पासपोर्ट पर क्यों नहीं मिलती नागरिकता की गारंटी!
पासपोर्ट नागरिकता का सबूत क्यों नहीं है? सुप्रीम कोर्ट के वकीलों ने सारे सवालों के जवाब दिये हैं।

सौजन्य से:- Navbharat Times
पासपोर्ट नागरिकता का पुख्ता सबूत क्यों नहीं है, सुप्रीम कोर्ट के दो वरिष्ठ वकीलों ने सारा कंफ्यूजन दूर किया
Written by: अंजन कुमार|नवभारतटाइम्स.कॉम•
भारत में पासपोर्ट को नागरिकता का पुख्ता प्रमाण नहीं माने पर चल रही बहस के बीच सुप्रीम कोर्ट के दो वरिष्ठ वकीलों ने इस पर कानूनी पक्ष सामने रखा है, जिससे सारा कंफ्यूजन दूर हो सकता है।
'पासपोर्ट एक अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था'
भारत के पूर्व सॉलिसिटर जनरल हरीश साल्वे और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा ने इंडिया टुडे को एक इंटरव्यू दिया है। इस इंटरव्यू में दोनों कानूनी विशेषज्ञों ने ताजा विवाद पर जो कुछ कहा है, उससे स्थिति साफ हो गई है और पता चल गया है कि लोगों को इस मसले पर किस वजह से दुविधा है। कानूनी तौर पर पासपोर्ट आपके देश के भीतर नागरिकता साबित करने का दस्तावेज नहीं है। पासपोर्ट एक अंतरराष्ट्रीय परिपाटी है।
'पासपोर्ट विदेशों में भारतीय नागरिक होने का प्रमाण'
उन्होंने उदारहण देकर समझाया, 'अगर मेरे पास भारतीय पासपोर्ट है और मैं यूनाइटेड किंगडम या फ्रांस जाता हूं; और मैं कहता हूं कि मैं भारतीय नागरिक हूं और पासपोर्ट दिखाता हूं, वे नहीं कह सकते कि मुझे भारतीय पासपोर्ट कैसे मिला? पासपोर्ट भारत से बाहर हमारे भारतीय नागरिक होने का पुख्ता प्रमाण है।'नागरिकता के एक दस्तावेज में ही समाधान
उनके अनुसार, 'भारत में मैं अपना नागरिकता कैसे साबित कर सकता, इसका जवाब इसमें है कि मुझे किस काम के लिए अपनी नागरिकता साबित करनी है।' उन्होंने बताया, पासपोर्ट एक ऐसा दस्तावेज है, जो नागरिकता का प्रूफ भी बन सकता है। कुछ लोग इसे मान सकते हैं और कुछ कह सकते हैं कि उन्हें कुछ और दस्तावेज चाहिए। सब कुछ संदर्भ पर निर्भर करता है। इसे संदर्भ से अलग नहीं कर सकते। पासपोर्ट एक्ट नहीं कहता कि यह सभी काम के लिए नागरिकता का प्रमाण माना जाएगा। इसके लिए कानून की आवश्यकता है और जब इसकी चर्चा होती है तो राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) पर बहस छिड़ जाती है।' समाधान यही है कि एक दस्तावेज होना चाहिए नागरिकता का। लेकिन, इसका नाम लेते ही 'तरह-तरह के नैरेटिव' शुरू हो जाते हैं।'पासपोर्ट गैर-नागरिकों को भी मिल सकता है'
इसी तरह से सुप्रीम कोर्ट के एक और सीनियर वकील सिद्धार्थ लूथरा का कहना है कि नागरिकता और पासपोर्ट दो अलग-अलग अधिनियमों से संचालित होते हैं। पासपोर्ट गैर-नागरिकों के लिए भी जारी किया जा सकता है और इसकी विभिन्न श्रेणियां होती हैं। पासपोर्ट नागरिकों को, कुछ खास श्रेणी के लोगों को और गैर-नागरिकों के लिए भी जारी हो सकता है।भारतीय नागरिकता का दावा कौन कर सकता है
उन्होंने कहा कि उदाहरण के लिए कोई शरणार्थी के तौर पर भारत आता है, उसे भी पासपोर्ट दिया जा सकता है। इसका मतलब ये नहीं हुआ कि वह भारत का नागरिक हो जाएगा। नागरिकता, नागरिकता अधिनियम और भारतीय संविधान से तय होती है, जो कि चार तरह से मिलती है। कोई विदेशी भारत आकर रह जाए और नागरिकता के लिए आवेदन करे। जन्म भारत में हुआ हो। इसकी भी भिन्न श्रेणियां हैं। फिर माता-पिता भारतीय नागरिक हैं, या उनमें से कोई एक भारतीय नागरिक है।नागरिकता संशोधन कानून लागू होने के बाद
भारत में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) लागू होने के बाद तो पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से धार्मिक उत्पीड़न का शिकार होकर आए वहां के अल्पसंख्यकों (हिंदू, बौद्ध, जैन, सिख, पारसी और ईसाई) को भी भारतीय नागरिकता मिल सकती है, बशर्ते कि वह 31 दिसंबर, 2014 से पहले भारत आ गया हो।कन्वर्सेशन शुरू करें
Indiaकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
कॉलेज पर 50 लाख के प्रदर्शनी हॉल निर्माण के लिए लगा जुर्माना, जुर्माना लगाने की जांच पर कॉलेज ने लगाई चुनौती जिला अदालत

बियानी लॉ-कॉलेज को 5 हजार का जुर्माना, छात्र को फीस लौटाने के निर्देश

न्यायमूर्ति अरुण पल्ली: भारत के सर्वोच्च न्यायालय के नवनियुक्त न्यायाधीश

कश्मीर का उच्च न्यायालय ईंधन की कीमतों को टालने के लिए आभासी सुनवाई के लिए हुआ उतरता

पेट्रोलियम कानून में संशोधन: नए विकास के अवसर तैयार करने के लिए व्यावहारिक समस्याओं का समाधान

वृंदा भंडारी के नेतृत्व में डेटा प्रोटेक्शन लॉ कोर्स की शुरुआत

लाइव लॉ एकेडमी ने वृंदा भंडारी द्वारा डेटा प्रोटेक्शन लॉ कोर्स लॉन्च किया

स्थाई लोक अदालत में विवादों का त्वरित निपटारा : एक बेहतर न्यायिक समाधान
ताज़ा ख़बरें
- पासपोर्ट का मिसाल देना होगी नागरिकता की स्थिति, नहीं तो कैसे नागरिकों की पहचान होगी?
- दल-बदल कानून का सिस्टम ही समस्या है: अभिषेक मनु सिंघवी का दावा
- एमपी हायर कोर्ट ने भोजशाला परिसर के मामले में ऐतिहासिक संदर्भ और एएसआई सर्वे रिपोर्ट का हवाला दिया
- सुप्रीम कोर्ट ने कहा- हाईकोर्ट कॉलेजियम ने जिन नामों की सिफारिश की है उसे चुनौती देने का कोई ठोस आधार नहीं है
- तेलंगाना उच्च न्यायालय ने ट्यूशन फीस प्रतिपूर्ति पर सरकार के आदेश को किया निलंबित
- राहुल गांधी-कार्तिकेय चौहान मानहानि मामले: उच्च न्यायालय ने आदेश सुरक्षित रखा
- सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प प्रशासन को सख्त आव्रजन नीति पर दी मंजूरी
- मद्रास हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: धर्म परिवर्तन से पिछड़े वर्ग का दर्जा नहीं मिलता

