वंदे मातरम् के अपमान पर क्या सजा है? जानें क्या है नए कानून का मतलब
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और सोनिया गांधी के खिलाफ शिकायत हुई है कि वे 15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम् के गायन के दौरान जानबूझकर व्यवधान पैदा किया। हालांकि, DCP ने कहा कि मामले की जांच हो रही है और कोई आरोप नहीं लगाए गए हैं। नए कानून में 1971 के कानून में संशोधन हुआ है जो राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' को भी उसी वैधानिक सुरक्षा के दायरे में लाता है।

सौजन्य से:- Navbharat Times
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राहुल-सोनिया पर आखिर आरोप क्या है?
कांग्रेस मुख्यालय में 15 अगस्त 2026 को वंदे मातरम् के पूर्ण संस्करण के गायन के दौरान सोनिया गांधी के मल्लिकार्जुन खड़गे से बातचीत और कुछ इशारे किए जाने का वीडियो सामने आया। BJP ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी ने वंदे मातरम् को बीच में रुकवाने की कोशिश की। कांग्रेस ने आरोप से इनकार करते हुए कहा कि सोनिया गांधी केवल लंबे समय से खड़े खड़गे के लिए कुर्सी मांग रही थीं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के आधार पर सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ पुलिस थाने में शिकायत देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि 15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम् के गायन के दौरान जानबूझकर व्यवधान पैदा किया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक शिकायत में कहा गया है कि वीडियो जो समाचार चैनलों पर चल रहा है और कई राजनैतिक बहसों का हिस्सा बन चुका है, से साफ जाहिर है कि वंदे मातरम् के गायन को सोनिया गांधी के द्वारा रुकवाने की कोशिश की गई।DCP सेंट्रल ने क्या कहा?
सेंट्रल जिले के DCP रोहित राजबीर सिंह ने 17 अगस्त को कहा कि 15 अगस्त को AICC मुख्यालय में वंदे मातरम् गाते समय हुई कथित घटना के संबंध में मिली शिकायत की जांच की जा रही है।कह सकते हैं कि इस बयान का कानूनी महत्व यह है कि पुलिस फिलहाल घटना के तथ्यों की जांच कर रही है। DCP के बयान में राहुल गांधी या सोनिया गांधी को दोषी ठहराने की बात नहीं कही गई है। शिकायत में लगाए गए आरोप अभी जांच का विषय हैं। इसलिए खबर को इस रूप में प्रस्तुत करना कि दोनों नेताओं ने निश्चित रूप से राष्ट्रगीत का अपमान किया, मौजूदा पुलिस रिकॉर्ड के आधार पर जल्दबाजी होगी।वंदे मातरम् पर नया कानून वास्तव में क्या कहता है?
- संसद ने Prevention of Insults to National Honour (Amendment) Bill, 2026 पारित किया जो 11 अगस्त 2026 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी के बाद कानून बन चुका है। इसका उद्देश्य 1971 के कानून में संशोधन करके राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को भी उसी वैधानिक सुरक्षा के दायरे में लाना है, जो राष्ट्रीय गान को मिली हुई है। मतलब यह कि 2026 का संशोधन Prevention of Insults to National Honour Act , 1971 की धारा 3 का दायरा बढ़ाकर राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् को भी शामिल किया है।
- पहले 1971 के कानून की धारा 3 में किसी व्यक्ति द्वारा जानबूझकर राष्ट्रीय गान के गायन को रोकना या उसके गायन में व्यवधान डालना अपराध था। इसकी सजा 3 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों है। संशोधन के बाद यही प्रावधान वंदे मातरम् पर भी लागू किया गया है। यानी जानबूझकर वंदे मातरम् के गायन को रोकना या गायन में व्यवधान डालना अपराध बनता है।
- कितनी सजा हो सकती है? पहली बार करने पर अधिकतम 3 साल की जेल, या जुर्माना, या दोनों। दूसरी और हर अगली दोषसिद्धि पर कम से कम 1 साल की जेल का प्रावधान है। लेकिन एक बेहद जरूरी कानूनी फर्क है कि कानून का निशाना जानबूझकर रोकने या व्यवधान डालने पर है। इसका मतलब यह नहीं कि वंदे मातरम् की हर स्थिति में न गाने वाला व्यक्ति अपने-आप 3 साल की सजा का दोषी हो जाएगा। अपराध के लिए कानून में बताए गए कृत्य और उसकी मंशा साबित करना जरूरी होगा।
क्या हर तरह का 'अपमान' अब अपराध है?
यहां सबसे जरूरी लीगल फैक्ट समझना होगा। नए प्रावधान को केवल यह कहकर समझना सही नहीं होगा कि वंदे मातरम् के प्रति हर प्रकार का कथित 'अनादर' अपने आप अपराध बन गया है। धारा 3 का विशेष अपराध जानबूझकर गायन रोकने या गायन में लगी सभा में व्यवधान डालने से जुड़ा है। इसलिए किसी वीडियो में किसी व्यक्ति का असहज दिखना, बातचीत करना या कोई इशारा करना अपने आप में दोषसिद्धि के बराबर नहीं है। पुलिस और बाद में अदालत को यह देखना होगा कि आचरण वास्तव में कानून में वर्णित कृत्य के दायरे में आता है या नहीं और उसमें आवश्यक वजह मौजूद थी या नहीं।Tribunal Reforms Bill संसद से पास, सुप्रीम कोर्ट के फैसले से क्या कनेक्शन? 16 ट्रिब्यूनलों पर रखेगा नजर
क्या राहुल-सोनिया पर अभी सजा या FIR तय मानी जाए?
इसक सीधा जवाब है, नहीं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार शिकायत हुई है और दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच शुरू की है। DCP सेंट्रल का बयान भी इसी जांच की पुष्टि करता है। इसलिए अभी तीन बातें अलग रखना जरूरी है:- शिकायत दर्ज होना >> आरोप लगाया जाना।
- पुलिस जांच >>आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच।
- दोषसिद्धि >> अदालत द्वारा अपराध साबित होना।
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