महुआ मोइत्रा के खिलाफ अरेस्ट वारंट, ऋतब्रत बनर्जी बोले- देश का कानून...
महुआ मोइत्रा के खिलाफ अरेस्ट वारंट, ऋतब्रत बनर्जी बोले- देश का कानून... TMC सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ बुधवार को नादिया जिले की अदालत के आदेश के बाद जारी हुए अरेस्ट वारंट पर नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी ने निशाना साधा ह…

सौजन्य से:- ABP News
महुआ मोइत्रा के खिलाफ अरेस्ट वारंट, ऋतब्रत बनर्जी बोले- देश का कानून...
TMC सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ बुधवार को नादिया जिले की अदालत के आदेश के बाद जारी हुए अरेस्ट वारंट पर नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी ने निशाना साधा है. टीएमसी सांसद पर हेट स्पीच से जुड़ा केस दर्ज है
पश्चिम बंगाल में हेट स्पीच केस से जुड़े एक मामले में कोर्ट के समन की अनदेखी करने को लेकर टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ बुधवार को नादिया जिले की अदालत के आदेश के बाद जारी हुए अरेस्ट वारंट पर नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी ने निशाना साधा है.
उन्होंने समन की अनदेखी करने को गैरकानूनी बताया है. साथ ही कहा है कि महुआ मोइत्रा को लगता है कि 15 साल का नियम अभी भी जारी है.
ऋतब्रत बनर्जी बोले- समन जारी करना देश का कानून है
ऋतब्रत बनर्जी ने कहा, 'अगर कोई समन मिलने के बाद भी पेश नहीं होता है, तो अरेस्ट वारंट जारी करना देश का कानून है. अगर आप बार-बार समन को नजरंदाज करते हैं, तो आपके पास पक्का अरेस्ट वारंट होगा. महुआ मोइत्रा अभी भी इनकार कर रही हैं. उन्हें लगता है कि 15 साल का नियम अभी भी जारी है और वह जो चाहें कर सकती हैं. लेकिन कोर्ट के साथ ऐसा नहीं होता है. अगर आप मांगेंगे तो आपको एक या दो बार छूट मिल जाएगी, लेकिन अगर आप उनके सामने पेश नहीं होते हैं, तो अरेस्ट वारंट आम बात है.'
कोर्ट ने अपने आदेश में क्या कहा है?
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि कोर्ट के आदेश की लगातार अनदेखी, आरोपी का कोर्ट के आदेश का पालन करने के प्रति लापरवाह रवैया दिखाता है और इसलिए अदालत के पास उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचा है. इधर, महुआ के पक्ष में उनके वकील ने दलील दी है कि अगर वह पेश होती हैं, तो अदालत परिसर के बाहर उनके साथ बदसलूकी हो सकती है.
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. इनमें उनके खिलाफ धारा 79 जो महिला की गरिमा का अपमान के दायरे में आती है, धारा 196 जो समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने को लेकर है, धारा 299, धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाना और धारा 351 और 353 के तहत केस दर्ज किया गया है.
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप : सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र | Supreme Court Weekly Round-Up, Supreme Court, Weekly Round-Up

आज, 23 अगस्त को, राष्ट्रीय सभा ने छह मसौदा कानूनों को मंजूरी देने के लिए मतदान किया।

राष्ट्रीय विधानसभा ने कई महत्वपूर्ण कानूनों और संहिताओं को पारित करने के लिए मतदान किया।

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: बंद कमरे में जातिसूचक गाली देने पर SC/ST कानून लागू नहीं, जानिए ‘Public View’ की कानूनी शर्त

राष्ट्रीय विधानसभा ने छह कानूनों को पारित करने के लिए मतदान किया और दंड संहिता में संशोधनों पर चर्चा की।

"गांवों को कानून की समझ" मॉडल का शुभारंभ समारोह: डिजिटल प्लेटफॉर्म पर गांवों तक कानून को पहुंचाना।

झारखंड हाईकोर्ट में आपराधिक अपीलों का 'चौंकाने वाला पेंडिंग मामला': सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के मामले में 44 साल की देरी पर चिंता जताई

वकील मुवक्किल के खिलाफ गोपनीय जानकारी का इस्तेमाल सिर्फ इसलिए नहीं कर सकता क्योंकि वह विरोधी बन गई है: सुप्रीम कोर्ट
ताज़ा ख़बरें
- यमुना पर्यावरणः आर्ट ऑफ लिविंग पर लगा था 5 करोड़ जुर्माना, लौटाने का सुप्रीम आदेश - Supreme court orders refund rs 5 crore fine sri sri ravishankars art of living yamuna environment - Satya Hindi
- ‘जब तक वकील चाहेंगे, मैं BCI चेयरमैन रहूंगा’, सुप्रीम कोर्ट में याचिका के बीच मनन मिश्रा का करारा पलटवार
- मां की गवाही से दोषी ठहरा बेटा, धनबाद की अदालत ने भाई की पत्नी पर कुल्हाड़ी से हमले के आरोपी को दी 7 साल की सजा - dhanbad court benu gorai gets 7 years for axe attack on sister in law
- रियल एस्टेट व्यापार कानून: रियल एस्टेट बाजार में हेरफेर करने के सख्त निषिद्ध कृत्य
- सऊदी नहीं इन देशों का कानून है सबसे सख्त, छोटी सी गलती पर मिलती है मौत!
- सुप्रीम कोर्ट ने रजिस्ट्रार के खिलाफ मामला रद्द किया, कहा- एफआईआर के पीछे गुटीय विवाद आपराधिक दोषी नहीं | आपराधिक कानून का इस्तेमाल गुटीय झगड़ों को निपटाने के लिए नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट ने आपराधिक मामला रद्द किया
- कांग्रेस देश के कानून और संविधान से ऊपर नहीं : नितिन नवीन
- 2008 के रंगदारी मामले में दिल्ली पुलिस को बड़ी सफलता, 15 साल बाद कानून के शिकंजे में आया 72 साल का भगोड़ा

