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अश्लीलता और अपमानजनक भाषा के अलग-अलग माने: सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण आदेश

भारतीय दंड संहिता की धारा 294 के तहत अश्लीलता को अपमानजनक या अभद्र भाषा से अलग माना जाऐगा। उच्चतम न्यायालय ने निर्णय सुनाया है कि अश्लीलता के निर्देशों से भिन्न कोई शब्द या भाषा को अश्लीलता नहीं माना जाएगा।

21 जुलाई 2026 को 06:13 am बजे
अश्लीलता और अपमानजनक भाषा के अलग-अलग माने: सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण आदेश

सौजन्य से:- Live Law

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केवल अपशब्द और भद्दे अपशब्द अश्लीलता नहीं: सुप्रीम कोर्ट ने आईपीसी की धारा 294(बी) के दायरे की व्याख्या की

लाइवलॉ न्यूज़ नेटवर्क

17 जुलाई 2026 8:01 अपराह्न IST

यह मानते हुए कि "केवल अपशब्दों, अपशब्दों और अभद्र अपशब्दों का उपयोग, चाहे वे कितने भी अरुचिकर या असभ्य हों, को अश्लीलता के साथ नहीं जोड़ा जा सकता", सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि अपमानजनक या अभद्र भाषा अपने आप में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 294 के तहत अश्लीलता का अपराध नहीं है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि कानून में अश्लीलता अश्लीलता, दुर्व्यवहार से अलग है...

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