समस्तीपुर में छेड़छाड़ पर MP शांभवी चौधरी ने महिला सुरक्षा कानूनों की समीक्षा का आग्रह
समस्तीपुर में नाबालिग छात्रा के साथ हुई सार्वजनिक बदसलूकी के बाद सांसद शांभवी चौधरी ने महिला सुरक्षा विधियों की पुनः जाँच की आवश्यकता जताई और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मिलकर इस पर चर्चा करने का इरादा बताया। उन्होंने चार आरोपियों की त्वरित गिरफ़्तारी की पुष्टि की और पीड़िता की पहचान को सोशल मीडिया पर प्रसारित न करने की पुकार की।

सौजन्य से:- Hindustan
महिला सुरक्षा कानून की समीक्षा करें सम्राट चौधरी, समस्तीपुर में छेड़खानी पर MP शांभवी चौधरी सख्त
समस्तीपुर सासंद शांभवी चौधरी ने बिहार में महिला सुरक्षा कानूनों की समीक्षा की अवश्यकता बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से इस विषय पर मिलकर बात करेंगे।
बिहार के समस्तीपुर में नाबालिग छात्रा के साथ सरेआम बदसलूकी और छेड़छाड़ पर स्थानीय लोजपा-आर सांसद शांभवी चौधरी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सख्त लहजे में पूछा है कि ऐसी घटनाएं बार-बार क्यों हो रही हैं। सासंद ने बिहार में महिला सुरक्षा कानूनों की समीक्षा की अवश्यकता बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से इस विषय पर मिलकर बात करेंगे। उन्होंने यह भी कहा है कि समाज के प्रबुद्ध तबके को भी इन घटनाओं पर विचार करना पड़ेगा।
सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट में उन्होंने कहा कि समस्तीपुर के कर्पूरीग्राम में हमारी एक बहन के साथ हुई बदसलूकी की घटना बेहद निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है। कल देर रात इस घटना की जानकारी मिली। इसके बाद से ही लगातार पुलिस अधीक्षक एवं प्रशासन के संपर्क में हैं और मामले में त्वरित कार्रवाई के लिए बात की। वीडियो के आधार पर 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
समस्तीपुर सांसद ने कहा है कि हमारी बहन-बेटियों के सम्मान और सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। दोषियों के विरुद्ध कानून के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित हो, इसके लिए हम प्रशासन के लगातार संपर्क में हैं। न्यूज 18 से बात करते हुए उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर लार्डर डिबेट की जरूरत है कि बेटियों की सुरक्षा की चिंता हम सबको क्यों नहीं है। वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने जमुई और समस्तीपुर दोनों कांडों में सक्रियता के साथ काम किया। लेकिन, घटना की जानकारी स्थानीय स्तर से कोई जानकारी निकलकर सामने नहीं आई, यह चिंता का विषय है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस तरह की घटनाएं हो क्यों रही हैं और इनके वीडियो बनाए क्यों जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य में महिला की सुरक्षा के लिए जो कानून बनाए गए हैं इनकी समीक्षा की जरूरत हैं। इसमें जहां बदलाव की जरुरत है उन्हें किए जाएं। इसके लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मिलकर बात करेंगे। उनके नेतृत्व वाली सरकार ने इस दिशा में त्वरित कार्रवाई की है लेकिन, घटनाओं का नहीं होना सुनिश्चित किया जाना चाहिए। बिहार सरकार अपराध पर जीरो टॉलेरेंस की नीति पर एनडीए सरकार काम कर रही है।
शांभवी चौधरी ने अनुरोध किया है कि घटना से संबंधित वीडियो को बच्ची के चेहरे अथवा पहचान के साथ सोशल मीडिया पर प्रसारित न करें। उसकी पहचान और गरिमा की रक्षा करना हम सभी की जिम्मेदारी है। पुलिस भी लगातार इस दिशा में काम कर रही है कि बच्ची की पहचान पूरी तरह सुरक्षित रहे। समस्तीपुर की हर बेटी का सम्मान,सुरक्षा और गरिमा हमारी जिम्मेदारी है।
इधर पूर्व मंत्री सह जदयू विधायक श्याम रजक ने कहा है कि बेटियों के प्रति अपराध को कभी स्वीकार नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री गृह मंत्रालय के पदाधिकारियों के साथ ऐक्टिव हैं। इस कार्य में आम जनों की सहभागिता भी होना चाहिए ताकि इस तरह के कलंक को खत्म किया जासके। समाज को ऐसे बदमाश प्रवृत्ति वालों पर कार्रवाई के लिए पुलिस को सहयोग देना चाहिए।
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