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सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बरेली उपद्रव मामले में मौलाना तौकीर रजा का ट्रायल शुरू हो रहा है

बरेली उपद्रव मामले में मौलाना तौकीर रजा के खिलाफ सोमवार से फास्ट ट्रैक कोर्ट में ट्रायल शुरू होने वाला है। यह ट्रायल एक जानलेवा हमले के मामले में होगा। मौलाना रजा के खिलाफ पहले मुकदमा वही है जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने भी जमानत देने से इनकार कर दिया था।

18 जुलाई 2026 को 08:14 pm बजे
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बरेली उपद्रव मामले में मौलाना तौकीर रजा का ट्रायल शुरू हो रहा है

सौजन्य से:- Jagran

बरेली उपद्रव मामला: सुप्रीम कोर्ट से झटका खा चुके मौलाना तौकीर रजा की बढ़ीं मुश्किलें, अब फास्ट ट्रैक कोर्ट में शुरू हो रहा ट्रायल

बरेली उपद्रव मामले में मौलाना तौकीर रजा के खिलाफ सोमवार से फास्ट ट्रैक कोर्ट में ट्रायल शुरू हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट से जमानत खारिज होने के बाद अब बा ...और पढ़ें

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- सोमवार को बारादरी में दर्ज जानलेवा हमले के मामले में होगी सुनवाई

जागरण संवाददाता, बरेली। उपद्रव के मामले में सोमवार से फास्ट ट्रेक कोर्ट में ट्रायल शुरू हो रहा है। सबसे पहले बारादरी में दर्ज जानलेवा हमले के मामले में सुनवाई होगी। इसके बाद मंगलवार को कोतवाली में दर्ज मुकदमे का ट्रायल होगा। पुलिस अभी तक सभी मुकदमों में 119 आरोपितों के विरुद्ध चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर चुकी है।

महज 10 महीने के अंदर उपद्रव के मामले का ट्रायल पुलिस की तरफ से एक नजीर के रूप में पेश किया जाएगा। सोमवार को सबसे पहले उसी मुकदमे का ट्रायल शुरू किया जाएगा जिस मुकदमे में सुप्रीम कोर्ट ने भी मौलाना को जमानत देने से इनकार कर दिया।

26 सितंबर को मौलाना तौकीर रजा ने कानपुर के आइ लव मुहम्मद पोस्टर की आड़ में उपद्रव कराया था। हजारों की संख्या में भीड़ को एकत्र किया और पुलिस पर हमला करा दिया। उपद्रवियों ने पुलिस पर न सिर्फ फायरिंग की बल्कि, पेट्रोल और एसिड बम से भी हमला किया था। इस उपद्रव में कई पुलिसकर्मियों को चोट लगी।

मामले में पुलिस ने शहर के पांच थानों में 10 मुकदमे दर्ज कराए। शुरूआत में मौलाना को सभी मुकदमों में नामजद नहीं किया गया लेकिन विवेचना के दौरान सभी मुकदमों में उसका नाम प्रकाश में आ गया। पुलिस ने 27 सितंबर को मौलाना तौकीर रजा को गिरफ्तार कर फतेहगढ़ जेल भेज दिया, तब से वह वहीं पर बंद हैं।

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पुलिस ने एक सप्ताह के भीतर मौलाना समेत कुल 101 उपद्रवियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। साथ ही 119 आरोपितों के विरुद्ध कोर्ट में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। मौलाना के विरुद्ध बारादरी में लिखे गए मुकदमे में जमानत के लिए उसने स्थानीय कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की मगर यहां से उसे जमानत नहीं मिली।

इसके बाद उसने हाईकोर्ट में भी याचिका लगाई मगर हाई कोर्ट ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी। इसके बाद उसके अधिवक्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट जमानत याचिका डाली मगर वहां से भी उसे राहत नहीं मिली। जिस मुकदमे में जमानत के लिए मौलाना इतना छटपटा रहा था। अब इस मुकदमे में सोमवार से ट्रायल शुरू हो रहा है।

ये हैं वो मुकदमे जिनकी वजह से मौलाना नहीं आ रहा बाहर

मौलाना के विरुद्ध दर्ज 10 मुकदमों में से अभी चार मुकदमे ऐसे हैं जिनमें जमानत नहीं मिली है। पहला मुकदमा बारादरी में दर्ज हत्या के प्रयास का था। जिसे सुप्रीम कोर्ट से खारिज किया जा चुका है। इसके अलावा तीन मुकदमे कोतवाली में दर्ज हैं। इसमें से मुकदमा अपराध संख्या 492 जिसकी सुनवाई हाईकोर्ट में चल रही है।

इसमें इसी सप्ताह में पुलिस की ओर से काउंटर एफिडेविड दाखिल होना है। इसके अलावा मुकदमा अपराध संख्या 489 यह भी कोतवाली में दर्ज है। इसकी भी सुनवाई हाई कोर्ट में चल रही है। साथ ही कोतवाली का ही तीसरा मुकदमा 502 इसमें अभी मौलाना की ओर से लोअर कोर्ट में भी जमानत याचिका के लिए अप्लाई नहीं किया है।

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