स्वैच्छिक सेवकों का प्रशिक्षण, लोगों को लोक अदालत के प्रति जागरूक करें
बलरामपुर के जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े विवादों के त्वरित निस्तारण के लिए पैरा विधिक स्वयंसेवकों का प्रशिक्षण आयोजित किया है।

सौजन्य से:- Hindustan
स्थायी लोक अदालत के प्रचार-प्रसार को लेकर पीएलवी को दिया गया प्रशिक्षण
बलरामपुर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े विवादों के त्वरित निस्तारण के लिए पैरा विधिक स्वयंसेवकों का विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया। सभी स्वयंसेवकों को स्थायी लोक अदालत की कार्यप्रणाली और लाभों की जानकारी दी गई, ताकि वे अधिक से अधिक लोगों को इस वैकल्पिक विवाद निस्तारण व्यवस्था के प्रति जागरूक कर सकें।
बलरामपुर, संवाददाता। जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े विवादों का त्वरित, सस्ता और प्रभावी समाधान लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने शुक्रवार को पैरा विधिक स्वयंसेवकों (पीएलवी) का विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया। प्रशिक्षण में स्वयंसेवकों को स्थायी लोक अदालत की कार्यप्रणाली, अधिकार क्षेत्र और आमजन को मिलने वाले लाभों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर अधिक से अधिक लोगों को इस वैकल्पिक विवाद निस्तारण व्यवस्था के प्रति जागरूक करें। जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष उत्कर्ष चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में सचिव यशपाल वर्मा ने बताया कि स्थायी लोक अदालत का उद्देश्य जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े विवादों का आपसी सहमति और सुलह के आधार पर त्वरित निस्तारण कराना है।
उन्होंने कहा कि यदि समझौता संभव नहीं हो पाता है तो अधिनियम के प्रावधानों के तहत स्थायी लोक अदालत विवाद का गुण-दोष के आधार पर निर्णय भी दे सकती है। प्रशिक्षण के दौरान सदस्य अंबिकेश्वर मिश्र ने बताया कि परिवहन, डाक, टेलीग्राफ, विद्युत, जलापूर्ति, स्वच्छता एवं सीवरेज, अस्पताल, औषधालय, बीमा व सरकार द्वारा अधिसूचित अन्य जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े मामलों का निस्तारण स्थायी लोक अदालत में किया जाता है। उन्होंने कहा कि न्यायालय में मुकदमा दायर करने से पहले भी संबंधित पक्ष यहां आवेदन कर विवाद का समाधान प्राप्त कर सकते हैं, जिससे समय और धन दोनों की बचत होती है। सचिव यशपाल वर्मा ने सभी पैरा विधिक स्वयंसेवकों से कहा कि वे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों को स्थायी लोक अदालत की उपयोगिता से अवगत कराएं। उन्होंने आमजन से अपील की कि जनोपयोगी सेवाओं से संबंधित विवादों के समाधान तथा निःशुल्क विधिक सहायता के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क करें।
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