होममुकदमेकेंद्र का कहना, पहचान की आधिकारिक पुष्टि जरूरी पहले
मुकदमे

केंद्र का कहना, पहचान की आधिकारिक पुष्टि जरूरी पहले

केंद्र सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में यह कहा है कि विदेशी नागरिकों को तब तक उनके मूल देश न भेजा जा सकता है, जब तक उनकी राष्ट्रीयता की आधिकारिक पुष्टि न हो जाए और संबंधित देश उनको अस्वीकार नहीं करता।

1 अगस्त 2026 को 10:15 am बजे
केंद्र का कहना, पहचान की आधिकारिक पुष्टि जरूरी पहले

सौजन्य से:- Amar Ujala

{"_id":"6a6dc0b3e6130d53400810a4","slug":"centre-tells-supreme-court-foreigners-cannot-be-deported-without-nationality-verification-2026-08-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"'पहले पहचान, फिर निर्वासन': विदेशी नागरिकों पर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में रखा पक्ष, और क्या कहा?","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}

'पहले पहचान, फिर निर्वासन': विदेशी नागरिकों पर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में रखा पक्ष, और क्या कहा?

Sat, 01 Aug 2026 03:17 PM IST

Devesh Tripathi

पीटीआई, नई दिल्ली

पीटीआई, नई दिल्ली

Published by: Devesh Tripathi

Updated Sat, 01 Aug 2026 03:17 PM IST

सार

विदेशी नागरिकों के निर्वासन से जुड़े मामले में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि किसी व्यक्ति को तब तक उसके मूल देश नहीं भेजा जा सकता, जब तक उसकी राष्ट्रीयता की आधिकारिक पुष्टि न हो जाए और संबंधित देश उसे स्वीकार करने के लिए सहमत न हो। सरकार के अनुसार, निर्वासन की प्रक्रिया के लिए वैध यात्रा दस्तावेज और दूतावास के माध्यम से पहचान का सत्यापन अनिवार्य है।

विज्ञापन

खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें

या

वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें

अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो

विस्तार

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि जिस विदेशी नागरिक की राष्ट्रीयता की पुष्टि नहीं हुई है, उसे उसके देश से पुष्टि और स्वीकार्यता मिलने तक निर्वासित नहीं किया जा सकता। यह बात गृह मंत्रालय ने शीर्ष अदालत में दाखिल अपने हलफनामे में कही है। हलफनामा उस याचिका पर दायर किया गया है, जिसमें असम में विदेशी घोषित किए गए ऐसे लोगों को अनिश्चितकाल तक हिरासत में रखने को चुनौती दी गई है, जिनके निर्वासन की कोई संभावना नहीं है।

केंद्र सरकार ने हलफनामे में कहा, "जिस विदेशी नागरिक की राष्ट्रीयता अज्ञात या सत्यापित नहीं है, उसे उसके मूल देश में तभी भेजा जा सकता है, जब उसकी राष्ट्रीयता की पुष्टि हो जाए, उसके पास वैध यात्रा दस्तावेज हों या संबंधित देश उसे स्वीकार करने के लिए सहमत हो। राष्ट्रीयता का सत्यापन किए बिना निर्वासन की प्रक्रिया शुरू नहीं की जा सकती।"

ये भी पढ़ें: कर्नाटक सरकार का बड़ा फैसला: पांच साल में घर नहीं बनाया तो वापस होगा प्लॉट; मुख्यमंत्री शिवकुमार ने क्या कहा?

विज्ञापन

निर्वासन के लिए कौन सा दस्तावेज होना जरूरी?

केंद्र के अनुसार, किसी विदेशी नागरिक को संबंधित राज्य सरकार, केंद्र शासित प्रदेश या विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) तब निर्वासित कर सकता है, जब उसकी सजा पूरी हो जाए या अदालत की कार्यवाही समाप्त हो जाए। इसके लिए यह भी आवश्यक है कि संबंधित व्यक्ति के पास वैध पासपोर्ट या यात्रा दस्तावेज हो और उसके खिलाफ कोई अन्य आपराधिक मामला लंबित न हो।

दूतावास से लेना होगा यात्रा दस्तावेज

गृह मंत्रालय ने कहा कि किसी विदेशी नागरिक को निर्वासित करने से पहले संबंधित देश के दूतावास या उच्चायोग के माध्यम से उसकी राष्ट्रीयता का सत्यापन कराया जाना जरूरी है। हलफनामे में कहा गया है कि राष्ट्रीयता की पुष्टि की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही संबंधित देश के दूतावास या उच्चायोग से आवश्यक यात्रा दस्तावेज प्राप्त किए जा सकते हैं और उसके बाद ही निर्वासन की कार्रवाई संभव होगी।

