सड़क पर जुर्माने की राहत: कौन से ट्रैफ़िक चालान मिलेंगे पूरी माफी, कौन पर रहेगा पूरा जुर्माना
देश भर में 12 सितम्बर को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय लोक अदालत में लंबित ट्रैफ़िक जुर्मानों का निपटारा होगा। हेलमेट न पहनना, सीट बेल्ट न लगाना, सिग्नल तोड़ना, गलत पार्किंग, प्रदूषण प्रमाणपत्र न होना या बीमा समाप्त होना जैसे मामूली उल्लंघन अक्सर पूरी तरह माफ या कम शुल्क में निपटाए जा सकते हैं, जबकि नशे में गाड़ी चलाना या हिट‑एंड‑रन जैसे गंभीर अपराधों पर पूर्ण जुर्माना लगाया जाएगा।

सौजन्य से:- Jagran
National Lok Adalat जाने से पहले देख लें, कौन से चालान होंगे 100% माफ और किस पर कोर्ट वसूलेगा पूरा पैसा!
देशभर में इस हफ्ते एक बार फिर से Lok Adalat का आयोजन किया जा रहा है। यह उनके लिए सबसे ...और पढ़ें
समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
ऑटो डेस्क, नई दिल्ली। भारत में सड़कों पर हर रोज लाखों की संख्या में वाहनों का उपयोग किया जाता है। जिनमें से कई वाहन जानकर या गलती से ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन कर बैठते हैं। एक बार नियम का उल्लंघन होने के बाद ट्रैफिक पुलिस की ओर से चालान भी जारी कर दिया जाता है। जिनका निपटारा Lok Adalat में किया जा सकता है। अगर आपके वाहन का चालान भी लोक अदालत में माफ करवाना चाहते हैं, तो इस हफ्ते में आपको यह मौका कब मिल सकता है। किस तरह के चालान लोक अदालत में माफ हो जाते हैं और किन पर पूरा जुर्माना देना पड़ता है। हम आपको इस खबर में बता रहे हैंं।
लगने वाली है Lok Adalat
देशभर में लंबित ट्रैफिक चालान और इसी तरह के मामलों का निपटारा करने के लिए समय समय पर लोक अदालत का आयोजन किया जाता है। इस हफ्ते भी 12 September को लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें इस तरह के कई मामलों पर सुनवाई होगी और उनका निपटारा किया जाएगा।
माफ हो सकते हैं चालान
लोक अदालत में कम समय और कम कीमत पर निपटारा किया जाता है। कई बार तो छोटे मामलों वाले ट्रैफिक चालान को या तो पूरी तरह से माफ कर दिया जाता है, या फिर बेहद कम राशि का जुर्माना लगाकर निपटारा किया जाता है।
किस तरह के चालान में मिलती है माफी
लोक अदालत में कई तरह के चालान में जज की ओर से माफ भी किया जा सकता है। इनमें बिना हेलमेट वाहन चलाना, सीट बेल्ट न लगाना, ट्रैफिक सिग्नल तोड़ना, गलत तरह से पार्किंग करना, प्रदूषण सर्टिफिकेट न होना, इंश्योरेंस खत्म होने जैसे मामले शामिल होते हैं। कई बार इस तरह के मामलों में बिना जुर्माना लगाए ही निपटारा कर दिया जाता है।
किन मामलों में नहीं मिलती राहत
ट्रैफिक नियमों में गंभीर उल्लंघन जैसे मामलों में लोक अदालत से माफी नहीं मिलती। ऐसे मामलों में नशे में वाहन चलाना, हिट एंड रन जैसे मामले शामिल होते हैं। इस तरह के चालान पर लोक अदालत भी पूरा जुर्माना लगा सकती है।
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