‘हम डर नहीं, भरोसे की सरकार...’, सिलीगुड़ी में तीन नए कानूनों पर बोले अमित शाह
‘हम डर नहीं, भरोसे की सरकार...’, सिलीगुड़ी में तीन नए कानूनों पर बोले अमित शाह केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल की जनता को आश्वासन दिया कि उन्हें राज्य में सीपीआई और टीएमसी शासन काल की तरह अब डर कर रहने की जरूरत…

सौजन्य से:- ABP News
‘हम डर नहीं, भरोसे की सरकार...’, सिलीगुड़ी में तीन नए कानूनों पर बोले अमित शाह
केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल की जनता को आश्वासन दिया कि उन्हें राज्य में सीपीआई और टीएमसी शासन काल की तरह अब डर कर रहने की जरूरत नहीं है. अब भाजपा उन्हें भरोसे की सरकार देगी.
- छह माह में शरणार्थियों को नागरिकता मिलेगी: शाह।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में तीन नए कानूनों को लेकर कहा कि पूरे देश में नए क्रिमिनल कानून लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, लेकिन पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जी ने राज्य में इन्हें लागू करने का नोटिफिकेशन जारी नहीं किया. इसके पीछे वजह यह थी कि नए क्रिमिनल कानून लागू होंगे, तो सिंडिकेट, कट मनी, टोल टैक्स और डर का राज पूरी तरह से खत्म हो जाएगा, इसका डर था.
उन्होंने कहा, ‘बंगाल चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बंगाल की जनता से वादा किया था. हम पर भरोसा करें. हम आपको डर की नहीं, बल्कि भरोसे की सरकार देंगे. शुभेंदु अधिकारी ने बंगाल के मुख्यमंत्री के रूप में चार्ज संभालने के बाद जिस पहली फाइल पर साइन किया था, वह हमारे तीन नए क्रिमिनल कानून लागू करने और अंग्रेजों के जमाने के कानूनों को यहां से हटाने की थी.
ममता बनर्जी के राज में बंगाल बम धमकों के डर में जीता था- शाह
पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी जिले में शुक्रवार (21 अगस्त, 2026) को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तीन नए कानूनों पर आयोजित प्रदर्शनी के शुभारंभ समारोह का उद्घाटन करने के बाद कावाखाली ग्राउंड में एक जनसभा को संबोधित किया. उन्होंने कहा, ‘नशा मुक्त भारत कैंपेन के तहत एक जरूरी इंस्टिट्यूशन का भी उद्घाटन हुआ है. ममता बनर्जी के राज में, यह राज्य, जो कभी रवींद्र संगीत से गूंजता था, वो बम धमाकों के डर में जीता था. एसिड अटैक कभी रुकते नहीं दिखे. चाहे वह आरजी कर मेडिकल कॉलेज में हुई क्रूरता हो, संदेशखली में हुई तकलीफ हो, दुर्गापुर मेडिकल कॉलेज में रेप हो, या साउथ कोलकाता लॉ कॉलेज में छेड़छाड़ हो, कोई एक्शन नहीं लिया गया.’
उन्होंने कहा, ‘मुझे पूरा भरोसा है कि न सिर्फ सरकार बदली है, बल्कि अब कानून भी बदल रहे हैं. मुझे पूरा भरोसा है कि 15 साल बाद बंगाल में फिर से कानून का राज मजबूती से कायम होगा.’ उन्होंने कहा कि हमने कई हिंदी फिल्मों और ड्रामा में देखा है, जिसमें तारीख पर तारीख, तारीख पर तारीख. मिलता है, या तो शिकायत करने वाला इंसाफ का इंतजार करते-करते मर जाएगा, या जिसे सजा मिलनी थी, वह मर जाएगा और उसके बाद ही इंसाफ मिलेगा.
उन्होंने कहा कि हमने नए क्रिमिनल कानूनों में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल शामिल किया है, ताकि पुलिस जांच के दौरान ज्यादा सबूत और टेक्निकल सबूत का इस्तेमाल कर सके. इससे इंसाफ मिलने की तेजी बढ़ेगी.’
बंगाल में कैडर राज था पहले- शाह
केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा, ‘यहां कैडर राज था. जब कम्युनिस्ट यहां सत्ता में थे, तो यहां कैडर राज था. जब TMC यहां सत्ता में थी, तो गुंडों का कैडर यहां राज करता था और अब जब मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की BJP सरकार सत्ता में आई है, तो यहां कानून का राज स्थापित हुआ है. यह एक बड़ा बदलाव है.’
बांग्लादेशी शरणार्थियों को नागरिकता देने पर बोले शाह
उन्होंने कहा, ‘जब मैं CAA (नागरिकता संशोधन अधिनियम) लाया, तो ममता बनर्जी मेरा मजाक उड़ाती थीं. आप ये कैसे करेंगे? हम इसे स्वीकार नहीं करेंगे. ममता दीदी, आपने इसे स्वीकार नहीं किया, लेकिन आप और आपकी सरकार दोनों सत्ता से बाहर हो गईं. अब BJP सत्ता में है. मैं बांग्लादेशी हिंदू, सिख और जैन शरणार्थियों से वादा करता हूं कि 6 महीने के अंदर हम आपको नागरिकता देंगे.’
उन्होंने आगे कहा, ‘केंद्रीय गृह मंत्रालय ने CAA को अंतिम रूप देने के लिए बंगाल के आठ कलेक्टरों को अपनी शक्तियां दी हैं. ऐसे सभी शरणार्थियों को निश्चित रूप से भारतीय नागरिकता मिलेगी, लेकिन घुसपैठियों को यह सुनकर खुश नहीं होना चाहिए. यह बंगाल सरकार का एक सख्त निर्णय है कि पता लगाओ, हटाओ और निर्वासित करो.’
वहीं, राष्ट्रगीत वंदे मातरम पर अमित शाह ने कहा, ‘यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि 'वंदे मातरम' को कभी पूरे दिल से नहीं अपनाया गया. यह सुनिश्चित करेगा कि आने वाली पीढ़ियों- हमारे बच्चों, किशोरों और युवाओं- को बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय का अमर संदेश मिले.’
यह भी पढ़ेंः OSM पर SC में सुनवाई, CBSE ने कहा- ‘1.68 लाख छात्रों की कॉपियां दोबारा जांचीं’
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप : सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र | Supreme Court Weekly Round-Up, Supreme Court, Weekly Round-Up

