होममुकदमेसुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, वन विभाग ने जारी किए निर्देश
मुकदमे

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, वन विभाग ने जारी किए निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड हाईकोर्ट के तीन निर्देशों को निरस्त कर दिया है। इससे बुग्यालों में पर्यटकों की संख्या 200 तक सीमित रखने की बाध्यता समाप्त हो गई है, रात्रि प्रवास पर लगाया गया पूर्ण प्रतिबंध भी हट गया है और बुग्यालों को राष्ट्रीय उद्यान या अभयारण्य घोषित करने पर विचार संबंधी निर्देश प्रभावहीन हो गया है।

28 जुलाई 2026 को 05:53 pm बजे
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, वन विभाग ने जारी किए निर्देश

सौजन्य से:- ETV Bharat

सुप्रीम कोर्ट से सरकार को मिली बड़ी राहत, आठ साल पुराने तीन प्रतिबंध खत्म, वन विभाग ने जारी किए निर्देश

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बुग्यालों को लेकर कुछ प्रतिबंध लगाए थे, जिसको सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी.

By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : July 28, 2026 at 6:32 PM IST

चमोली: उत्तराखंड के उच्च हिमालयी बुग्यालों में पर्यटन गतिविधियों को लेकर वर्ष 2018 से लागू तीन प्रमुख प्रतिबंधों में अब राहत मिल गई है. सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड हाईकोर्ट के तीन निर्देशों को निरस्त कर दिया है. इसके बाद बदरीनाथ वन प्रभाग गोपेश्वर के प्रभागीय वनाधिकारी ने सभी वन क्षेत्राधिकारियों को आदेश जारी कर न्यायालय के निर्णय का अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.

दरअसल, साल 2014 में औली-बेदनी-बुग्याल संरक्षण समिति की ओर से उत्तराखंड हाईकोर्ट में जनहित याचिका (पीआईएल संख्या-123/2014) दायर की गई थी. इस याचिका पर सुनवाई करते हुए 21 अगस्त 2018 को उत्तराखंड हाईकोर्ट ने बुग्यालों के संरक्षण के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए थे. इन आदेशों के बाद राज्य के अधिकांश हाई हिमालयी बुग्यालों में पर्यटन गतिविधियों पर कड़े प्रतिबंध लागू हो गए थे.

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में बुग्यालों में प्रतिदिन पर्यटकों की संख्या अधिकतम 200 तक सीमित रखने, रात्रि प्रवास (ओवरनाइट स्टे) पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने व बुग्यालों को राष्ट्रीय उद्यान या अभयारण्य घोषित करने पर विचार करने के निर्देश दिए थे. इन आदेशों का ट्रैकिंग और पर्यटन गतिविधियों पर व्यापक प्रभाव पड़ा था.

हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए उत्तराखंड सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी सिविल संख्या-24801/2019) दायर की. इस पर सुनवाई के बाद 20 जुलाई 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया. सर्वोच्च न्यायालय ने हाईकोर्ट के आदेश में शामिल 'सी', 'ई' और 'एल' निर्देशों को अव्यावहारिक मानते हुए निरस्त कर दिया.

इसके साथ ही बुग्यालों में पर्यटकों की संख्या 200 तक सीमित रखने की बाध्यता समाप्त हो गई है. रात्रि प्रवास पर लगाया गया पूर्ण प्रतिबंध भी हट गया है. बुग्यालों को राष्ट्रीय उद्यान या अभयारण्य घोषित करने पर विचार संबंधी निर्देश भी प्रभावहीन हो गया है. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि 21 अगस्त 2018 के हाईकोर्ट के अन्य सभी पर्यावरण संरक्षण संबंधी दिशा-निर्देश पूर्ववत लागू रहेंगे और उनका अक्षरशः पालन कराया जाएगा. न्यायालय ने कहा है कि पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मूल उद्देश्य से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा.

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बदरीनाथ वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी ने 27 जुलाई को सभी वन क्षेत्राधिकारियों को पत्र जारी कर निर्देश दिए हैं कि अपने-अपने क्षेत्रों में सर्वोच्च न्यायालय के संशोधित आदेशों के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करें. कोर्ट के प्रभावी दिशा-निर्देशों का भी सख्ती से पालन कराया जाए.

सर्वोच्च न्यायालय के इस फैसले को उत्तराखंड के ट्रेकिंग, पर्वतीय पर्यटन और स्थानीय आजीविका से जुड़े लोगों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है. वहीं, वन विभाग का कहना है कि पर्यटन गतिविधियों के संचालन के दौरान बुग्यालों की पारिस्थितिकी और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े सभी प्रभावी नियमों का पालन पहले की तरह अनिवार्य रहेगा.

पढ़ें---

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
विशेष अदालतें: भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली का परीक्षण
मुकदमे

विशेष अदालतें: भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली का परीक्षण

भूमि कानून में संशोधन पर राष्ट्रीय सभा की स्थायी समिति की राय
मुकदमे

भूमि कानून में संशोधन पर राष्ट्रीय सभा की स्थायी समिति की राय

पंजाब हरियाणा और चंडीगढ़ को हाईकोर्ट की फटकार, मानसिक पीड़ितों के अधिकारों की रक्षा के लिए देरी पर सवाल
मुकदमे

पंजाब हरियाणा और चंडीगढ़ को हाईकोर्ट की फटकार, मानसिक पीड़ितों के अधिकारों की रक्षा के लिए देरी पर सवाल

याचिका केवल अपने कथनों पर खारिज की जा सकती है: आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय
मुकदमे

याचिका केवल अपने कथनों पर खारिज की जा सकती है: आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय

दिल्ली उच्च न्यायालय ने चुनाव आयोग से कहा- शिक्षकों को 'असहनीय' बोझ न दें
मुकदमे

दिल्ली उच्च न्यायालय ने चुनाव आयोग से कहा- शिक्षकों को 'असहनीय' बोझ न दें

मोहाली लोक अदालत की गमाडा को सख्त चेतावनी
मुकदमे

मोहाली लोक अदालत की गमाडा को सख्त चेतावनी

अहमदाबाद एयर इंडिया दुर्घटना जांच: अदालत 13 अक्टूबर को आगे की सुनवाई पर
मुकदमे

अहमदाबाद एयर इंडिया दुर्घटना जांच: अदालत 13 अक्टूबर को आगे की सुनवाई पर

शांति के अधिकार का संरक्षण संविधान का मूलभूत अधिकार: सीजेआई
मुकदमे

शांति के अधिकार का संरक्षण संविधान का मूलभूत अधिकार: सीजेआई

ताज़ा ख़बरें