महिला पहलवानों ने बृजभूषण सिंह की बरी को चुनौती, दिल्ली कोर्ट में दायर की अपील
ब्रीजभूषण शरण सिंह को यौन उत्पीड़न मामले में बरी कर देने के फैसले को महिला पहलवानों ने 'पुराना' और दकियानूसी कहा, और कोर्ट में अपील दर्ज कर विरोध किया। उन्होंने कहा कि आरोप रिहर्स्ड और प्लांटेड थे, जबकि दो पहलवान ने स्वयं अपनी शिकायतें वापस ले लीं।

सौजन्य से:- jagran.com
'पुराने ढर्रे पर सुनाया गया फैसला', बृजभूषण के बरी होने पर महिला पहलवानों ने उठाए सवाल; पहुंचीं अदालत
महिला पहलवानों ने दिल्ली की कोर्ट में बृजभूषण शरण सिंह को यौन उत्पीड़न मामले में बरी किए जाने के खिलाफ अपील की है।
HighLights
- महिला पहलवानों ने बृजभूषण सिंह के बरी होने को चुनौती दी।
- यौन उत्पीड़न मामले में दिल्ली कोर्ट में अपील दायर की।
- फैसले को 'पुराना, दकियानूसी' बताया, रूढ़िवादी सोच पर आधारित।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। भाजपा के पूर्व सांसद और रेस्टलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को यौन उत्पीड़न मामले में बरी किए जाने के खिलाफ महिला पहलवानों ने दिल्ली की कोर्ट में अपील की है।
अदालत के एक महीने पुराने आदेश को चुनौती देते हुए महिला पहलवानों ने दलील दी है कि यह फैसला 'पुराने और दकियानूसी' है। उन्होंने कहा कि यह फैसला पारंपरिक और रूढ़िवादी सोच पर आधारित है, जो पीड़िताओं से एक निश्तित तरह के व्यवहार की ही अपेक्षा करता है।
बीते महीने सुनाए फैसले में क्या?
भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष एवं भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में कोर्ट ने अपने फैसले में बेहद कड़ी टिप्पणियां की हैं।
अदालत ने कहा कि बृजभूषण सिंह के खिलाफ लगाए गए आरोप झूठे और गढ़े हुए प्रतीत होते हैं और प्रथम दृष्टया पूरा मामला राजनीतिक रूप से प्रेरित साजिश का हिस्सा लगता है।
अदालत ने तीन अगस्त को बृजभूषण सिंह और WFI के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर को मामले में बरी कर दिया था।
आरोपों से मुकर गईं 2 महिला पहलवान
राउज एवेन्यू स्थित अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अश्विनी पंवार ने कहा कि अभियोजन के मामले की अहम कड़ी रहीं दो महिला पहलवान अदालत में अपने आरोपों से मुकर गईं।
दोनों ने स्पष्ट रूप से कहा कि उनके साथ कोई यौन उत्पीड़न नहीं हुआ था। कोर्ट ने कहा कि दोनों को शुरुआत से ही पीड़ित के तौर पर पेश किया गया, लेकिन अदालत में उनके बयान अभियोजन के दावे के विपरीत रहे।
आरोप रिहर्स और प्लांटेड लगते हैं
कोर्ट ने टिप्पणी की कि बृजभूषण सिंह के खिलाफ लगाए गए आरोप रिहर्स किए हुए, अच्छी तरह अभ्यास किए गए और प्लांटेड प्रतीत होते हैं। अदालत ने यह भी कहा कि शिकायतें घटनाओं के काफी समय बाद दर्ज कराए जाने के तथ्य को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
फैसले में कहा गया कि दोनों पहलवानों के बयानों ने अभियोजन के मामले को पूरी तरह अविश्वसनीय बना दिया। कोर्ट के अनुसार, आरोप एक महिला पहलवान, एक पुरुष पहलवान और महादेव अकादमी के कोचों के इशारे पर सामूहिक रूप से लगाए गए और इसके पीछे गहरी साजिश नजर आती है, जो राजनीतिक रूप से प्रेरित प्रतीत होती है।
6 महिला पहलवानों ने लगाए थे आरोप
मामले में छह महिला पहलवानों ने बृजभूषण सिंह पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। दिल्ली पुलिस ने 15 जून 2023 को बृजभूषण सिंह के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। 10 मई 2024 को ट्रायल कोर्ट ने पांच महिला पहलवानों से जुड़े आरोपों पर यौन उत्पीड़न और महिला की गरिमा भंग करने के आरोप तय किए थे।
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