शुभेंदु अधिकारी की कड़ी कार्रवाई: तोलाबाजी पर कठोर कानून और अनधिकृत मदरसों को बंद करने का आदेश
पश्चिम बंगाल सरकार जल्द ही एक ऐसा विधेयक पेश कर सकती है जिसमें तोलाबाजी, जबरन वसूली और सिंडिकेट राज के विरुद्ध कड़ी सजा, संभावित रूप से दस साल तक की जेल, निर्धारित की जाएगी। साथ ही राज्यव्यापी सर्वेक्षण के बाद 252 मदरसों को बंद किया गया और लगभग 100 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, क्योंकि उनके पास आवश्यक मंजूरी और बुनियादी ढांचा नहीं था। ये कदम नागरिकों को सुरक्षा प्रदान करने और शैक्षणिक संस्थानों की वैधता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाए गए हैं।

सौजन्य से:- Hindustan
बंगाल में तोलाबाजों की होगी छुट्टी? वसूली के खिलाफ बेहद कड़ा कानून लाएंगे शुभेंदु अधिकारी
बंगाल में शुभेंदु अधिकारी की सरकार अवैध वसूली के खिलाफ कड़ा कानून लाने की तैयारी कर रही है। सिंडिकेट राज और तोलाबाजी को खत्म करने के लिए जल्द ही विधानसभा में विधेयक पेश किया जा सकता है।
पश्चिम बंगाल में तोलबाजों की अब छुट्टी होने वाली है। शुभेंदु अधिकारी की सरकार जबरन वसूली करने वालों के खिलाफ बेहद कड़ा कानून बनाने जा रही है। बताया जा रहा है कि इससे राज्य के लाखों लोगों को राहत मिलेगी। शुभेंदु अधिकारी की सरकार जबरन वसूली, तोलाबाजी और सिंडिकेट राज पर कड़ा प्रहार करना चाहते हैं। कानून में ऐसे प्रावधान किए जा सकते हैं कि तोलाबाजी करने वाले लोगों पर तत्काल ऐक्शन हो। इसलिए हो सकता है कि जल्द ही विधानसभा में विधेयक पेश किया जाए।
बीजेपी का आरोप है कि पिछली सरकारों में इस तरह के सिस्टम को संरक्षण दिया गया और इसलिए जबरन वसूली का खेल आम हो गया। अब कानून आने के बाद अगर कोई अवैध तरीके से वसूली का प्रयास करता है तो उसे 10 साल तक की सजा का प्रावधान हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक सरकार चाहती है कि राज्य में सरकारी योजनाओं के नाम पर या फिर सुरक्षा के नाम पर वसूली बंद हो।
252 मदरसे बंद करने का आदेश
पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्यव्यापी सर्वेक्षण के बाद 252 मदरसों को बंद करने का आदेश दिया है और करीब 100 अन्य को 'कारण बताओ नोटिस' जारी किया है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। सर्वेक्षण में पाया गया कि इनमें से कई संस्थानों के पास जरूरी मंजूरी नहीं थी और वहां बुनियादी ढांचे का भी अभाव था।
अल्पसंख्यक मामलों एवं मदरसा शिक्षा विभाग के मंत्री खुदीराम टुडू ने कहा कि जिन मदरसों के पास जरूरी मंजूरी है, वे संचालित होते रहेंगे। विभाग ने सरकारी और निजी मदरसों के बुनियादी ढांचे, मंजूरी की स्थिति और प्रबंधन व्यवस्था का आकलन करने के लिए जून की शुरुआत से पश्चिम बंगाल के सभी जिलों में जमीनी स्तर पर सर्वेक्षण किया था।
अधिकारियों ने बताया कि संबंधित मदरसों को 'कारण बताओ नोटिस' जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि उनके जवाबों की पड़ताल करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। टुडू ने बताया कि यह कवायद विभिन्न जिलों में अधिकृत और अनधिकृत मदरसों की संख्या का पता लगाने के लिए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निर्देश पर शुरू की गई थी।
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