राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जांच को राजनीति से दूर रखने की अपील की
सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की सुनवाई अगले हफ्ते तक टाल दी और जांच को राजनीति से दूर रखने की अपील की। अदालत ने जांच की निगरानी के लिए एक वरिष्ठ IPS अधिकारी को नियुक्त करने का सुझाव दिया।

सौजन्य से:- AajTak
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अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई, लेकिन केस पर विस्तृत सुनवाई अगले हफ्ते के लिए टाल दी गई. चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने जांच की मौजूदा स्थिति पर जानकारी ली. साथ ही कहा कि इस मामले को राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए. अदालत का मकसद सिर्फ यह सुनिश्चित करना है कि जांच अपने सही अंजाम तक पहुंचे.
सुनवाई के दौरान कोर्ट में बताया गया कि पिछली सुनवाई के निर्देशों के मुताबिक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की जा चुकी है. अदालत को जानकारी दी गई कि जांच जारी है, अब तक 8 लोगों की गिरफ्तारी हुई है और फिलहाल जांच से जुड़ी ज्यादा जानकारी साझा नहीं की जा सकती.
सुनवाई के दौरान अदालत ने जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) के गठन पर भी सवाल उठाए. कोर्ट ने कहा कि सरकार इस बारे में जरूरी निर्देश लेकर आए. पीठ ने सुझाव दिया कि जांच की निगरानी उस वरिष्ठ IPS अधिकारी को सौंपी जा सकती है, जो पहले भी इस मामले को देख चुके हैं. अदालत ने SIT के पुनर्गठन पर विचार करने को कहा, ताकि जांच बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ सके.
'जांच को राजनीति से दूर रखें'
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चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने सुनवाई के दौरान कहा कि अदालत इस मामले में पूरी सावधानी बरत रही है. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस पूरे विवाद का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए. कोर्ट का उद्देश्य सिर्फ इतना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से पूरी हो और सच सामने आए. सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई अगले हफ्ते तय की है. तब तक राज्य सरकार से SIT को लेकर जरूरी निर्देश लेने को कहा गया है. साथ ही अदालत जांच की अगली प्रगति रिपोर्ट भी देखेगी. अब सभी की नजर अगली सुनवाई पर रहेगी, जहां जांच से जुड़े कई अहम पहलुओं पर आगे की तस्वीर साफ हो सकती है.
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