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सुप्रीम कोर्ट के जज ने भ्रष्टाचार मामले में द्रमुक नेता की अग्रिम जमानत याचिका से अलग होने का फैसला

सुप्रीम कोर्ट के जज वी मोहना ने द्रमुक नेता वी सेंथिल बालाजी की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है। यह मामला शुक्रवार को उनके बैंच के सामने आया था।

31 जुलाई 2026 को 08:15 am बजे
सुप्रीम कोर्ट के जज ने भ्रष्टाचार मामले में द्रमुक नेता की अग्रिम जमानत याचिका से अलग होने का फैसला

सौजन्य से:- ETV Bharat

भ्रष्टाचार का नया मामला: सुप्रीम कोर्ट के जज ने द्रमुक नेता की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग किया

सुप्रीम कोर्ट के जज वी मोहना ने सेंथिल बालाजी की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है.

By Sumit Saxena

Published : July 31, 2026 at 1:18 PM IST

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस वी मोहना ने शुक्रवार को द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) नेता वी सेंथिल बालाजी की भ्रष्टाचार के एक नए मामले में अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया.

यह मामला सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची और वी मोहना की बेंच के सामने आया. सीजेआई की अगुवाई वाली बेंच ने कोर्ट को जस्टिस मोहना के सुनवाई से अलग होने की जानकारी दी. सीजेआई ने कहा कि वह, जस्टिस जॉयमाल्या बागची के साथ, आवेदन की तात्कालिकता के कारण दोपहर 1 बजे सुनवाई करेंगे.

गुरुवार को, सुप्रीम कोर्ट तमिलनाडु स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन (TASMAC) में कथित गड़बड़ियों से जुड़े भ्रष्टाचार के एक नए मामले में बालाजी की गिरफ्तारी से पहले जमानत की याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत हो गया.

हाई कोर्ट ने उन्हें तमिलनाडु डायरेक्टरेट ऑफ विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन (DVAC) के उस केस में गिरफ्तारी-पूर्व जमानत देने से इनकार कर दिया, जिसमें तमिलनाडु स्टेट मार्केटिंग कॉर्रोपरेशन (TASMAC) के रिटेल शराब बिजनेस में कथित गड़बड़ियों की वजह से सरकारी खजाने को 32.81 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था.

मद्रास हाई कोर्ट के जज जस्टिस जी के इलांथिरायन ने कहा कि बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और गड़बड़ियों की साजिश के जरिए सरकारी पदों का गलत इस्तेमाल करने के आरोपों को देखते हुए, इस मामले में हिरासत में पूछताछ जरूरी है.

पिछली द्रमुक सरकार में विद्युत, निषेध और आबकारी विभागों के पूर्व मंत्री वी सेंथिल बालाजी ने 28 जुलाई, 2026 को डीवीएसी द्वारा दर्ज एफआईआर में गिरफ्तारी के डर से हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी दी थी.

ये भी पढ़ें: 'संघीय ढांचे, राज्य के जांच के अधिकार का क्या होगा', TASMAC मामले में सुप्रीम कोर्ट ने ED से पूछे सवाल

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