हाईकोर्ट ने किठौर मामले में आरोपी की जमानत अस्वीकृत, गवाहों पर दबाव की सम्भावना को प्राथमिकता दी
एलाहाबाद हाईकोर्ट ने मेरठ के किठौर थाने से जुड़े अपराध में अभियुक्त की तीसरी जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने गवाहों को प्रभावित करने और साक्ष्यों में छेड़छाड़ की सम्भावना को देखते हुए रिहाई का कोई आधार नहीं पाया। अभियुक्त 13 फरवरी 2025 से जेल में है और पहले भी 16 मार्च 2026 को जमानत नहीं मिली थी।

सौजन्य से:- bhaskar.com
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आपराधिक मामले में आरोपी की जमानत खारिज:किठौर में गवाहों को प्रभावित करने और साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका पर हाईकोर्ट का फैसला
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मेरठ के किठौर थाने से जुड़े आपराधिक मामले में अभियुक्त की तीसरी जमानत याचिका प्रयागराज स्थित इलाहाबाद कोर्ट ने खारिज कर दी। न्यायमूर्ति आशुतोष श्रीवास्तव की एकल पीठ ने यह आदेश दिया। अभियुक्त 13 फरवरी 2025 से जेल में बंद है।
उसके खिलाफ किठौर थाने में भारतीय न्याय संहिता और आर्म्स एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज है। इससे पहले उसकी दूसरी जमानत याचिका 16 मार्च 2026 को हाईकोर्ट ने खारिज की थी। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दो गवाहों के बयान दर्ज होने की दलील दी। राज्य और वादी पक्ष ने जमानत का विरोध किया। अदालत ने गवाहों को प्रभावित किए जाने की आशंका को ध्यान में रखते हुए जमानत देने का आधार नहीं पाया।
दो गवाहों के बयान दर्ज होने की दलील
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि मामले में दो गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं। इसी आधार पर अभियुक्त को जमानत दिए जाने की मांग की गई।
मुख्य गवाहों ने नाम लेने की बात कही
राज्य और वादी पक्ष ने जमानत का विरोध किया। उनकी ओर से कहा गया कि मामले के मुख्य गवाहों ने अभियुक्त का नाम लिया है और अभी अन्य गवाहों के बयान दर्ज होना बाकी हैं।
गवाहों को प्रभावित करने की आशंका
हाईकोर्ट ने गवाहों को प्रभावित किए जाने की आशंका को सुनवाई में अहम माना। सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए अदालत ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में अभियुक्त को जमानत पर रिहा करने का आधार नहीं बनता। इसके बाद तीसरी जमानत याचिका खारिज कर दी गई।
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