डाक मतपत्र नियम पर ट्रम्प को अदालत की चेतावनी
वॉशिंगटन के जज कार्ल निकोल्स ने यूएसपीएस के नए डाक‑मतपत्र नियम पर प्रारंभिक रोक लगाई, कहा कि यह कुछ लोगों के लिए मतदान कठिन बना सकता है। यह आदेश डेमोक्रेटिक पार्टी की मांग पर आया, जिसने नियम को संघीय सरकार के गैरकानूनी हस्तक्षेप के रूप में दर्ज किया।

सौजन्य से:- Hindustan
डाक मतपत्र नियम पर ट्रंप को अदालत से झटका
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रशासन को डाक से मतदान के नियमों को कड़े करने से रोकने के लिए दूसरी अदालत ने आदेश दिया है। वॉशिंगटन के न्यायाधीश कार्ल निकोल्स ने कहा कि नए नियम कुछ लोगों के लिए मतदान करना मुश्किल बना सकते हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी ने इस नियम को गैरकानूनी हस्तक्षेप बताया।
वॉशिंगटन, एजेंसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन को डाक से मतदान के नियम कड़े करने से रोकने के लिए दूसरी अदालत ने भी आदेश जारी किया है। अदालत ने रविवार देर रात अमेरिकी डाक सेवा (यूएसपीएस) के नए नियम के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी। वॉशिंगटन स्थित अमेरिकी जिला न्यायाधीश कार्ल निकोल्स का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव में संसद के दोनों सदनों में अपना नियंत्रण बनाए रखने की कोशिश कर रही है। निकोल्स ने डेमोक्रेटिक पार्टी के अनुरोध पर नए नियम पर प्रारंभिक रोक लगाने का आदेश दिया।
डेमोक्रेटिक पार्टी ने इस नियम को चुनाव संचालन में संघीय सरकार का गैरकानूनी हस्तक्षेप बताया था। ट्रंप द्वारा अपने पहले कार्यकाल में नियुक्त किए गए न्यायाधीश निकोल्स ने कहा कि नए नियम से कुछ लोगों के लिए डाक के जरिये मतदान करना मुश्किल हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि नए नियम के कुछ प्रमुख प्रावधान बनाने के लिए डाक सेवा के पास कानूनी अधिकार नहीं है।
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