सुप्रीम कोर्ट को सुमित राय की अग्रिम जमानत के लिये दुआ
तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक सुमित राय की अग्रिम जमानत के लिये सुप्रीम कोर्ट 31 अगस्त को सुनवाई करेगा। कलकत्ता हाई कोर्ट ने इनकार कर दिया था, जबकि पुलिस पूछताछ के लिये उन्हें हिरासत में रखना चाहती है। राय वकील का दावा है कि वह पुलिस के साथ सहयोग कर रहे हैं और संविधान के अनुसार चुप रहने का अधिकार रखते हैं।

सौजन्य से:- Jagran
सुप्रीम कोर्ट पहुंचे अभिषेक बनर्जी के PA सुमित राय, हाई कोर्ट से झटका मिलने के बाद अग्रिम जमानत के लिए लगाई गुहार
सुप्रीम कोर्ट 31 अगस्त को तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक सुमित राय की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करेगा।
HighLights
- सुप्रीम कोर्ट 31 अगस्त को सुमित राय की याचिका पर सुनवाई करेगा।
- कलकत्ता हाई कोर्ट ने अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया था।
- पुलिस सहयोग न करने पर हिरासत में पूछताछ करना चाहती है।
पीटीआई, नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक (पीए) सुमित राय की अपील पर सुप्रीम कोर्ट 31 अगस्त को सुनवाई करेगा।
सुमित राय ने कलकत्ता हाई कोर्ट के तीन अगस्त के उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें उन्हें साल्बोनी में सरकारी जमीन हड़पने के मामले में अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने छह अगस्त को इस मामले में राय की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। बंगाल पुलिस ने एक सीलबंद लिफाफे में राय को कथित तौर पर दोषी ठहराने वाले कुछ सुबूत अदालत को सौंपे हैं।
पुलिस सहयोग नहीं करने के आधार पर उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ करना चाहती है।
बंगाल सरकार की ओर से पेश सालिसिटर जनरल तुषार मेहता ने 19 अगस्त को पिछली सुनवाई में प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ से आग्रह किया था कि राय को गिरफ्तारी से मिली सुरक्षा वापस ले ली जाए क्योंकि वह कथित तौर पर पुलिस के साथ सहयोग नहीं कर रहे हैं और सवालों से बच रहे हैं।
राय के वकील गोपाल शंकरनारायणन का कहना था कि वह अदालत के निर्देशानुसार पुलिस के सामने पेश हो रहे हैं और उन्हें संविधान के तहत चुप रहने का अधिकार है।
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