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बिहार में ओल्ड एज होम की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को हाईकोर्ट जाने का आदेश दिया

सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में ओल्ड एज होम की मांग पर याचिकाकर्ता को पटना हाईकोर्ट जाने का निर्देश दिया। कोर्ट ने याचिकाकर्ता की ओर से दलील पर कहा कि उचित जांच के लिए हाईकोर्ट ही सबसे अच्छी संस्था है।

5 जुलाई 2026 को 11:24 am बजे
बिहार में ओल्ड एज होम की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को हाईकोर्ट जाने का आदेश दिया

सौजन्य से:- Navbharat Times

बिहार में ओल्ड एज होम की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को पटना हाईकोर्ट जाने को कहा

सुप्रीम कोर्ट ने बिहार के हर जिले में वृद्धाश्रम (ओल्ड एज होम) बनाने और चलाने से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करने से इनकार करते हुए याचिकाकर्ता को पटना हाई कोर्ट जाने का निर्देश दिया है।

वकील ने कोर्ट में दी दलील

चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की पीठ ने यह टिप्पणी उस समय की, जब याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि देशभर में बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं से युक्त वृद्धाश्रम स्थापित करने संबंधी एक मामला पहले से सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि उस मामले में शीर्ष अदालत द्वारा दिए गए निर्देशों और माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम, 2007 के प्रावधानों का बिहार में पालन नहीं हो रहा है।हाई कोर्ट जाने को कहा

सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने कहा कि आप हाईकोर्ट जाइए। इन मुद्दों की जांच के लिए हाईकोर्ट सबसे बेहतर संस्था है।अदालत ने यह भी माना कि याचिका में उठाए गए प्रश्नों का प्रभावी ढंग से निपटारा पटना हाईकोर्ट द्वारा किया जा सकता है।क्या था मामला

याचिका में बिहार सरकार द्वारा वृद्धाश्रमों से संबंधित जारी एक सर्कुलर को भी चुनौती दी गई थी। साथ ही आरोप लगाया गया कि राज्य में कुछ वृद्धाश्रम बंद किए जा रहे हैं और वहां रह रहे बुजुर्गों को दूसरी जगहों पर स्थानांतरित किया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका में किए गए दावों का उल्लेख करते हुए कहा कि मुजफ्फरपुर के एक वृद्धाश्रम में रह रहे करीब 25 से 30 निवासियों को अन्य जिलों में भेजे जाने की आशंका जताई गई है। पटना हाई कोर्ट से किया अनुरोध

सुप्रीम कोर्ट ने मामले का निपटारा करते हुए याचिकाकर्ता को पटना हाईकोर्ट जाने की स्वतंत्रता दे दी। साथ ही हाईकोर्ट से अनुरोध किया कि वह इस मामले का संज्ञान ले और यह सुनिश्चित करे कि वृद्धाश्रमों तथा वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण से जुड़े मामलों में सुप्रीम कोर्ट द्वारा पूर्व में दिए गए निर्देशों का समुचित पालन हो।कन्वर्सेशन शुरू करें

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