्ष लगातार उठाते रहते थे।

सोशल मीडिया पर वायरल एक कथित वीडियो में मुठभेड़ से पहले भरत तिवारी को अपना हथियार फेंकते हुए देखा जा सकता है। दूसरी तरफ पुलिस के बयान में दावा किया गया है कि भरत तिवारी लगातार पुलिस पर गोली चला रहे थे, जिसके चलते जवाबी कार्रवाई में उनके पैर में गोली लगी।

यह भी पढ़ें: कौन थे भरत तिवारी?

28 वर्षीय भरत तिवारी एक साधारण निम्न-मध्यमवर्गीय परिवार से आते थे।भरत ने स्नातक करने के बाद कुछ साल तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की। पिछले कुछ साल से वह सामाजिक कार्यों में ज्यादा रुचि लेने लगा था। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।

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