रेवाड़ी में चेक बाउंस के 34 मामलों का समाधान, लोक अदालत में सुलह समझौते पर हुआ निपटारा
रेवाड़ी, बावल और कोसली न्यायालय में आयोजित विशेष लोक अदालत में चेक बाउंस के 34 मामलों का समाधान किया गया। दो ऐसे मामलों का भी निपटारा किया गया, जो पिछले 7-8 साल से लंबित थे।

सौजन्य से:- Amar Ujala
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Rewari News: विशेष लोक अदालत में चेक बाउंस के 34 मामलों का समाधान
Sat, 18 Jul 2026 11:42 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 18 Jul 2026 11:42 PM IST
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रेवाड़ी। चेक बाउंस के मामलों का निपटारा करने के लिए शनिवार को रेवाड़ी, बावल और कोसली न्यायालय में विशेष लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव व सीजेएम डॉ. रेनू सोलखे की देखरेख में आयोजित लोक अदालत में सुलह समझौते के आधार पर 34 मामलों का समाधान किया गया।
लोक अदालत में रेवाड़ी न्यायालय में सिविल जज जूनियर डिवीजन आकाश सरोहा, बावल न्यायालय में सब डिविजनल लीगल सर्विस कमेटी के अध्यक्ष आलोक आनंद एवं सिविल जज जूनियर डिवीजन प्रदीप कुमार और कोसली न्यायालय में सब डिविजनल लीगल सर्विस कमेटी के अध्यक्ष अशोक कुमार और सिविल जज जूनियर डिवीजन निशा की अदालतों में मामलों की सुनवाई की गई।
डॉ. रेनू सोलखे ने बताया कि विशेष लोक अदालत में दो ऐसे मामलों का भी निपटारा किया गया, जो पिछले करीब 7 से 8 वर्षों से लंबित थे। इन मामलों के समाधान के बाद संबंधित पक्षों ने राहत की सांस ली। उन्होंने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से विवादों का जल्द समाधान होता है और इससे समय व धन दोनों की बचत होती है।
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उन्होंने बताया कि लोक अदालत में आपसी सहमति से हुए फैसले दोनों पक्षों को मान्य होते हैं और इनके खिलाफ अपील का प्रावधान नहीं होता। इसके अलावा लोक अदालत में फैसला होने पर कोर्ट फीस भी पूरी तरह वापस कर दी जाती है। न्यायालयों में लंबित मामलों के साथ-साथ प्री-लिटिगेशन स्तर के मामलों को भी लोक अदालत में रखवाकर समाधान कराया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि लोक अदालत संबंधी जानकारी के लिए नागरिक हेल्पलाइन नंबर 01274-220062 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा नजदीकी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय से भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
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लोक अदालत में रेवाड़ी न्यायालय में सिविल जज जूनियर डिवीजन आकाश सरोहा, बावल न्यायालय में सब डिविजनल लीगल सर्विस कमेटी के अध्यक्ष आलोक आनंद एवं सिविल जज जूनियर डिवीजन प्रदीप कुमार और कोसली न्यायालय में सब डिविजनल लीगल सर्विस कमेटी के अध्यक्ष अशोक कुमार और सिविल जज जूनियर डिवीजन निशा की अदालतों में मामलों की सुनवाई की गई।
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डॉ. रेनू सोलखे ने बताया कि विशेष लोक अदालत में दो ऐसे मामलों का भी निपटारा किया गया, जो पिछले करीब 7 से 8 वर्षों से लंबित थे। इन मामलों के समाधान के बाद संबंधित पक्षों ने राहत की सांस ली। उन्होंने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से विवादों का जल्द समाधान होता है और इससे समय व धन दोनों की बचत होती है।
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उन्होंने बताया कि लोक अदालत में आपसी सहमति से हुए फैसले दोनों पक्षों को मान्य होते हैं और इनके खिलाफ अपील का प्रावधान नहीं होता। इसके अलावा लोक अदालत में फैसला होने पर कोर्ट फीस भी पूरी तरह वापस कर दी जाती है। न्यायालयों में लंबित मामलों के साथ-साथ प्री-लिटिगेशन स्तर के मामलों को भी लोक अदालत में रखवाकर समाधान कराया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि लोक अदालत संबंधी जानकारी के लिए नागरिक हेल्पलाइन नंबर 01274-220062 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा नजदीकी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय से भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
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