JMM ने BJP पर उठाए सवाल: MMDR कानून में झारखंड की हिस्सेदारी क्या होगी?
झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रवक्ता विनोद पांडेय ने केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी से MMDR कानून पर राज्य के खनिज अधिकारों और जनता के लाभ के बारे में स्पष्ट उत्तर मांगा। उन्होंने केन्द्र को 1.36 लाख करोड़ रुपये के बकाया का जवाब देने और राज्य की सामाजिक योजनाओं को कमजोर करने की कोशिशों से रोकने का आग्रह किया।

सौजन्य से:- Prabhat Khabar
MMDR कानून पर JMM का पलटवार, कहा- केंद्र बताए झारखंडियों की हिस्सेदारी क्या है? केंद्रीय मंत्री को दी सलाह
JMM प्रवक्ता विनोद पांडेय की तस्वीर, Pic Credit- Facebook
JMM ने MMDR कानून पर BJP को घेरा. केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी से झारखंड के खनिज, अधिकारों पर रुख स्पष्ट करने की मांग. 1.36 लाख करोड़ के बकाए पर भी केंद्र से जवाब मांगा.
रांची : भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा MMDR (माइंस एंड मिनरल्स डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) कानून को लेकर राज्य सरकार पर लगाए गए आरोपों पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने जोरदार पलटवार किया है. झामुमो के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडेय ने केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी और बीजेपी सांसदों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री झारखंड की जनता को कानून के फायदे गिनाने के बजाय पहले यह साफ करें कि झारखंड के खनिज, अधिकारों और यहां के लोगों के हित से जुड़े सवालों पर केंद्र सरकार का क्या रुख है.
'सांसद चुनकर दिल्ली भेजा है, झारखंड के हित की बात करें'
विनोद पांडेय ने कहा कि झारखंड की जनता ने अन्नपूर्णा देवी को सांसद चुनकर दिल्ली भेजा है, इसलिए उनसे यह स्वाभाविक अपेक्षा है कि वे केंद्र में राज्य के हितों की पैरवी करें. उन्होंने खनन प्रभावित इलाकों की जमीनी हकीकत उजागर करते हुए कहा कि झारखंड दशकों से खनन का दंश झेल रहा है. हमारी खनिज संपदा का बड़े पैमाने पर दोहन तो हुआ, लेकिन खनन प्रभावित इलाकों में आज भी प्रदूषण, विस्थापन और बुनियादी सुविधाएं न होना गंभीर समस्या बनी हुई है. जिन इलाकों से कोयला और अन्य खनिज निकाले जा रहे हैं, वहां के लोगों के जीवन और पर्यावरण की कीमत कौन चुकाएगा? खनन से प्रभावित लोगों को उचित क्षतिपूर्ति क्यों नहीं मिलनी चाहिए?"
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1.36 लाख करोड़ के बकाये पर केंद्र से जवाब मांगें बीजेपी नेता
झामुमो महासचिव ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा नेताओं को MMDR कानून का गुणगान करने के बजाय केंद्र सरकार से झारखंड के 1.36 लाख करोड़ रुपये के बकाये पर जवाब मांगना चाहिए. उन्होंने मांग की कि झारखंड के सभी बीजेपी सांसदों को केंद्र सरकार के सामने राज्य का पक्ष मजबूती से रखना चाहिए और यह राशि झारखंड को जल्द से जल्द दिलाने की पहल करनी चाहिए.
राज्यों के अधिकार कमजोर करने की साजिश, मंईयां योजना पर दी चेतावनी
विनोद पांडेय ने आरोप लगाया कि MMDR कानून में संशोधन के पीछे केंद्र सरकार की मंशा झारखंड जैसे खनिज समृद्ध राज्यों के अधिकारों को कमजोर करना है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की सामाजिक कल्याणकारी योजनाओं को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है. उन्होंने चेतावनी दी कि 'मंईयां सम्मान योजना' जैसी जनहितकारी योजनाओं को कमजोर या बंद करने की किसी भी कोशिश का झारखंड की जनता मुंहतोड़ जवाब देगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि झारखंड केवल खनिजों का भंडार नहीं है, बल्कि यहां की जमीन, जंगल, पानी और लोगों के अधिकारों की भी कीमत है. कानून बनाने से पहले केंद्र को यह बताना चाहिए कि खनन के लाभ में झारखंडियों की हिस्सेदारी क्या होगी.
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