सुप्रीम कोर्ट ने बिलासपुर के SC/ST एक्ट मामले में ट्रायल पर रोक लगाई
घुमारवीं थाने में 2022 में दर्ज SC/ST एक्ट और IPC धारा 506 के तहत चल रहे मामले की सुनवाई में 10 अगस्त 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने विशेष अनुमति याचिका पर देरी को माफ कर नोटिस जारी किया और ट्रायल को स्थगित कर दिया। अगली सुनवाई 18 सितंबर को तय की गई है।

सौजन्य से:- Amar Ujala
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Bilaspur News: एससी/एसटी एक्ट मामले में ट्रायल पर सुप्रीम कोर्ट की रोक
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एससी/एसटी एक्ट मामले में ट्रायल पर सुप्रीम कोर्ट की रोकघुमारवीं थाने में 2022 में दर्ज हुआ था मामला
18 सितंबर को होगी अगली सुनवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। घुमारवीं थाने में वर्ष 2022 में दर्ज एससी/एसटी एक्ट के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बिलासपुर की विशेष अदालत में चल रहे ट्रायल की आगे की कार्यवाही पर रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट में दायर विशेष अनुमति याचिका पर 10 अगस्त 2026 को सुनवाई हुई। अदालत ने याचिका दाखिल करने में हुई देरी को माफ करते हुए नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 18 सितंबर को होगी।
मामला घुमारवीं थाना में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार 21 सितंबर 2022 को दर्ज इस एफआईआर में एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा 3(1)(आर), 3(1)(एस) और भारतीय दंड संहिता की धारा 506 के तहत मामला दर्ज किया गया था। प्रकरण बाद में बिलासपुर की विशेष अदालत में सेशन ट्रायल के रूप में चला। मामले में आरोपी की ओर से हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के 22 सितंबर 2025 के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की गई। सुप्रीम कोर्ट के रिकॉर्ड के अनुसार याचिका एसएलपी (क्रिमिनल) डायरी नंबर 43886/2026 के तहत दर्ज हुई। 10 अगस्त को न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने इसकी सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित पक्षों को तीन सप्ताह के भीतर काउंटर एफिडेविट दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद प्रत्युत्तर दाखिल किया जाना है तो अगली तारीख से पहले दाखिल करना होगा। अदालत ने स्पष्ट किया कि इसके लिए आगे कोई अवसर नहीं दिया जाएगा। दूसरे प्रतिवादी को भी काउंटर एफिडेविट और अंतरिम आवेदनों पर जवाब दाखिल करने को कहा गया है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि फिलहाल बिलासपुर के विशेष न्यायाधीश (जिला एवं सत्र न्यायाधीश) की अदालत में लंबित सेशन ट्रायल नंबर 44/2022 की आगे की सभी कार्यवाहियों पर रोक रहेगी। ऐसे में 18 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई तक इस ट्रायल में आगे की कार्रवाई नहीं होगी। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार शिकायतकर्ता ने 4 सितंबर 2022 को फोन पर गाली-गलौज, अपशब्द कहने और धमकी देने की शिकायत की थी। जांच के दौरान 17 अक्तूबर 2022 को शिकायतकर्ता ने पुलिस को बातचीत की रिकॉर्डिंग वाली सीडी भी सौंपी थी। पुलिस ने इसे साक्ष्य के तौर पर कब्जे में लेने की कार्रवाई की थी। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने मामले में केवल अंतरिम आदेश के तहत ट्रायल की आगे की कार्यवाही पर रोक लगाई है। मामले के गुण-दोष पर सुप्रीम कोर्ट ने कोई अंतिम निर्णय नहीं दिया है। 18 सितंबर की सुनवाई में संबंधित पक्षों के जवाब के बाद आगे की कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी।
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18 सितंबर को होगी अगली सुनवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। घुमारवीं थाने में वर्ष 2022 में दर्ज एससी/एसटी एक्ट के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बिलासपुर की विशेष अदालत में चल रहे ट्रायल की आगे की कार्यवाही पर रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट में दायर विशेष अनुमति याचिका पर 10 अगस्त 2026 को सुनवाई हुई। अदालत ने याचिका दाखिल करने में हुई देरी को माफ करते हुए नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 18 सितंबर को होगी।
मामला घुमारवीं थाना में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार 21 सितंबर 2022 को दर्ज इस एफआईआर में एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा 3(1)(आर), 3(1)(एस) और भारतीय दंड संहिता की धारा 506 के तहत मामला दर्ज किया गया था। प्रकरण बाद में बिलासपुर की विशेष अदालत में सेशन ट्रायल के रूप में चला। मामले में आरोपी की ओर से हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के 22 सितंबर 2025 के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की गई। सुप्रीम कोर्ट के रिकॉर्ड के अनुसार याचिका एसएलपी (क्रिमिनल) डायरी नंबर 43886/2026 के तहत दर्ज हुई। 10 अगस्त को न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने इसकी सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित पक्षों को तीन सप्ताह के भीतर काउंटर एफिडेविट दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद प्रत्युत्तर दाखिल किया जाना है तो अगली तारीख से पहले दाखिल करना होगा। अदालत ने स्पष्ट किया कि इसके लिए आगे कोई अवसर नहीं दिया जाएगा। दूसरे प्रतिवादी को भी काउंटर एफिडेविट और अंतरिम आवेदनों पर जवाब दाखिल करने को कहा गया है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि फिलहाल बिलासपुर के विशेष न्यायाधीश (जिला एवं सत्र न्यायाधीश) की अदालत में लंबित सेशन ट्रायल नंबर 44/2022 की आगे की सभी कार्यवाहियों पर रोक रहेगी। ऐसे में 18 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई तक इस ट्रायल में आगे की कार्रवाई नहीं होगी। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार शिकायतकर्ता ने 4 सितंबर 2022 को फोन पर गाली-गलौज, अपशब्द कहने और धमकी देने की शिकायत की थी। जांच के दौरान 17 अक्तूबर 2022 को शिकायतकर्ता ने पुलिस को बातचीत की रिकॉर्डिंग वाली सीडी भी सौंपी थी। पुलिस ने इसे साक्ष्य के तौर पर कब्जे में लेने की कार्रवाई की थी। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने मामले में केवल अंतरिम आदेश के तहत ट्रायल की आगे की कार्यवाही पर रोक लगाई है। मामले के गुण-दोष पर सुप्रीम कोर्ट ने कोई अंतिम निर्णय नहीं दिया है। 18 सितंबर की सुनवाई में संबंधित पक्षों के जवाब के बाद आगे की कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी।
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