उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश, कांवड़ यात्रा पर रखी जाएगी विशेष नजर
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अफसरों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए हैं और कहा है कि कांवड़ मार्गों से लेकर सभी संवेदनशील स्थानों पर शरारती तत्वों पर कड़ी नजर रखी जाए। उन्होंने यह भी कहा कि आंदोलनकारी छात्रों के साथ अनावश्यक कठोर बर्ताव न किया जाए।

सौजन्य से:- Hindustan
कानून-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं, कांवड़ यात्रा पर रखें नजर, केशव प्रसाद मौर्य के सख्त निर्देश
नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य ने सभी राजनीतिक दलों के सदस्यों से सदन की कार्यवाही को गरिमापूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संचालित करने में पूर्ण सहयोग देने का आग्रह किया। साथ ही अफसरों को कानू-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश भी दिए हैं।
Keshav Prasad Maurya: आतंकी साजिश को लेकर यूपी में हाई अलर्ट के बाद उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने रविवार को विधान भवन के सभागार में मानसून सत्र-2026 के दौरान शांति-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कानून-व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को मानसून सत्र के दौरान बेहद कड़े सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित कराने के साथ ही सभी जिलों में अतिरिक्त सतर्कता बरते जाने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि कांवड़ मार्गों से लेकर सभी संवेदनशील स्थानों पर शरारती तत्वों पर कड़ी नजर रखी जाए। जम्मू-कश्मीर में आतंकी घटना के बाद शनिवार को मुख्यमंत्री आवास, विधान भवन व कांवड़ यात्रा मार्गों पर आतंकी साजिश को लेकर हाई अलर्ट जारी किया गया था।
शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन सभी का अधिकार
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन सभी का अधिकार है, इसलिए आंदोलनकारी छात्रों के साथ अनावश्यक कठोर बर्ताव न किया जाए। छात्र आंदोलनों की आड़ लेकर कानून-व्यवस्था भंग करने अथवा आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त तत्वों को किसी भी स्थिति में बख्शा न जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भविष्य में लखनऊ के अलीगंज में हुए अग्निकांड जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इसके लिए प्रभावी निगरानी, समयबद्ध कार्रवाई तथा खुफिया तंत्र को और अधिक सक्रिय बनाया जाए। हर संवेदनशील क्षेत्र पर विशेष सतर्कता बरती जाए तथा किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए अग्रिम रणनीति अपनाई जाए। एनओसी (अनापत्ति प्रमाण-पत्र) के नाम पर किसी भी नागरिक का उत्पीड़न या शोषण न होने पाए।
अवैध धर्मांतरण पर अंकुश लगाने के लिए चलाएं अभियान
उपमुख्यमंत्री ने अवैध धर्मांतरण की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश भी दिया। कहा कि कांवड़ यात्रा पूरी तरह सुरक्षित, सुचारु, सुविधायुक्त व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। कहा कि कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद, डीजीपी राजीव कृष्ण, एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश, एडीजी यातायात ए.सतीश गणेश, एडीजी लॉजिस्टिक्स संजीव गुप्ता, एडीजी मानवाधिकार राज कुमार समेत अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।
अयोध्या प्रकरण की भी समीक्षा
उपमुख्यमंत्री ने बैठक में अयोध्या राममंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले की भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रकरण की गहन व निष्पक्ष जांच करते हुए दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जांच में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए।
यह भी दिए निर्देश
लेखक के बारे में
Dinesh Rathourदिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट
पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर
यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका
(डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर
आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और
डिजिटल माध्यमों से पहचाना है।
लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में कार्यरत दिनेश दिनेश, खबरों के पीछे की राजनीति और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स (वायरल
वीडियो) को बारीकी से विश्लेषण करने के लिए जाने जाते हैं।
पत्रकारिता का सफर
हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब
एक साल तक काम किया। इसके बाद वह कानपुर में ही दैनिक जागरण से जुड़े। 2012 में मुरादाबाद हिंदुस्तान जब लांच हुआ तो
उसका हिस्सा भी बने। करीब दो साल यहां नौकरी करने के बाद दिनेश राजस्थान पत्रिका से जुड़ गए। सीकर जिले में दिनेश ने
करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में
प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी
है।
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
जोधपुर में नदी प्रदूषण पर सख्ती: 5 आरोपी हिरासत में

बांग्लादेश की अदालत ने चिन्मय दास को दो मामलों में जमानत दी, जेल में रहना जारी

परीक्षा सुधार की नई पहल: क्या छात्रों की मांगें पूरी होंगी?

भाजपा पर चंदा चोरी का आरोप, कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एसआईटी जांच की मांग की

बीजेपी को महंगाई, बेरोजगारी और कानून व्यवस्था पर घेरा, औवेसी को ट्वीट में जवाब दिया

सोशल मीडिया और न्यायपालिका की छवि, जस्टिस मसीह ने क्या कहा?

आम आदमी पार्टी के पूर्व विधायक नरेश बाल्यान को अदालत से बड़ी राहत

SC NEET विरोध प्रदर्शन मामले में होगी निष्पक्ष जांच, सोमवार को हो सकता है एसआईटी का गठन
ताज़ा ख़बरें
- न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुईयां: एक शानदार रास्ता जो कानून और न्याय की दुनिया में सफलता तक ले आया
- FIR कैंसल करना एक आसान काम नहीं: सुप्रीम कोर्ट ने रद्द किया हाई कोर्ट का फैसला
- राउज एवेन्यू में अदालतों का खोलेगा तेज गति का द्वार, गंभीर मामलों का जल्द निपटारा
- सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, ऐसे नहीं हो सकती प्राथमिकी कैंसल
- पेपर लीक को लेकर मोदी सरकार ने दिलाया न्याय, कड़ी सजा का प्रावधान
- बुजुर्ग और बीमार कैदियों को समय से पहले रिहा करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला
- सुप्रीम कोर्ट में ED के खिलाफ TMC का सिंगार, 133.84 करोड़ रुपये के मामले में होगी सुनवाई
- हिमाचल कर्मचारी एक्ट का मामला: वोट बैंक से जुड़ा सरकारी कर्मचारियों का मसला कितना महत्वपूर्ण!

