मेरठ सेंट्रल मार्केट मामले में सुप्रीम कोर्ट से व्यापारियों को भीषण झटका
सुप्रीम कोर्ट ने मेरठ सेंट्रल मार्केट से जुड़े ध्वस्तीकरण के मामले में व्यापारियों को राहत नहीं दी। मामले में कोई राहत नहीं देने के साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार को नई पॉलिसी बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

सौजन्य से:- Amar Ujala
मेरठ सेंट्रल मार्केट मामला: सुप्रीम कोर्ट से व्यापारियों को राहत नहीं, ध्वस्तीकरण के आदेश बरकरार
मेरठ के शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट मामले में सुप्रीम कोर्ट के बुधवार के आदेश से व्यापारियों को कोई राहत नहीं मिली है। कोर्ट ने अवैध कॉलोनी के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार को पॉलिसी बनाने के निर्देश दिए हैं, जबकि सेंट्रल मार्केट का आदेश में कोई उल्लेख नहीं है।
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विस्तार
मेरठ के शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट मामले में व्यापारी नेता संजीव मित्तल की ओर से सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई थी। बुधवार को न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने अवैध कॉलोनी के मामलों को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार को नई पॉलिसी बनाने के निर्देश दिए। हालांकि, व्यापारियों के मुताबिक इस आदेश में सेंट्रल मार्केट या मेरठ से जुड़े ध्वस्तीकरण के मामले में कोई राहत नहीं दी गई है।
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14 जुलाई को 44 भवनों के ध्वस्तीकरण का आदेश
बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट ने 14 जुलाई को 44 भवनों को ध्वस्त करने का आदेश दिया था। परिषद की ओर से आठ अप्रैल को इन 44 भवनों को सील किया गया था। ये मूल रूप से आवासीय संपत्तियां हैं, जिनमें स्कूल, नर्सिंग होम, बैंक्वेट हॉल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और मिठाई की दुकान समेत अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही थीं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद परिषद ने इन संपत्तियों का सर्वे कर सील खोल दी थी। इसके बाद से कई आवंटी खुद ही अपनी संपत्तियों में किए गए अवैध निर्माण को हटाने में जुटे हैं।
मूल स्वरूप में लौटाने के लिए हो रहा सर्वे
परिषद की ओर से विभिन्न योजनाओं में सर्वे भी कराया जा रहा है। सर्वे के जरिए यह देखा जा रहा है कि संबंधित संपत्तियों के मूल स्वरूप में किस तरह के बदलाव किए गए हैं और कहां अवैध निर्माण किया गया है।
आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना के अनुसार, व्यापारी नेता संजीव मित्तल की ओर से दाखिल याचिका में सेंट्रल मार्केट, मेरठ या सेटबैक को लेकर कोई उल्लेख नहीं किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने अवैध कॉलोनी के मामले में सरकार को पॉलिसी बनाने के निर्देश दिए हैं।
21 सितंबर को होगी अगली सुनवाई
प्रकरण में अगली सुनवाई 21 सितंबर को होनी है। सेंट्रल मार्केट के व्यापारी नेता अर्पित मोघा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के बुधवार के फैसले से व्यापारियों को कोई राहत नहीं मिली है। उनके मुताबिक आदेश में कहीं भी सेंट्रल मार्केट का उल्लेख नहीं है और अवैध निर्माण को मूल स्वरूप में लाने के आदेश पहले से लागू हैं।
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