कानून का सही उपयोग: बहादुरपुर में एससी-एसटी अधिनियम पर बैठक
बहादुरपुर प्रखंड मुख्यालय में आयोजित बैठक में जिला कल्याण पदाधिकारी खुर्शीद आलम ने एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के दुरुपयोग को रोकते हुए न्याय की मांग में ईमानदारी की अपील की। पीड़ितों के लिए 14566 हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया और विकास मित्रों को समाज में जागरूकता फैलाने का निर्देश दिया गया।

सौजन्य से:- livehindustan.com
‘कानून की सुरक्षा के लिए है एससी-एसटी एक्ट’
शुक्रवार को बहादुरपुर प्रखंड मुख्यालय में अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की बैठक हुई। जिला कल्याण पदाधिकारी खुर्शीद आलम ने कानून के सही उपयोग पर जोर दिया। विकास मित्रों से अपील की गई कि वे समुदाय को जागरूक करें और न्याय की मांग में ईमानदारी बरतें। पीड़ितों की मदद के लिए 14566 हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है।
शशिनाथ सिंह,लहेरियासराय। अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम अनुश्रवण समिति की बैठक शुक्रवार को बहादुरपुर प्रखण्ड मुख्यालय में स्थित जनप्रतिनिधि सभागार में कार्यक्रम प्रभारी जिला कल्याण पदाधिकारी खुर्शीद आलम की अध्यक्षता में हुई। श्री आलम ने कहा कि यह कानून सुरक्षा के लिए है, किसी से बदला लेने या किसी निर्दोष को फंसाने के लिए नहीं। इस कानून का दुरुपयोग भी नहीं होना चाहिए, क्योंकि एक भी झूठा मामला इस पूरे समाज की न्याय की लड़ाई को कमजोर कर देता है। हमें पूरी ईमानदारी और सत्यनिष्ठा के साथ न्याय की मांग करनी है। प्रखंड कल्याण पदाधिकारी जिन्नि सौरभ ने कहा कि सभी विकास मित्रों से अपील करती हूं कि आप समाज के सजग प्रहरी हैं।
अपने-अपने गांवों और पंचायतों में जाकर लोगों को इस कानून के प्रति जागरूक करें। यदि कहीं कोई विवाद या अन्याय की स्थिति दिखे, तो प्रशासन और पुलिस का सहयोग लेकर उसे तुरंत सुलझाएं ताकि किसी गरीब पर अत्याचार न हो। समिति के सदस्य अशोक नायक ने कहा कि हम लोगों का एकमात्र ध्येय है कि हमारे समाज के सबसे अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को कानून की ताकत का अहसास कराना और उसे उसका हक व सम्मान दिलाना। सदस्य सचिन राम ने कहा कि सरकार ने पीड़ितों की मदद के लिए 14566 हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है। बैठक में जिला कॉर्डिनेटर गोविंद कुमार, जिला कल्याण कर्मचारी अरुण कुमार व दर्जनों विकास मित्रों ने भी विचार रखे।
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
हाईकोर्ट ने किठौर मामले में आरोपी की जमानत अस्वीकृत, गवाहों पर दबाव की सम्भावना को प्राथमिकता दी

सुप्रीम कोर्ट ने मेरठ में 16,726 अवैध निर्माणों को सील‑ध्वस्त करने का आदेश दिया

हाईकोर्ट ने डॉक्टरों को चेतावनी: इलाज में देरी नहीं, २५,००० रुपये जुर्माना

MP उच्च न्यायालय में याचिकाओं से टैक्स ऑडिट डेडलाइन पर बढ़े प्रश्न

सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प प्रशासन को विवादास्पद नागरिकता डेटाबेस के उपयोग की स्वीकृति दी

सुप्रीम कोर्ट ने SAVE डेटाबेस के इस्तेमाल को मंजूरी दी, ट्रम्प प्रशासन को राहत

सुप्रीम कोर्ट ने हिंदी को आधिकारिक भाषा बनाने की याचिका खारिज की, आदेश से नहीं थोप सकते भाषा

एपी हाई कोर्ट ने अमरावती को राजधानी मानने के बाद तीन‑राजधानी प्रस्ताव को निरर्थक घोषित किया
ताज़ा ख़बरें
- सुप्रीम कोर्ट ने क्यों नहीं रोका SIR?
- महिला पहलवानों ने बृजभूषण सिंह की बरी को चुनौती, दिल्ली कोर्ट में दायर की अपील
- ICU सुधार में नया कदम: कोर्ट ने बुनियादी ढाँचा 9 महीने, स्टाफिंग 6 महीने में पूरा करने का आदेश
- OBC क्रीमी लेयर के फैसले को लागू करने के लिए केंद्र सरकार ने दो साल की राहत मांगी
- सेवानिवृत्त हाई कोर्ट जजों के भत्ते‑पेंशन कमेटी का नेतृत्व पूर्व मुख्य न्यायाधीश को दें, सुप्रीम कोर्ट ने कहा
- सुप्रीम कोर्ट ने OBC क्रीमी लेयर पर नया फैसला सुनाया, सरकार ने लागू करने में दो साल का समय मांगा
- प्रधानमंत्री को अपमान करने के बयान से सेक्शन 352 BNS नहीं लागू, कर्नाटक हाई कोर्ट ने केस खारिज किया
- देवघर में कुख्यात गैंगस्टर शिबू मिश्रा का अचानक दिल का दौरा, पुलिस को मिली राहत

