दिल्ली हाईकोर्ट ने एक और जज को निलंबित किया, इस बार साकेत कोर्ट की जज पर गिरी गाज
दिल्ली हाईकोर्ट ने निचली अदालत के एक और जज को निलंबित कर दिया है। हाईकोर्ट ने साकेत कोर्ट की जज वीणा रानी को निलंबित करने का आदेश दिया। इससे पहले हाईकोर्ट ने तीस हजारी कोर्ट के जज विनय सिंघल को भी निलंबित किया था।

सौजन्य से:- ETV Bharat
दिल्ली हाईकोर्ट ने निचली अदालत के एक और जज को किया निलंबित, इस बार साकेत कोर्ट की जज पर गिरी गाज
हाईकोर्ट को यह अधिकार है कि वह किसी भी अधिकारी के खिलाफ जांच या कार्यवाही लंबित रहने के दौरान उसे निलंबित कर सके.
Published : July 18, 2026 at 7:23 PM IST
नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट ने निचली अदालत के एक और जज को निलंबित कर दिया है. हाईकोर्ट ने साकेत कोर्ट के कमर्शियल कोर्ट की जज वीणा रानी को निलंबित करने का आदेश दिया है. इसके पहले हाईकोर्ट ने तीस हजारी कोर्ट के जज विनय सिंघल को निलंबित किया था.
जज वीणा रानी को साकेत कोर्ट ने प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज के आफिस से अटैच कर दिया गया है. हाईकोर्ट ने वीणा रानी को बिना सक्षम प्राधिकार की अनुमति के दिल्ली के बाहर जाने पर रोक लगा दिया है. इसके पहले तीस हजारी कोर्ट के जज विनय सिंघल को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया था.
विनय सिंघल का मुख्यालय दिल्ली हाईकोर्ट ने ऑल इंडिया सर्विसेज अनुशासन और अपील नियम, 1969 के नियम 3 (1)(A) और दिल्ली हायर जुडिशियल सर्विस रूल्स के नियम 27 के तहत मिली शक्तियों का प्रयोग करते हुए दोनों जजों को निलंबित करने का आदेश दिया. इस नियम के तहत हाईकोर्ट को यह अधिकार है कि वह किसी भी अधिकारी के खिलाफ जांच या कार्यवाही लंबित रहने के दौरान उसे निलंबित कर सके.
निलंबन के आदेश के मुताबिक निलंबन की इस अवधि के दौरान विनय सिंघल का मुख्यालय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मुख्यालय, तीस हजारी कोर्ट, दिल्ली का कार्यालय होगा. इसके साथ ही, आदेश में यह साफ निर्देश दिया गया है कि वह सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति प्राप्त किए बिना दिल्ली से बाहर नहीं जा सकते हैं. इसके अलावा, आदेश में यह भी कहा गया है कि निलंबन की इस अवधि के दौरान प्रासंगिक नियमों के तहत श्री विनय सिंघल को मिलने वाला निर्वाह भत्ता और अन्य मिलने वाले भत्ते नियमानुसार प्रदान किए जाएंगे.
ये भी पढ़ें:
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
दिल्ली उच्च न्यायालय ने दो जिला न्यायाधीशों को निलंबित कर दिया

भूमि रिकॉर्ड, नागरिकता का प्रमाण नहीं: कलकत्ता उच्च न्यायालय ने विदेशी होने के संदेह में व्यक्ति की हिरासत के मुद्दे पर ग्रहण सुनवाई

क्या सरकार भूख हड़ताल पर बैठे व्यक्ति को जबरदस्ती खाना खिला सकती है?

जज वीना रानी का निलंबन: दिल्ली हाई कोर्ट ने क्यों दी सतर्कता जांच की मंजूरी?

कुशीनगर में मदनी मस्जिद से जुड़े विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने मस्जिद कमेटी की याचिका खारिज कर दी

दिल्ली में 500 से ज्यादा सरकारी सेवाओं के लिए निर्धारित समय के भीतर काम होगा, नहीं तो जुर्माना होगा!

फतेहाबाद में विशेष लोक अदालत आज: चेक बाउंस मामलों का होगा निपटारा, आपसी समझौते से सुलझेंगे विवाद;

नागरिकता प्रमाणित करना कैसे? इसी सवाल ने संविधान पात्रों के भी सिरदर्द बना दिया
ताज़ा ख़बरें
- दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश ने 4 मिशनों की वीज़ा और कांसुलर सेवाएं पंगु कर दीं
- दौसा में चेक बाउंस के 2326 मामलों पर 1 दिन में निपटाने की राह
- फरीदाबाद में 21-23 अगस्त 2026 को विशेष लोक अदालत, करा सकेंगे लंबित मामलों का निपटारा
- पासपोर्ट, वीजा टेंडर रद्द करने के दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश को केंद्र ने दिया चुनौती
- जीवन रक्षक दवाओं की कीमतों पर सुप्रीम कोर्ट की नजर, केरल हाई कोर्ट से जल्द फैसला लेने का निर्देश
- हिमाचल हाईकोर्ट की कड़ी टिप्पणी: कानून सिर्फ जागरूककर्ता की मदद करता है, मूकदर्शक की नहीं
- चेक बाउंस के मामलों के जल्द निपटान के लिए विशेष लोक अदालत
- न्याय की आस: सुप्रीम कोर्ट ने असम सरकार से विदेशी घोषित पांच महिलाओं के मामले में जवाब मांगा

