जमीयत राजस्थान हाईकोर्ट में दायर करेगी याचिका, जमीयत ने कहा नहीं चाहती टकराव
मौलाना महमूद मदनी ने कहा, संगठन संविधान और कानून के दायरे में रहकर प्रभावित नागरिकों, मस्जिदों, मदरसों तथा अन्य धार्मिक स्थलों के अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनी संघर्ष जारी रखेगा।

सौजन्य से:- Amar Ujala
{"_id":"6a5bd8d67509559fb40e06a3","slug":"jamiat-will-file-a-petition-in-the-rajasthan-high-court-on-the-instructions-of-the-supreme-court-madani-saharanpur-news-c-30-1-smrt1024-179889-2026-07-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर जमीयत राजस्थान हाईकोर्ट में दायर करेगी याचिका : मदनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर जमीयत राजस्थान हाईकोर्ट में दायर करेगी याचिका : मदनी
Sun, 19 Jul 2026 01:19 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sun, 19 Jul 2026 01:19 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देवबंद। जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष व पूर्व राज्यसभा सदस्य मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में जमीयत अब राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर खंडपीठ में धार्मिक स्थलों के संबंधित मामले में याचिका दायर करेगी।
मौलाना महमूद मदनी ने शनिवार को जारी बयान में कहा कि संगठन संविधान और कानून के दायरे में रहकर प्रभावित नागरिकों, मस्जिदों, मदरसों तथा अन्य धार्मिक स्थलों के अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर कानूनी संघर्ष जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि जमीयत उलमा-ए-हिंद का उद्देश्य किसी प्रकार का टकराव नहीं, बल्कि सांविधानिक व्यवस्था के अनुरूप न्याय प्राप्त करना है। कहा कि देश का संविधान प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार प्रदान करता है और धार्मिक स्वतंत्रता की भी गारंटी देता है। ऐसे में यदि किसी संस्था या नागरिक के अधिकार प्रभावित होते हैं तो न्यायपालिका का दरवाजा खटखटाना पूरी तरह सांविधानिक प्रक्रिया का हिस्सा है।
मौलाना मदनी ने कहा कि संगठन की विधिक टीम मामले के सभी पहलुओं का अध्ययन कर आवश्यक दस्तावेजों के साथ राजस्थान हाईकोर्ट में अपना पक्ष मजबूती से रखेगी। उन्होंने भरोसा जताया कि न्यायपालिका तथ्यों और कानून के आधार पर निष्पक्ष निर्णय देगी। उन्होंने कहा कि जमीयत देश के संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और न्यायिक प्रक्रिया में पूर्ण विश्वास रखती है। संगठन भविष्य में भी प्रभावित पक्षों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराता रहेगा और उनके सांविधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए हर वैधानिक मंच पर पूरी प्रतिबद्धता के साथ अपनी लड़ाई जारी रखेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
मौलाना महमूद मदनी ने शनिवार को जारी बयान में कहा कि संगठन संविधान और कानून के दायरे में रहकर प्रभावित नागरिकों, मस्जिदों, मदरसों तथा अन्य धार्मिक स्थलों के अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर कानूनी संघर्ष जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि जमीयत उलमा-ए-हिंद का उद्देश्य किसी प्रकार का टकराव नहीं, बल्कि सांविधानिक व्यवस्था के अनुरूप न्याय प्राप्त करना है। कहा कि देश का संविधान प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार प्रदान करता है और धार्मिक स्वतंत्रता की भी गारंटी देता है। ऐसे में यदि किसी संस्था या नागरिक के अधिकार प्रभावित होते हैं तो न्यायपालिका का दरवाजा खटखटाना पूरी तरह सांविधानिक प्रक्रिया का हिस्सा है।
विज्ञापन
मौलाना मदनी ने कहा कि संगठन की विधिक टीम मामले के सभी पहलुओं का अध्ययन कर आवश्यक दस्तावेजों के साथ राजस्थान हाईकोर्ट में अपना पक्ष मजबूती से रखेगी। उन्होंने भरोसा जताया कि न्यायपालिका तथ्यों और कानून के आधार पर निष्पक्ष निर्णय देगी। उन्होंने कहा कि जमीयत देश के संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और न्यायिक प्रक्रिया में पूर्ण विश्वास रखती है। संगठन भविष्य में भी प्रभावित पक्षों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराता रहेगा और उनके सांविधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए हर वैधानिक मंच पर पूरी प्रतिबद्धता के साथ अपनी लड़ाई जारी रखेगा।
विज्ञापन
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने शरिया अदालतों को तलाक का कानूनी अधिकार न होने की पुष्टि की

विद्युत अधिनियम के संशोधन मसौदे पर प्रतिक्रिया आमंत्रित, अक्टूबर में संसद में पेश होगा

हो ची मिन्ह सिटी शहरी विकास कानून से डिजिटल प्रेस को नया रूप देने की दिशा में कदम

स्वास्थ्य मंत्रालय ने पाँच प्रमुख विधायी मसौदों की अंतिम समीक्षा हेतु बैठक का संचालन किया

डिजिटल मंच पर कानून प्रतियोगिता: 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर 5 लाख से अधिक प्रतिभागी

सहारनपुर कलेक्टरैट में अवैध घोषित मस्जिद का कानूनी ध्वंस, विपक्ष पर घर में हिरासत का आरोप

आठ हाई कोर्ट में नए मुख्य न्यायाधीश नियुक्त, जानें कौन संभालेंगे किस अदालत की जिम्मेदारी

मस्जिद गिराने के बाद मौलाना मदनी ने उठाया समानता का सवाल
ताज़ा ख़बरें
- सहारनपुर की प्राचीन मस्जिद ध्वस्त, अरशद मदनी ने समान कानूनी लागू होने की पुकार
- सहारनपुर में मस्जिद ध्वस्त: मौलाना अरशद मदनी ने संविधान‑कानून की समानता पर सवाल उठाए
- राष्ट्रपति ने संजय कुमार अग्रवाल को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया
- खाद्य सुरक्षा कानून में नए बदलाव: जन स्वास्थ्य की बेहतर रक्षा
- न्यायाधिकरण नियुक्तियाँ: 2026 अधिनियम में छिपी स्वतंत्रता की कमी
- न्यायमूर्ति नरीमन ने मध्यस्थता व्यवस्था में निश्चितता और सटीकता की अपील की
- न्यायमूर्ति आरएफ नरीमन ने मध्यस्थता कानून में अनिश्चितता का इशारा किया
- सुप्रीम कोर्ट ने NCTE को शिक्षक शिक्षा की प्रमुख नियामक सत्ता की पुष्टि, जिम्मेदारियों पर ज़ोर