विज्ञापन

केंद्र सरकार ने हलफनामे में कहा, "जिस विदेशी नागरिक की राष्ट्रीयता अज्ञात या सत्यापित नहीं है, उसे उसके मूल देश में तभी भेजा जा सकता है, जब उसकी राष्ट्रीयता की पुष्टि हो जाए, उसके पास वैध यात्रा दस्तावेज हों या संबंधित देश उसे स्वीकार करने के लिए सहमत हो। राष्ट्रीयता का सत्यापन किए बिना निर्वासन की प्रक्रिया शुरू नहीं की जा सकती।"

विज्ञापन

ये भी पढ़ें: कर्नाटक सरकार का बड़ा फैसला: पांच साल में घर नहीं बनाया तो वापस होगा प्लॉट; मुख्यमंत्री शिवकुमार ने क्या कहा?

विज्ञापन

निर्वासन के लिए कौन सा दस्तावेज होना जरूरी?

केंद्र के अनुसार, किसी विदेशी नागरिक को संबंधित राज्य सरकार, केंद्र शासित प्रदेश या विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) तब निर्वासित कर सकता है, जब उसकी सजा पूरी हो जाए या अदालत की कार्यवाही समाप्त हो जाए। इसके लिए यह भी आवश्यक है कि संबंधित व्यक्ति के पास वैध पासपोर्ट या यात्रा दस्तावेज हो और उसके खिलाफ कोई अन्य आपराधिक मामला लंबित न हो।

दूतावास से लेना होगा यात्रा दस्तावेज

गृह मंत्रालय ने कहा कि किसी विदेशी नागरिक को निर्वासित करने से पहले संबंधित देश के दूतावास या उच्चायोग के माध्यम से उसकी राष्ट्रीयता का सत्यापन कराया जाना जरूरी है। हलफनामे में कहा गया है कि राष्ट्रीयता की पुष्टि की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही संबंधित देश के दूतावास या उच्चायोग से आवश्यक यात्रा दस्तावेज प्राप्त किए जा सकते हैं और उसके बाद ही निर्वासन की कार्रवाई संभव होगी।

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने किया भीड़ प्रबंधन में व्यापक सुधार का आह्वान
मुकदमे

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने किया भीड़ प्रबंधन में व्यापक सुधार का आह्वान

बॉम्बे हाई कोर्ट ने साफ-सफाई के प्रति लापरवाही की आलोचना की, सख्त कार्रवाई की मांग की
मुकदमे

बॉम्बे हाई कोर्ट ने साफ-सफाई के प्रति लापरवाही की आलोचना की, सख्त कार्रवाई की मांग की

व्यभिचार में लिप्त पत्नी को गुजारा भत्ता देने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार
मुकदमे

व्यभिचार में लिप्त पत्नी को गुजारा भत्ता देने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

भारत में स्वच्छता मानसिकता की कमी पर बॉम्बे हाई कोर्ट की कड़ी आलोचना
मुकदमे

भारत में स्वच्छता मानसिकता की कमी पर बॉम्बे हाई कोर्ट की कड़ी आलोचना

सुप्रीम कोर्ट का फैसला: पत्नी को गुजारा भत्ता देने से पहले व्यभिचार आरोप पर निर्णय हो
मुकदमे

सुप्रीम कोर्ट का फैसला: पत्नी को गुजारा भत्ता देने से पहले व्यभिचार आरोप पर निर्णय हो

सड़कों पर पशुओं से हादसों में अब मुआवजा देना होगा: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों से कहा
मुकदमे

सड़कों पर पशुओं से हादसों में अब मुआवजा देना होगा: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों से कहा

व्यभिचार का मामला साबित होने पर पत्नी गुजाराभत्ता की हकदार नहीं होगी: सुप्रीम कोर्ट
मुकदमे

व्यभिचार का मामला साबित होने पर पत्नी गुजाराभत्ता की हकदार नहीं होगी: सुप्रीम कोर्ट

स्थायी लोक अदालत ने जुलाई में त्वरित न्याय दिलाया, 375 मामलों की सुनवाई
मुकदमे

स्थायी लोक अदालत ने जुलाई में त्वरित न्याय दिलाया, 375 मामलों की सुनवाई

ताज़ा ख़बरें