तरुण तेजपाल के लिए कड़ी सजा की मांग, गोवा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया
तरुण तेजपाल के लिए कड़ी सजा की मांग, गोवा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया गोवा ने 2013 के रेप केस में तरुण तेजपाल के लिए कड़ी सजा की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. By Sumit Saxena Published : August 18, 2…

सौजन्य से:- ETV Bharat
तरुण तेजपाल के लिए कड़ी सजा की मांग, गोवा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया
गोवा ने 2013 के रेप केस में तरुण तेजपाल के लिए कड़ी सजा की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है.
By Sumit Saxena
Published : August 18, 2026 at 10:10 PM IST
नई दिल्ली: गोवा सरकार ने 2013 के रेप केस में तहलका के फाउंडर तरुण तेजपाल को मिली 10 साल की सजा बढ़ाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.
इस महीने की शुरुआत में, बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा बेंच ने तेजपाल को दोषी ठहराया और 10 साल जेल की सजा सुनाई. हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के उस फैसले को रद्द कर दिया, जिसमें उन्हें 2021 में बरी कर दिया गया था.
6 अगस्त को, हाई कोर्ट की गोवा बेंच के जस्टिस नीला गोखले और अमित जमसांडेकर ने शुरू में कहा था कि तेजपाल को दो हफ्ते के अंदर सरेंडर करना होगा, लेकिन उनके वकीलों के आग्रह के बाद, कोर्ट ने समय बढ़ाकर चार हफ्ते कर दिया.
कोर्ट ने कम से कम सजा देते हुए कहा कि यह घटना 13 साल पहले हुई थी और तेजपाल ने तब से कोई और जुर्म नहीं किया है. कोर्ट ने कहा, "दोनों पार्टी (पीड़िता और तेजपाल) अब जिंदगी में आगे बढ़ चुके होंगे." कोर्ट ने तेजपाल पर 10,21,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया, जो पीड़िता को दिया जाएगा.
हाई कोर्ट ने कहा, यौन उत्पीड़न झेलने वाली पीड़िता को जुर्माने की पूरी रकम दी जाएगी. तेजपाल ने नरमी की अपील करते हुए दावा किया कि वह एक "राजनीतिक शिकार" हैं और दो बेटियों के पिता हैं.
वहीं, गोवा सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने ज्यादा से ज्यादा सजा की मांग की ताकि यह कड़ा संदेश जाए कि 'नहीं का मतलब नहीं होता है'. बेंच ने कहा, "हम ट्रायल कोर्ट के बरी करने के आदेश को रद्द करते हैं. प्रतिवादी (तेजपाल) दोषी हैं." तेजपाल ने कहा कि वह हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगे.
उन्हें इंडियन पीनल कोड के सेक्शन 376 (2)(f) (गार्जियन या भरोसे या अधिकार वाली पोजीशन में कोई व्यक्ति किसी महिला का रेप करता है), 354 (a) (सेक्सुअल हैरेसमेंट) और 354 (b) (किसी महिला पर उसके कपड़े उतारने के इरादे से आपराधिक बल का इस्तेमाल करना) के तहत दोषी ठहराया गया है.
ये भी पढ़ें: रेप केस में तरुण तेजपाल को बॉम्बे हाई कोर्ट से झटका, 10 साल की सजा का ऐलान
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