रांची की राष्ट्रीय लोक अदालत में ट्रैफिक चालान का दंगों भरा माहौल, नागरिकों की बढ़ती नाराजगी
लगभग 30 हजार नोटिस के साथ रांची में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में मोटर वाहन मामलों के लिए विशेष बेंच के सामने बड़ी भीड़ इकट्ठी हुई, जहाँ कई लोगों ने कई चालान मिलने के कारण राहत की आशा जताई परन्तु अपेक्षित रियायत नहीं मिली। चालक चंद्रमोहन और रजिया जैसी शिकायतकर्ताओं ने लगातार मिलने वाले चालान और उनकी अनजानी कटौती को लेकर अपनी असंतुष्टि व्यक्त की। जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने आगे की सुनवाई में रियायत पर ध्यान देने का आश्वासन दिया।

सौजन्य से:- ETV Bharat
राष्ट्रीय लोक अदालत-ट्रैफिक चालान को लेकर भारी भीड़, चालान से परेशान लोगों ने लगाई गुहार
रांची की राष्ट्रीय लोक अदालत में इस बार ट्रैफिक चालान कटने से लोगों में नाराजगी है. भुवन किशोर झा की रिपोर्ट.
Published : September 12, 2026 at 5:31 PM IST
रांचीः राष्ट्रीय लोक अदालत में इस बार ट्रैफिक चालान से परेशान लोगों की संख्या सर्वाधिक दिखी. अकेले रांची सिविल कोर्ट में जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने करीब 30 हजार लोगों को इस मामले में नोटिस भेजकर राष्ट्रीय लोक अदालत में इसे सुलझाने के लिए बुलाया था. डालसा रांची की इस पहल से, मोटर वाहन मामलों की सुनवाई के लिए बनाई गई विशेष बेंच के सामने बड़ी संख्या में लोग पेश हुए. किसी के उपर गलत ड्रायविंग के लिए 15 चालान तो किसी के 28 चालान कटे थे. इस तरह से ऐसे लोगों से जुर्माने की राशि जमा कराई जा रही थी. हालांकि इन लोगों को उम्मीद थी कि लोक अदालत में कुछ रियायत मिलेगी और जुर्माने की राशि कम हो जायेगी मगर ऐसा नहीं हुआ.
ट्रैफिक चालान से संबंधित करीब 30 हजार नोटिस
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव राकेश रौशन भी मानते हैं कि मोटर वाहन मामले के केसों में लोक अदालत में रियायत जरुर मिलनी चाहिए. इसको लेकर उन्होंने भरोसा दिया कि आगे से लोक अदालत में इस पर जरूर ध्यान दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि आज की राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए करीब 50 हजार नोटिस भेजे गए जिसमें ट्रैफिक चालान से संबंधित करीब 30 हजार हैं.
पता नहीं चलता है कि कैसे चालान कट जाता हैः शिकायतकर्ता
धुर्वा के बैट्रिक ऑटो चालक चंद्रमोहन अपनी पीड़ा बताते हुए कहते हैं कि सात आठ महीने पहले उन्होंने एक ऑटो खरीदा जिसे वह धुर्वा से कांटा टोली चौक तक चलाकर अपना भरण पोषण करते हैं मगर इतने ही दिनों में करीब 17 ट्रैफिक चालान आ गए हैं, पता नहीं चलता है कि कैसे यह चालान कट जाता है. हालत यह है कि हर महीने तीन से चार ट्रैफिक चालान मैसेज के जरिए हमें मिल जाते हैं. डोरंडा की रजिया कहती हैं कि हम इस उम्मीद से आए थे कि लोक अदालत में ट्रैफिक चालान के मामले में रियायत मिलती है मगर ऐसा हुआ नहीं बेवजह मुझे 6 चालान अब तक भेजे जा चुके हैं.
धनबाद में हुआ मुख्य कार्यक्रम
डालसा के निर्देश पर आज 12 सितंबर को आयोजित इस साल के तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए राज्यभर में 295 बेंच का गठन किया गया. राष्ट्रीय लोक अदालत के मौके पर मुख्य कार्यक्रम धनबाद में आयोजित हुआ जहां न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद ने इसकी शुरुआत की. इस मौके पर रांची सहित राज्य के सभी DLSAs में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत का वर्चुअल उद्घाटन किया गया.
प्राथमिकता लंबित मामलों का निपटारा करना है
आज के राष्ट्रीय लोक अदालत में सभी प्रकार के वाद-विवाद एवं गैर-विवादित मामलों, चेक बाउंस के मामले, विद्युत चोरी के मामले, उत्पाद, वन, मोटर वाहन के मामले, पारिवारिक प्रकृति के मामले तथा विभिन्न दिवानी (revenue) मामलों की सुनवाई के साथ निष्पादन किया जा रहा है. इधर रांची जिला विधिक सेवा प्राधिकार के द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालत के मौके पर सिविल कोर्ट परिसर में 58 बेंच बनाए गए हैं जिसमें न्यायालयों में लंबित मामलों को निष्पादित करने की प्राथमिकता है.
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