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सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम की सजा पर रोक लगाने से इनकार किया, राजस्थान सरकार से जवाब मांगा

सुप्रीम कोर्ट ने कथावाचक आसाराम की याचिका पर राजस्थान सरकार से जवाब मांगा है, जिसमें उसने नाबालिग से दुष्कर्म मामले में अपनी आजीवन कारावास की सजा को चुनौती दी है। उच्चतम न्यायालय ने उसकी सजा पर रोक लगाने से इनकार करते हुए राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है।

30 जून 2026 को 07:25 pm बजे
सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम की सजा पर रोक लगाने से इनकार किया, राजस्थान सरकार से जवाब मांगा

सौजन्य से:- Jagran

सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम की सजा पर रोक लगाने से किया इनकार, राजस्थान सरकार से मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने कथावाचक आसाराम की याचिका पर राजस्थान सरकार से जवाब मांगा है, जिसमें उसने नाबालिग से दुष्कर्म मामले में अपनी आजीवन कारावास की सजा को च ...और पढ़ें

HighLights

- सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम की सजा पर रोक लगाने से किया इनकार।

- राजस्थान सरकार से दो सप्ताह के भीतर जवाब मांगा गया।

- बहुत गंभीर स्वास्थ्य स्थिति में ही जमानत पर विचार होगा।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कथावाचक आसाराम की याचिका पर राजस्थान सरकार से जवाब मांगा है, जिसमें उसने राजस्थान हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी है। हाई कोर्ट ने 2013 में एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म मामले में कथावाचक की दोषसिद्धि और आजीवन कारावास सजा को बरकरार रखा था।

जस्टिस एमएम सुंदरेश और शील नागू की पीठ ने आसाराम की सजा पर रोक लगाने से इनकार करते हुए राज्य सरकार को नोटिस जारी किया और दो सप्ताह के अंदर जवाब मांगा।

शीर्ष अदालत ने जेल अधिकारियों को आसाराम को मेडिकल सुविधाएं देने का निर्देश दिया और कहा कि जमानत देने पर तभी विचार किया जाएगा, जब उसकी सेहत बहुत ज्यादा खराब हो। पीठ ने कहा कि राज्य सरकार का पक्ष सुनने के बाद हम विचार करेंगे कि क्या जमानत देना बहुत जरूरी है, जैसे कि ऐसी स्थिति में जब उसकी जान को खतरा हो।

आसाराम को 25 अप्रैल, 2018 को अपने आश्रम में एक नाबालिग छात्रा के यौन उत्पीड़न का दोषी ठहराया गया था और आईपीसी, पॉक्सो और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।

राजस्थान हाई कोर्ट ने 27 मई को नाबालिग से दुष्कर्म मामले में तो आसाराम की सजा को बरकरार रखा, लेकिन आईपीसी और पॉक्सो एक्ट के तहत सामूहिक दुष्कर्म और बच्चे के साथ यौन शोषण के आरोपों से बरी कर दिया।

(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)

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