जालौन में राष्ट्रीय लोक अदालत ने 2.39 लाख मामलों का निपटारा, 577 बैंक ऋण मामले सुलझे
जालौन में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में न्यायालय व जिला प्रशासन ने मिलकर 2,39,074 मामलों का निस्तारण किया। इस दौरान 577 बैंक ऋण विवादों का समझौता, 2,29,025 प्री‑लिटिगेशन मामलों का समाधान तथा 2,991 आपराधिक वादों का निपटारा हुआ। साथ ही स्वास्थ्य शिविर और सेटु ऐप द्वारा ई‑पेमेंट सुविधा जैसी नई पहलें भी लागू की गईं।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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राष्ट्रीय लोक अदालत में 2.39 लाख मामलों का निस्तारण:जालौन में 577 बैंक ऋण मामलों में समझौता, 2.29 लाख प्री-लिटिगेशन मामलों का हुआ समाधान
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जालौन में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में न्यायालयों और जिला प्रशासन के माध्यम से कुल 2,39,074 मामलों का निस्तारण किया गया। लोक अदालत का शुभारंभ सुबह 10 बजे जनपद न्यायाधीश विरजेन्द्र कुमार सिंह ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर किया। जनपद की सभी तहसीलों में स्थित दीवानी न्यायालयों में भी लोक अदालत आयोजित की गई।
लोक अदालत परिसर में स्वास्थ्य शिविर, सेतु एप से ई-पेमेंट की सुविधा
जनपद न्यायाधीश ने लोक अदालत में नई पहल करते हुए परिसर में आम लोगों के लिए स्वास्थ्य शिविर भी लगवाया। इसके अलावा यातायात संबंधी चालानों का सेतु एप के माध्यम से ई-पेमेंट करने की सुविधा का शुभारंभ जिला न्यायालय परिसर स्थित ई-सेवा केंद्र में किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव मनाली चन्द्रा ने बताया कि जनपद न्यायाधीश विरजेन्द्र कुमार सिंह ने 41 मुकदमों का निस्तारण किया। इसके तहत पक्षकारों को 2,21,71,432 रुपए की धनराशि दिलाई गई।
कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश मनोज कुमार सिंह गौतम ने 16 मुकदमों का निस्तारण किया और छह वैवाहिक प्रीलिटिगेशन मामलों का समाधान कराया। अपर कुटुंब न्यायाधीश प्रवीण कुमार पाण्डेय ने 62 मुकदमों का निस्तारण करने के साथ 10 वैवाहिक प्रीलिटिगेशन मामलों का भी निपटारा किया।
मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में 64 मामलों का निस्तारण करते हुए पीड़ित याचियों को बीमा कंपनियों से 1,32,30,000 रुपए की क्षतिपूर्ति दिलाई गई। स्थायी लोक अदालत में एक मामले का सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण हुआ।
2,991 आपराधिक वादों का निपटारा
विशेष न्यायालयों में भी बड़ी संख्या में मामलों का निस्तारण किया गया। विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट ने विद्युत अधिनियम से जुड़े 313 मुकदमों का निस्तारण किया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अभिषेक खरे ने 2,991 आपराधिक वादों का निस्तारण किया।
विभिन्न दीवानी न्यायालयों में भी सुलह-समझौते के आधार पर सैकड़ों मामलों का निपटारा कराया गया। विभिन्न न्यायालयों द्वारा 5,50,440 रुपए कोष में जमा कराए गए।
577 बैंक ऋण मामलों में समझौता
लोक अदालत के दौरान विभिन्न बैंकों के बकाया ऋण से संबंधित 577 मामलों में समझौता कराया गया। वहीं सेतु एप के माध्यम से यातायात चालानों से जुड़े 36 मामलों का निस्तारण किया गया। जिला मजिस्ट्रेट, अपर जिला मजिस्ट्रेट, उप जिलाधिकारी, नगर मजिस्ट्रेट और तहसीलदार न्यायालयों के माध्यम से राजस्व एवं फौजदारी के 2,135 मामलों का निस्तारण किया गया।
इसके अलावा विभिन्न विभागों से संबंधित प्री-लिटिगेशन प्रकृति के 2,29,025 मामलों का भी समाधान किया गया। इस तरह न्यायालयों और जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयास से लोक अदालत में बड़ी संख्या में मामलों का निपटारा कर पक्षकारों को राहत दी गई।
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