आज, 23 अगस्त को, राष्ट्रीय सभा ने छह मसौदा कानूनों को मंजूरी देने के लिए मतदान किया।

राष्ट्रीय विधानसभा ने कई महत्वपूर्ण कानूनों और संहिताओं को पारित करने के लिए मतदान किया।

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: बंद कमरे में जातिसूचक गाली देने पर SC/ST कानून लागू नहीं, जानिए ‘Public View’ की कानूनी शर्त

राष्ट्रीय विधानसभा ने छह कानूनों को पारित करने के लिए मतदान किया और दंड संहिता में संशोधनों पर चर्चा की।

"गांवों को कानून की समझ" मॉडल का शुभारंभ समारोह: डिजिटल प्लेटफॉर्म पर गांवों तक कानून को पहुंचाना।

झारखंड हाईकोर्ट में आपराधिक अपीलों का 'चौंकाने वाला पेंडिंग मामला': सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के मामले में 44 साल की देरी पर चिंता जताई

वकील मुवक्किल के खिलाफ गोपनीय जानकारी का इस्तेमाल सिर्फ इसलिए नहीं कर सकता क्योंकि वह विरोधी बन गई है: सुप्रीम कोर्ट
ताज़ा ख़बरें
- यमुना पर्यावरणः आर्ट ऑफ लिविंग पर लगा था 5 करोड़ जुर्माना, लौटाने का सुप्रीम आदेश - Supreme court orders refund rs 5 crore fine sri sri ravishankars art of living yamuna environment - Satya Hindi
- ‘जब तक वकील चाहेंगे, मैं BCI चेयरमैन रहूंगा’, सुप्रीम कोर्ट में याचिका के बीच मनन मिश्रा का करारा पलटवार
- मां की गवाही से दोषी ठहरा बेटा, धनबाद की अदालत ने भाई की पत्नी पर कुल्हाड़ी से हमले के आरोपी को दी 7 साल की सजा - dhanbad court benu gorai gets 7 years for axe attack on sister in law
- रियल एस्टेट व्यापार कानून: रियल एस्टेट बाजार में हेरफेर करने के सख्त निषिद्ध कृत्य
- सऊदी नहीं इन देशों का कानून है सबसे सख्त, छोटी सी गलती पर मिलती है मौत!
- सुप्रीम कोर्ट ने रजिस्ट्रार के खिलाफ मामला रद्द किया, कहा- एफआईआर के पीछे गुटीय विवाद आपराधिक दोषी नहीं | आपराधिक कानून का इस्तेमाल गुटीय झगड़ों को निपटाने के लिए नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट ने आपराधिक मामला रद्द किया
- कांग्रेस देश के कानून और संविधान से ऊपर नहीं : नितिन नवीन
- 2008 के रंगदारी मामले में दिल्ली पुलिस को बड़ी सफलता, 15 साल बाद कानून के शिकंजे में आया 72 साल का भगोड़ा

