आंध्र, राजस्थान और बिहार में नई एनआईए विशेष अदालतें: आतंकवाद के मामलों को तेज़ी से सुलझाने का कदम
केंद्र सरकार ने आंध्र प्रदेश, राजस्थान और बिहार के उच्च न्यायालयों के साथ मिलकर तीन नई एनआईए विशेष अदालतें स्थापित की हैं। ये अदालतें, जयपुर, पटना और विशाखापत्तनम में, राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण अधिनियम, 2008 की धारा 11 के तहत, आतंकवाद से जुड़े विशेष अपराधों की सुनवाई करेंगी।

सौजन्य से:- Hindustan
तीन नई एनआईए की विशेष अदालतें बनाई गईं
केंद्र सरकार ने आतंकवाद से जुड़े मामलों के तेजी से निपटारे के लिए आंध्र प्रदेश, राजस्थान और बिहार में तीन नई एनआईए विशेष अदालतें स्थापित की हैं। यह निर्णय राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण अधिनियम के तहत लिया गया है, ताकि एनआईए द्वारा जांच किए जा रहे विशेष अपराधों की सुनवाई की जा सके।
केंद्र सरकार ने आतंकवाद से जुड़े मामलों के जल्द निपटारे की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए आंध्र प्रदेश, राजस्थान और बिहार के उच्च न्यायालयों के साथ विचार-विमर्श के बाद इन राज्यों के लिए तीन नई एनआईए विशेष अदालतें स्थापित की हैं। राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण अधिनियम, 2008 की धारा 11 के तहत मिले अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए केंद्र सरकार ने राजस्थान, पटना और आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों के साथ विचार-विमर्श करके जयपुर, पटना और विशाखापत्तनम की विशेष अदालतों को क्रमशः विशेष एनआईए अदालत के रूप में नामित किया है। गृह मंत्रालय की ओर से जारी राजपत्र अधिसूचना में कहा गया कि ये अदालतें उन अनुसूचित अपराधों की ‘विशेष रूप से सुनवाई’ करेंगी, जिनकी जांच एनआईए कर रही है।
इन अदालतों का अधिकार क्षेत्र राज्य के स्तर पर होगा और इनमें गैरकानूनी गतिविधियां (निवारण) अधिनियम से जुड़े मामलों की सुनवाई होगी।
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