NALSAR विवाद के बीच BCI चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा को हटाने की मांग, सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर
सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा को हटाने और नए चुनाव कराने की मांग की गई है। नई दिल्ली: हैदराबाद की NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ के ग्रेजुएट बैच के एनरोलमेंट को रोक…

सौजन्य से:- Navbharat Times
सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा को हटाने और नए चुनाव कराने की मांग की गई है।
नई दिल्ली: हैदराबाद की NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ के ग्रेजुएट बैच के एनरोलमेंट को रोकने के फैसले के बाद शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। जहां एक तरफ पिछले दिनों कुछ वकील बार काउंसिल अध्यक्ष की इस्तीफे की मांग कर रहे थे, वहीं सुप्रीम कोर्ट में बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा को उनके पद से हटाने और BCI के नए चुनाव कराने की मांग को लेकर एक जनहित याचिका दायर की गई है।
याचिकाकर्ता ने नियुक्ति से जुड़े नियमों का दिया हवाला
सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में BCI के नियमों (नियम 12(2)) का हवाला देते हुए मनन कुमार मिश्रा के कार्यकाल को पांच साल के लिए बढ़ाने वाले अप्रैल 2025 के गजट नोटिफिकेशन को चुनौती दी गई है, क्योंकि नियमों के मुताबिक BCI चेयरमैन का कार्यकाल केवल दो साल का होता है।
किसने दायर की BCI अध्यक्ष के खिलाफ याचिका
सुप्रीम कोर्ट में वकील एमजी योगमाया द्वारा दायर याचिका में कोर्ट से मांग की गई है कि मिश्रा को पद से हटाकर BCI के कामकाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए एक स्वतंत्र प्रशासनिक समिति का गठन किया जाए। साथ ही, BCI के वित्तीय मामलों, नियुक्तियों, BCI ट्रस्ट PEARL-FIRST और ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन (AIBE) के कामकाज की जांच के लिए किसी सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र समिति बनाने का भी अनुरोध किया गया है।
कहां से शुरू हुआ सारा विवाद
आपको बता दें कि हैदराबाद की NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ के ग्रेजुएट बैच का दीक्षांत समारोह होना था। छात्रों ने दीक्षांत समारोह में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत की मौजूदगी पर आपत्ति जताई थी, जिसके बाद BCI प्रमुख ने राज्य बार काउंसिलों को छात्रों का एनरोलमेंट न करने का निर्देश जारी कर दिया था। इस कदम पर CJI की कड़ी फटकार और देशभर में वकीलों के भारी विरोध प्रदर्शन के बाद मिश्रा ने 15 अगस्त को बिना शर्त माफी मांगते हुए अपना आदेश वापस ले लिया था।
लेखक के बारे मेंदीपांशुदीपांशु वर्तमान में 'नवभारत टाइम्स ऑनलाइन' में कंसल्टेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के डॉ. भीम राव अंबेडकर कॉलेज से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन और आईआईएमसी (IIMC) दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। मीडिया इंडस्ट्री में एक साल से ज्यादा का अनुभव रखने वाले दीपांशु ने अपने करियर की शुरुआत साल 2025 में 'NDTV इंडिया' से की थी।उन्हें डिजिटल न्यूज रूम की तेज रफ्तार और ब्रेकिंग न्यूज कल्चर की अच्छी समझ है। दीपांशु की मुख्य रुचि राजनीति और क्राइम खबरों में है। वह बिहार चुनाव 2025, बजट 2026 और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों को कवर कर चुके हैं। इसके अलावा वह यूटिलिटी, लोकल, जंगल न्यूज और गुड न्यूज जैसी खबरों पर भी लगातार काम करते हैं।सोशल मीडिया और गूगल ट्रेंड्स पर उनकी खास नजर रहती है। वह इंटरनेट पर वायरल हो रहे मुद्दों और पाठकों की पसंद को समझकर खबरों को बहुत सरल, सटीक और असरदार तरीके से पेश करते हैं।... और पढ़ें
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