होम›अपराध›कानून समान, जाति नहीं: बैरिस्टर सिंह ने जमुई केस में निष्पक्ष न्याय की पुकार
अपराध

कानून समान, जाति नहीं: बैरिस्टर सिंह ने जमुई केस में निष्पक्ष न्याय की पुकार

जमुई में नाबालिग छात्रों के खिलाफ अभद्रता के आरोपों पर जेडीयू प्रवक्ता बैरिस्टर सिंह ने कहा कि अपराध की कोई जातीय पहचान नहीं होती और सभी के खिलाफ कानून के आधार पर सख़्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने पुलिस से सबूतों के आधार पर निष्पक्ष जांच और आरोपियों को बिना किसी भेदभाव के गिरफ्तार करने की मांग की, साथ ही सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए इस मुद्दे को जातीय रंग न देने की चेतावनी दी।

26 सितंबर 2026 को 06:04 pm बजे
कानून समान, जाति नहीं: बैरिस्टर सिंह ने जमुई केस में निष्पक्ष न्याय की पुकार

सौजन्य से:- Prabhat Khabar

‘अपराधियों की कोई जाति नहीं होती, कानून के आधार पर हो कार्रवाई’, जदयू प्रवक्ता बैरिस्टर सिंह ने कहा

बैरिस्टर सिंह, जदयू जिला प्रवक्ता | Prabhat Khabar Network

Sasaram News : बैरिस्टर सिंह ने जमुई मामले पर कहा कि अपराध की कोई जाति नहीं होती. उन्होंने कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग की और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने पर जोर दिया.

Sasaram News : बैरिस्टर सिंह ने जमुई में नाबालिग छात्र-छात्रा के साथ कथित अभद्रता और मारपीट के मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपितों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार, मामले में प्राथमिकी दर्ज की गयी है और अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए भी कार्रवाई की गयी है.

तेजस्वी यादव के बयान का भी किया जिक्र

उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाये थे. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, तेजस्वी यादव ने जमुई की घटना को लेकर सरकार और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी.

जाति के आधार पर नहीं, कानून के अनुसार हो कार्रवाई

बैरिस्टर सिंह ने कहा कि यदि कुशवाहा समाज का कोई व्यक्ति भी इस प्रकार के अपराध में शामिल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने मुख्यमंत्री और पुलिस प्रशासन से अपराधियों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही.

अपराध को जातीय रंग देने से सामाजिक सौहार्द प्रभावित होने की बात

उन्होंने कहा कि अपराध की घटनाओं को जातीय रंग देने से सामाजिक सौहार्द प्रभावित होता है. सभी राजनीतिक दलों और नेताओं को अपराध के मामलों में पीड़ित के साथ खड़े होकर निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग करनी चाहिए.

Also Read : फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत नाइट ब्लड सर्वे कैंप, 205 लोगों के लिये गये रक्त के नमूने

‘कानून सभी के लिए समान है’

बैरिस्टर सिंह ने कहा कि कानून सभी के लिए समान है. अपराधी चाहे किसी भी जाति या समुदाय से संबंधित हो, उसके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि पुलिस को किसी भी मामले में आरोपी की जातीय पहचान के बजाय उपलब्ध साक्ष्यों और कानून के आधार पर कार्रवाई करनी चाहिए.

Also Read : डालमियानगर में प्रमोद ज्वेलर्स पर झारखंड पुलिस की छापेमारी, 6.3 किलो आभूषण बरामद

आपके शहर में

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
गुमला में दुष्कर्म मामले में आरोपी को 12 साल की कैद और 20 हजार रुपये जुर्माना
अपराध

गुमला में दुष्कर्म मामले में आरोपी को 12 साल की कैद और 20 हजार रुपये जुर्माना

भारत के चुनावी चेयरमैन पर जवाबदेही का सवाल: हटाना कठिन, निरीक्षण न्यून
अपराध

भारत के चुनावी चेयरमैन पर जवाबदेही का सवाल: हटाना कठिन, निरीक्षण न्यून

मद्रास हाई कोर्ट ने कहा: मंदिर के कर्मचारी, ड्यूटी में मृत्यु पर मिलेंगी श्रमिक भत्ते की रक्कम
अपराध

मद्रास हाई कोर्ट ने कहा: मंदिर के कर्मचारी, ड्यूटी में मृत्यु पर मिलेंगी श्रमिक भत्ते की रक्कम

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “एक ही बयान को भाग‑भाग में नहीं लिया जा सकता” – रैप केस में आरोपी को बरी किया
अपराध

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “एक ही बयान को भाग‑भाग में नहीं लिया जा सकता” – रैप केस में आरोपी को बरी किया

राजस्थान हाईकोर्ट ने राजस्व अदालतों में 63 साल के टलमटोल को न्याय से इनकार बताया
अपराध

राजस्थान हाईकोर्ट ने राजस्व अदालतों में 63 साल के टलमटोल को न्याय से इनकार बताया

सभी SIR आदेश एकमत, फॉर्म 6 में बदलाव सुप्रीम कोर्ट द्वारा मान्य: निर्वाचन आयोग
अपराध

सभी SIR आदेश एकमत, फॉर्म 6 में बदलाव सुप्रीम कोर्ट द्वारा मान्य: निर्वाचन आयोग

सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान के मुख्य सचिव‑DGP को अनधिकृत कोचिंग सेंटरों पर जवाब देने का निर्देश दिया
अपराध

सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान के मुख्य सचिव‑DGP को अनधिकृत कोचिंग सेंटरों पर जवाब देने का निर्देश दिया

JMM ने BJP पर उठाए सवाल: MMDR कानून में झारखंड की हिस्सेदारी क्या होगी?
अपराध

JMM ने BJP पर उठाए सवाल: MMDR कानून में झारखंड की हिस्सेदारी क्या होगी?

ताज़ा ख़बरें