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‘हम डर नहीं, भरोसे की सरकार...’, सिलीगुड़ी में तीन नए कानूनों पर बोले अमित शाह

‘हम डर नहीं, भरोसे की सरकार...’, सिलीगुड़ी में तीन नए कानूनों पर बोले अमित शाह केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल की जनता को आश्वासन दिया कि उन्हें राज्य में सीपीआई और टीएमसी शासन काल की तरह अब डर कर रहने की जरूरत…

21 अगस्त 2026 को 01:54 pm बजे
‘हम डर नहीं, भरोसे की सरकार...’, सिलीगुड़ी में तीन नए कानूनों पर बोले अमित शाह

सौजन्य से:- ABP News

‘हम डर नहीं, भरोसे की सरकार...’, सिलीगुड़ी में तीन नए कानूनों पर बोले अमित शाह

केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल की जनता को आश्वासन दिया कि उन्हें राज्य में सीपीआई और टीएमसी शासन काल की तरह अब डर कर रहने की जरूरत नहीं है. अब भाजपा उन्हें भरोसे की सरकार देगी.

- छह माह में शरणार्थियों को नागरिकता मिलेगी: शाह।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में तीन नए कानूनों को लेकर कहा कि पूरे देश में नए क्रिमिनल कानून लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, लेकिन पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जी ने राज्य में इन्हें लागू करने का नोटिफिकेशन जारी नहीं किया. इसके पीछे वजह यह थी कि नए क्रिमिनल कानून लागू होंगे, तो सिंडिकेट, कट मनी, टोल टैक्स और डर का राज पूरी तरह से खत्म हो जाएगा, इसका डर था.

उन्होंने कहा, ‘बंगाल चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बंगाल की जनता से वादा किया था. हम पर भरोसा करें. हम आपको डर की नहीं, बल्कि भरोसे की सरकार देंगे. शुभेंदु अधिकारी ने बंगाल के मुख्यमंत्री के रूप में चार्ज संभालने के बाद जिस पहली फाइल पर साइन किया था, वह हमारे तीन नए क्रिमिनल कानून लागू करने और अंग्रेजों के जमाने के कानूनों को यहां से हटाने की थी.

ममता बनर्जी के राज में बंगाल बम धमकों के डर में जीता था- शाह

पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी जिले में शुक्रवार (21 अगस्त, 2026) को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तीन नए कानूनों पर आयोजित प्रदर्शनी के शुभारंभ समारोह का उद्घाटन करने के बाद कावाखाली ग्राउंड में एक जनसभा को संबोधित किया. उन्होंने कहा, ‘नशा मुक्त भारत कैंपेन के तहत एक जरूरी इंस्टिट्यूशन का भी उद्घाटन हुआ है. ममता बनर्जी के राज में, यह राज्य, जो कभी रवींद्र संगीत से गूंजता था, वो बम धमाकों के डर में जीता था. एसिड अटैक कभी रुकते नहीं दिखे. चाहे वह आरजी कर मेडिकल कॉलेज में हुई क्रूरता हो, संदेशखली में हुई तकलीफ हो, दुर्गापुर मेडिकल कॉलेज में रेप हो, या साउथ कोलकाता लॉ कॉलेज में छेड़छाड़ हो, कोई एक्शन नहीं लिया गया.’

उन्होंने कहा, ‘मुझे पूरा भरोसा है कि न सिर्फ सरकार बदली है, बल्कि अब कानून भी बदल रहे हैं. मुझे पूरा भरोसा है कि 15 साल बाद बंगाल में फिर से कानून का राज मजबूती से कायम होगा.’ उन्होंने कहा कि हमने कई हिंदी फिल्मों और ड्रामा में देखा है, जिसमें तारीख पर तारीख, तारीख पर तारीख. मिलता है, या तो शिकायत करने वाला इंसाफ का इंतजार करते-करते मर जाएगा, या जिसे सजा मिलनी थी, वह मर जाएगा और उसके बाद ही इंसाफ मिलेगा.

उन्होंने कहा कि हमने नए क्रिमिनल कानूनों में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल शामिल किया है, ताकि पुलिस जांच के दौरान ज्यादा सबूत और टेक्निकल सबूत का इस्तेमाल कर सके. इससे इंसाफ मिलने की तेजी बढ़ेगी.’

बंगाल में कैडर राज था पहले- शाह

केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा, ‘यहां कैडर राज था. जब कम्युनिस्ट यहां सत्ता में थे, तो यहां कैडर राज था. जब TMC यहां सत्ता में थी, तो गुंडों का कैडर यहां राज करता था और अब जब मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की BJP सरकार सत्ता में आई है, तो यहां कानून का राज स्थापित हुआ है. यह एक बड़ा बदलाव है.’

बांग्लादेशी शरणार्थियों को नागरिकता देने पर बोले शाह

उन्होंने कहा, ‘जब मैं CAA (नागरिकता संशोधन अधिनियम) लाया, तो ममता बनर्जी मेरा मजाक उड़ाती थीं. आप ये कैसे करेंगे? हम इसे स्वीकार नहीं करेंगे. ममता दीदी, आपने इसे स्वीकार नहीं किया, लेकिन आप और आपकी सरकार दोनों सत्ता से बाहर हो गईं. अब BJP सत्ता में है. मैं बांग्लादेशी हिंदू, सिख और जैन शरणार्थियों से वादा करता हूं कि 6 महीने के अंदर हम आपको नागरिकता देंगे.’

उन्होंने आगे कहा, ‘केंद्रीय गृह मंत्रालय ने CAA को अंतिम रूप देने के लिए बंगाल के आठ कलेक्टरों को अपनी शक्तियां दी हैं. ऐसे सभी शरणार्थियों को निश्चित रूप से भारतीय नागरिकता मिलेगी, लेकिन घुसपैठियों को यह सुनकर खुश नहीं होना चाहिए. यह बंगाल सरकार का एक सख्त निर्णय है कि पता लगाओ, हटाओ और निर्वासित करो.’

वहीं, राष्ट्रगीत वंदे मातरम पर अमित शाह ने कहा, ‘यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि 'वंदे मातरम' को कभी पूरे दिल से नहीं अपनाया गया. यह सुनिश्चित करेगा कि आने वाली पीढ़ियों- हमारे बच्चों, किशोरों और युवाओं- को बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय का अमर संदेश मिले.’

यह भी पढ़ेंः OSM पर SC में सुनवाई, CBSE ने कहा- ‘1.68 लाख छात्रों की कॉपियां दोबारा जांचीं’

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