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सर्किट हाउस मामला: महुआ मोइत्रा सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं, अदालत ने उल्टे पांव लौटाया, कहा- हाई कोर्ट जाइए

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने टीएमसी सांसद की उस याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है, जिसमें उन्होंने नादिया के सर्किट हाउस खाली कराने के…

24 अगस्त 2026 को 08:56 am बजे
सर्किट हाउस मामला: महुआ मोइत्रा सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं, अदालत ने उल्टे पांव लौटाया, कहा- हाई कोर्ट जाइए

सौजन्य से:- Navbharat Times

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने टीएमसी सांसद की उस याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है, जिसमें उन्होंने नादिया के सर्किट हाउस खाली कराने के खिलाफ सुनवाई की मांग की थी।

नई दिल्ली: तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सर्वोच्च अदालत ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के नादिया का सर्किट हाउस खाली कराने के खिलाफ महुआ मोइत्रा की याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है।

महुआ मोइत्रा ने पश्चिम बंगाल के नादिया में सर्किट हाउस खाली करने के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सोमवार को मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। सीजेआई ने कहा, 'हम इस पर विचार नहीं करने जा रहे हैं। यह मामला हाई कोर्ट भी सुन सकता है।'

सरकारी आवास से बेदखल करने का आरोप

तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा का आरोप है कि पश्चिम बंगाल के नादिया जिला प्रशासन ने कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन करते हुए उन्हें जिले के सर्किट हाउस में बने उनके सरकारी आवास से बेदखल कर दिया।

क्या है मामला?

दरअसल, यह घटना 14 अगस्त की है। विवाद और टकराव की स्थिति प्रशासन की तरफ से देर रात नादिया सर्किट हाउस खाली करने के लिए कहे जाने के बाद हुई। महुआ मोइत्रा ने कहा था कि वह 14 अगस्त को शाम करीब 6.15 बजे सर्किट हाउस पहुंचीं और उन्हें उनका नियमित कमरा दिया गया, जहां चाय और भोजन परोसा गया।

उन्होंने दावा किया कि रात 9.47 बजे अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट ने उन्हें फोन करके परिसर खाली करने को कहा और कथित तौर पर कहा कि निर्देश 'ऊपर से' आए हैं। इसके बाद डिप्टी कलेक्टर का व्हाट्सएप संदेश आया, जिसमें 12 अगस्त का एक आदेश था, जिसमें रखरखाव और सफाई कार्य का हवाला दिया गया था। इसके खिलाफ ही उन्होंने कोर्ट का रुख किया।

महुआ मोइत्रा ने लगाए आरोप

महुआ मोइत्रा के वकील ने आरोप लगाया था कि कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश की अवहेलना करते हुए स्थानीय प्रशासन ने कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि यह मामला संघवाद से जुड़े अहम सवाल उठाता है और इसमें निष्पक्ष जांच की जरूरत है। वकील ने यह भी कहा कि इसके लिए निष्पक्ष जांच की भी जरूरत है। यह सब तब हुआ, जब हाई कोर्ट पहले ही सुरक्षा का आदेश दे चुका था।

हालांकि, सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार कर दिया।

लेखक के बारे मेंअभिषेक पाण्डेयअभिषेक पाण्डेय नवभारत टाइम्स में डिजिटल में पत्रकार हैं। वे जुलाई- 2025 में टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के नवभारत टाइम्स, डिजिटल विंग से जुड़े। वह वर्तमान में नेशनल और दिल्ली डेस्क से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं। पत्रकारिता में बतौर रिपोर्टर और डेस्क पर काम करने का 4 वर्षों का अनुभव है। नवभारत टाइम्स में जुड़ने से पहले वह दैनिक जागरण में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत थे। अभिषेक ने 2022 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव, लोकसभा चुनाव 2024, महाकुंभ 2025 को काफी करीब से कवर किया है। अभी वह राष्ट्रीय स्तर पर हो रही सियासी उथल-पुथल, सामाजिक परिवर्तन और क्राइम से जुड़ी खबरों पर बारीकी से नजर रखते हैं।

विशेषज्ञता

उत्तर भारत के राज्यों की सियासी व आपराधिक घटनाक्रम पर अच्छी पकड़, किताबों के जरिए इतिहास को वर्तमान के पन्नों में खंगालने की कोशिश।

पत्रकारिता अनुभव

रामा यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातक की डिग्री हासिल करने के बाद अभिषेक पाण्डेय ने दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में पत्रकारिता का शुरुआती ज्ञान लिया। इसके बाद उन्होंने कई संस्थानों के लिए फ्रीलांसिग की। इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालयों के लिए जारी होने वाली धनराशि में घोटाले का खुलासा, सरकारी राशन वितरकों द्वारा 'राशन चोरी' का भंड़ाफोड़ किया, साथ ही किसान आंदोलन की ग्राउंड रिपोर्टिंग की। इसके बाद साल 2022 में दैनिक जागरण के डिजिटल विंग में बतौर सब एडिटर के पद पर अपने करियर की औपचारिक शुरुआत की। यहां उन्होंने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की डेस्क पर अपनी पकड़ मजबूत की। बेहतरीन लेखनी और कार्य के प्रति समर्पण को ध्यान में रखते हुए संस्थान ने उन्हें 2024 में वरिष्ठ उप संपादक के पद पर प्रमोट किया। दैनिक जागरण में रहते हुए उन्होंने, खबरों का संपादन, एक्सप्लेनर खबरों पर काम किया। इसके बाद अभिषेक पाण्डेय ने जुलाई 2025 में नवभारत टाइम्स के साथ अपनी पारी की शुरुआत की।

शिक्षा/पुरस्कार

मूल रूप से कानपुर से जुड़े अभिषेक पाण्डेय ने रामा यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है। दैनिक जागरण में उन्हें तीन बार बेस्ट परफॉर्मर ऑफ द मंथ से सम्मानित किया गया था।... और पढ़ें

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